रविवार, 22 जनवरी 2017

गुरू घासीदास के संदेश

छत्तीसगढ़ी दोहा विधा म नानकून उदिम
शीर्षक:-"गुरू घासीदास के संदेश"
गरीब घर मा पग धरे, नांव ग घासीदास।
मिल सब सोहर गात हे,दिन हे सबके खास।१॥
जिला बलौदा बाजार म ,हे गिरौदपुर धांम।
अमरौतिन माता हवय ,पिता ग महंगु नांम।।२॥
बन -बन के रस्ता चले, सत के करे तलास।
धरे तापसी बेस ला ,मन नंइ रहय हतास।।३॥
जात भेद ला मेंट के ,माने सबल समान।
दिस संदेसा शांति के ,मुख सतनाम जबान।।४॥
धरम सदन गा मानथे, पुर भंडार ल आज।
एक जगा जुरियात हे, जम्मो संत समाज।।५॥
बाजे मांदर थाप गा ,गजब लगे संगीत।
छत्तीसगढ़ी मा विधा, सुग्घर पंथी गीत।।६॥
भुल-चूक ला छमा करव,तोषण हवे नदान।
हांथ जोंड बिनती करे,किरपा करव सुजान।।७॥
© ®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
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