शनिवार, 28 जुलाई 2018

नारी शक्ति देश की

*नारी शक्ति देश की*

नारी शक्ति देश की,जाग जाग जाग
बुरी शक्तियों को अब,दाग दाग दाग

द्रोपती सीता जैसी,बन जाओ दुर्गा काली।
आज ये दिखा सबको, कितनी है शक्तिशाली।

बैरियों के मुख निकले भाग भाग भाग......!

जीजा जैसी ज्ञान दे,लक्ष्मी सा प्राण दे।
अनुसुइया की धरती पर, सतित्व का मान दे।

मधुबन राधा गाये,फाग फाग फाग.......!

कलयुग की नारी हो,दुष्ट को संघारी हो।
आये जो समक्ष तेरे,सबको ललकारी हो।

छोड़ अनुराग दिखा,राग राग राग......!

ममता तेरी प्यारी है,जग से भी न्यारी है।
इस धरा की गोद में,राम को उतारी है।

जिसकी सेवा में लगे,नाग नाग नाग.....!

दिया तुने हमें भगत,और वीर आजाद को।
डिगा सके न शत्रु,तेरे इन फौलाद को।

लेकर बंदुक गोली,दाग दाग दाग.....!

एक तेरी जय हो,ऐसा कोई समय हो।
सबका तुझे मान मिले,सबका प्रणय हो।

ले चिंगारी धधके,आग आग आग.....!

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो:-९६१७५८९६६७
http://arhkepagakalagi.blogspot.com

शुक्रवार, 27 जुलाई 2018

हाथ ले मशाल तू

*युवाओं की रगो में जोश भरती कविता तोषण कुमार चुरेन्द्र की कलम से भारत माता की अंतरात्मा से निकली वाणी*


*हाथ ले मशाल तू*

*उठ मेरे लाल तू,बनके महाकाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।*

संकटों की राह पर,
दम्भ भरले बाँह पर।
भीड़ तू चट्टान से,
जय कर तू आह पर।

*ध्वज तिरंग सम्हाल तू,रूप ले विकराल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।१।।*

अस्मत लुटे नहीं,
किस्मत मिटे नहीं।
हो विचार क्रांति का,
हिम्मत डिगे नहीं।

*बनके भूचाल तू,हो प्रलयंकाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।२।।*

दुश्मनों का चैन लूट,
होकर सब एकजूट।
कर दे तू शंखनाद,
दुश्मनों के छक्के छूट।

*बनके लाल बाल पाल तू,दिखा जरा कमाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,बाथ ले मशाल तू।।३।।*

केसरी दहाड़ बन,
हिमालय पहाड़ बन।
काश्मीर की घाटी में,
फौजी की हुंकार बन।

*खींच दुश्मनों के खाल तू,कर दे धरा लाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।४।।*

पापियों की हार हो,
दुष्टों का संघार हो।
एक तेरी जय गुँजे,
हाथ जो तलवार हो।

*कर दे धमाल तू,हो जाये कमाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।५।।*

रगो में रवान भर,
जोश को जवान कर।
ले कलम तू हाथ में,
देश को महान कर।

*जोहर का लाल तू,खूँ में भर ऊबाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे, हाथ ले मशाल तू।।६।।*

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़, ४९१७७१
मो:-९६१७५८९६६७

मंगलवार, 17 जुलाई 2018

होगे मन बइमान रे

होगे मन बइमान रे भइय्या, होगे मन बइमान रे.
जेती जाथँव तेती देखथँव, मइनखे हे शइतान रे. भइय्या होगे मन बइमान

कहूँ बेटी के लुटत हे इज्जत,कोनो दारु पीके मारत हे.
चोर ढोर के संगत करे,जिनगी ल नइ सँवारत हे.
बइठे खेलत हावय जुआ,का कोलकी मइदान रे
होगे मन बइमान रे भइय्या, होगे मन बइमान रे.

ददा दाई के कमई म फुदरे,नटेर के आँखी देखावत हे.
छोटे बड़े के लिहाज न थोरको,सरम ल बेंच के खावत हे.
सोंच सोंच के तोषण काँपे,कइसे होही कलियान रे
होगे मन बइमान रे भइय्या, होगे मन बइमान रे.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

मंगलवार, 10 जुलाई 2018

जय जोहार

============={•}==============
*होवत बिहना झोक ले,.....मोरो जय जोहार!*
*राम नाम के संग में....,मिलही खुशी अपार!!*
============={•}==============
*सुग्घर जिनगी हे मिले,....करले तँय उदधार!*
*जपले तँय हरि नाम ला,तब मिलही भंडार!!*
============={•}==============

रविवार, 8 जुलाई 2018

राम कथा

=============
विषय दर्श कामना
=============
हे!
मेरे
राघव
दर्शन दो
तरसे नैन
जीवन बुढ़ापा
कहते दशरथ !!
=============
विषय राम जनम
=============
श्री
राम
जनम
हितकारी
जग पावन
मगन दशरथ
कौशिल्या महतारी
=============
विषय सीता स्वयंबर
=============
लो
राम
लखन
विश्वामित्र
सिया बिहाने
लगा स्वयंबर
जयकार राम की!!
==============
विषय राम बनवास
==============
है
आज्ञा
राघव
चले वन
भ्राता सपत्नि
दशरथ दुखी
नगर पुर वासी !!
=============
विषय सीताहरण
=============
श्री
हीन
रावण
चल पड़ा
सिया हरने
मारीच हिरण
पीछा करते राम !!
=============
तोषण कुमार चुरेन्द्र

शनिवार, 7 जुलाई 2018

गाले गाले गाले गाले

गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

मुट्ठी बाँध के आये जगत में, हाथ पसारे जाबे.
भटकत रहिबे मोह माया म, पाछू फेर पछताबे.
गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

गाईन मीरा तुलसी कबीरा, प्रभु दरस ल पाईन.
अंतस म सियाराम बसाके, जिनगी धन्य बनाईन.
गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

चारेच दिन के सुग्घर मेला, आखिर ये माटी के ढेला
झन फंसे र चटक चाँद म, दू दिन के हे झमेला.
गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र

कहती मेरी कविता

बहती धरणी के वक्षस्थल से,गंगनीर की सरिता है.
ध्यान लगाकर सुन लो,कहती मेरी कविता है.

उत्तर में है कश्मीर की घाटी,भारत का है जो ताज रहा.
अरियों की गुस्ताखी देखो,आँख है खोले ताक रहा.
पाक होकर इस जहान में,सदा रही पतिता है.
ध्यान लगाकर सुन लो........

मिट गये कितनों मिटाने वाले,भारत माँ की शान को.
लाल बाल सुखदेव राजगुरू,मिल जो बचाये आन को.

आ जाते हैं जो काम देश के,मर कर भी वह जीता है.

ध्यान लगाकर सुन लो........

सब दिल में हो भाईचारा,चमन चमन में शांति हो.
बनेगा भारत विश्व गुरू जब,कहीं न कोई क्रांति हो.
हर घर लगे मंदिर मस्जिद़,रहे कुरान और गीता है.
ध्यान गाकर सुन लो........

मिली जिंदगी है हमको साथी,प्रेम सुमन को बाँटो तुम.
दिल के तार मिले हर दिल तक,बंधन को न काटो तुम.

जग में पसरे सारे हलाहल,शंकर सम तोषण पीता है.

ध्यान लगाकर सुन लो........

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
८/७/१८/८/३०

शुक्रवार, 6 जुलाई 2018

हम वो शम्मा हैं

हम वो शम्मा हैं जो सावन में आग लगा देंगे.
भँवरा है हम वो जो बागों में गुल खिला देंगे.
बनकर तूफान जो हम टकराएँगे इस कदर,
पत्थर जो आये सामने उसको भी हिला देंगे.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

बुधवार, 27 जून 2018

धनगाँव के बजार मा

आ जाबे मोर रानी तैंहा,,, धनगाँव के बजार मा.
गुपचुप खावाहूँ तोला रे गोरी--२ लेहूँ सोला सिंगार ना.

करे मुखारी जामुन डारा,,, पानी ल धरे कटोरा मा.
पथरा होगे मोर आँखी हा,,,बही ओ तोर अगोरा मा.
तोर मया होगेंव दिवाना,,,किजरँव खारे खार मा.
आ जाबे मोर रानी तैंहा,,,,.....

कोयली कूहुके आमा के डारा,,,मोर मँजूर मन नाचय ओ.
पड़की परेवना मारय ताना,,,संगी जँहुरिया हाँसय ओ.
चारो कोती तोरेच चेहरा,,,घूमत रहिथे घर दुवार मा.
आ जाबे मोर रानी तैंहा,,,

घरे बनाय छाये ल खपरा,,,कँऊवा बइठे छानी मा.
मन मोहागे तोर पाछू,,,जादू भरे तोर बानी मा.
सूतत उठत तोरेच सुरता,,,का अँजोरी अँधियार मा
आ जाबे मोर रानी तैहा,,,

©®
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*२७/६/१८/७/४०पू.*

गुरुवार, 21 जून 2018

दोहे तोषण के

गलती मेरी देख के,करना मुझको माफ!
जितने मन में मैल है,हो जाए सब साफ!!

देख सखी बरसात में,पवन मचाए शोर!
नाचत मयुरा देख के,मनवा उठे हिलोर!!

जब सावन आषाढ़ मे,मेढक शोर मचाय!
होकर दिल मजबूर ये,चाहत गीत सुनाय!!

सावन में सब है हरा,झूमता खेती खार!
होती हरियाली परब,मगन भए संसार!!

फूँक फूँक रखलो  कदम,मन में रखलो बात!
लेकर दीपक सब चलो,कट जाएगी रात!!

चल चल साथी साथ तू,ले मशाल जो हाथ,
करता सबपे है दया,मेरे दीनानाथ!!

मेरा तेरा कुछ नहीं, सब माया बाजार!
है दो दिन की जिंदगी,सबसे करलो प्यार!!

इस कलयुग संसार में,केवल हो विश्वास!
धरम करम होगा सदा,है तोषण को आस!!

आता जाता कुछ है नहीं,कैसे लिखता छंद!
पढ़ा लिखा ज्यादा नहीं, हूँ मैं जी मतिमंद!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र
९६१७५८९६६७

बुधवार, 23 मई 2018

दोहे तोषण के

​दोहे तोषण के...​

अनुभव तो होगा कभी,वो ममता वो प्यार.
जिनसे जीवन में मिला,स्नेह प्रेम संसार.!!१!!

जीवन ये अनमोल है,यूँ कुड़े मे न रोल.
पाप पुण्य के खेल में,बिरथा बाजा ढोल.!!२!!

मेरी नइया धार में, हाथ नहीं पतवार.
होता साथी जो यहाँ,सबको करता पार.!!३!!

रोटी कपड़ा औ मकाँ,देता सबका साथ.
मंजिल होगा पास में,लो हाथों में हाथ.!!४!!

मौसम गरमी का यहाँ,तपती जलती धूप.
ठंडा पानी सब पियो,पल पल निखरे रूप.!!५!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र

एहसास

एहसास होगा कभी,वो ममता वो प्यार.
जिनसे जीवन में मिला,स्नेह प्रेम संसार.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

सोमवार, 21 मई 2018

दोस्ती

दोस्ती में आपकी कुर्बान हो जाऊँगा.
आपके लिए बाईबल कुरान हो जाऊँगा.
हजारों खुशियाँ हो जिंदगी मे आपकी,
फूलों से सजा हुआ गुलदान हो जाऊँगा

तोषण कुमार चुरेन्द्र

मंगलवार, 15 मई 2018

माँ

दिया तुमने जनम मुझे ये तेरा एहसान है.
माँ तेरे कदमों में ही मेरा सारा जहान है.
कर्म धर्म मेरा कितना भी अच्छा हो माँ
पूरी कायनात में माँ एक तू ही महान है

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

जीवन

फूलों की खुशबूओं सी महकता रहे जीवन
पक्षियों की कलरव सी चहकता रहे जीवन
सदा रहे कायनात तेरी खुशियों से भरी हुई
दीपक की ज्योति सी दमकता रहे जीवन

तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

गुरुवार, 10 मई 2018

सरस्वती वंदना

सरस्वती माँ की चरणों में सदा बहती ज्ञान की धारा
आओ मिल सब डुबकी लगायें यह सौभाग्य हमारा

जब तक जीवन सीखते जायें इसका नहीं किनारा
बालकपन से वृद्धावस्था होता नहीं है गँवारा
ज्ञान की ज्योति होती जहाँ पर होता नहीं अँधियारा.....

हम अबोध अज्ञानी जग के हमको है कुछ आता नहीं
तेरी जैसी इस जहान में और दूजा कोई माता नहीं
शरण पड़े है मिलकर दर पे दे दो हमको सहारा......

पाकर कृपा तेरी माता हम तो धन्य हो जायेंगे
दिये ज्ञान जो तुमने दाती जग में उन्हें लुटायेंगे
ज्ञानवान विद्वान सभी हो भारत समृद्ध सारा......

तोषण कुमार चुरेन्द्र
arhkepagakalagi.blogspot.com

सोमवार, 7 मई 2018

डीलेड

दो हजार उन्नीस तक, डीलेड करें पास!
लिख पढ़ लेना भाइयों,जीवन होगा खास!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र
९६१७५८९६६७

Login
arhkepagakalagi.blogspot.com

बुधवार, 25 अप्रैल 2018

साँई धाम


लोहारा के तीर मा,सुग्घर साँई ठाँव.
किरपा करथे हाथ ले,लेवव जुरमिल नाँव.

पानी ले दीया जरे,महिमा अपरम्पार.
जय हो साँई नाथ के,करलव जी जयकार.

सबके मालिक एक हे,सबझन ला समझाय.
सरधा सबुरी हाँथ में,गठरी लेहु बँधाय..

लइका जायसवाल के,साँई धाम बनाय.
मिलके सब परिवार हा,झूमके परब मनाय.

संगी तोषण आज जी,मन मन हे हरसाय.
मोर जनम अब धन्य हे,साँई दरसन पाय.

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

औषधालय

*औषधालय*

कानन आज
बना औषधालय
मिलती दवा.

मिटे जीवन
बिन औषधालय
गाँव वीरान.

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

सोमवार, 2 अप्रैल 2018

भट्ठी में

घुमेबर चलदेंव मेंह एकदिन गउ दारु भट्ठी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी अउ चपटी म

देखेव जाके जब अनर बनर
पियत बइठे सब जतर कतर
चांटत रहे नुन पीये के हे धुन
चाबवत चना ल कटर कटर

चलायके नंइहे सकति फेर चड़के जावै फटफट्टी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी अउ चपटी म

सुआरी लइका के मोह नंइहे
दानापानी के थोर संसो नंइहे
लगेहे लत इंहां पियकड़ु के
कोनों चाहे अब कहीं कइहे

पीयेबर पइसा निही त पइसा भिड़ाय चोरकट्टी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी अउ चपटी म

हर पियकड़ु जेब म अधार धरथे
पइसा नी रही जोगड़ कोनो करथे
संगवारी खोजथे पियकड़ु अपन
जीते जीयत पीही पीते पीयत मरथे

अलप समय पियइया ल जात देखेव मरघट्टी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी चपटी म

तोषण कुमार चुरेन्द्र

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...