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रविवार, 25 जुलाई 2021

राम नाम


राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम।
राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम।
बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा।
करथे बेड़ा पार,बने जी सबके हितवा।
कह तोषण कर जोड़,राम में मन मोर रमय।
मया मोह ले दूर,सबो मिलके राम जपय।


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

गुरुवार, 6 मई 2021

गाँव के धुर्रा

धुर्रा माटी गाँव के,कोटि करँव परनाम।
जम्मो बेटी हे सिया,जम्मो बेटा राम।
जम्मो बेटा राम,मान हे राखे जानव।
पूजय चारो धाम,देवता धामी मानव।
कह तोषण कविराज,फूँँक के बड़का तुर्रा।
टीकँव चंदन माथ,गाँव के माटी धुर्रा।


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

लेखनी


कुण्डलियाँ
लिखती जाए लेखनी,बदले है इतिहास।
योगदान भी आपकी,महके बन मधुमास।
महके बन मधुमास,पवन देखो लहराये।
जले नवीन मशाल,गीत जोशीला गाये।
करते नाज समाज,गगन में तारा दिखती।
देता नव संदेश,कलम जो निशदिन लिखती।।
रचना-
तोषण कुमार चुरेन्द्र

सोमवार, 5 अप्रैल 2021

राशनदुकान

*होली तिहार के गाड़ा अकन बधाई अउ शुभकामना*
*कुण्डलियां*

*_चाउँर शक्कर नून हे,अउ मिट्टी के तेल।_*
*_आवव भइया झोकबो,झन हो रेलम पेल।।_*
*_झन हो रेलम पेल,दिही गा सबला भइया।_*
*_आरी पारी आव,झोक वो दीदी मइया।_*
*_देवत हे सरकार,बना के एकठन ठाउर।_*
*_प्रेम भाव ले राँध,मिलत हे सस्ता चाउँर।_*
🖋️🖋️🖋️🖋️
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौंडीलोहारा

बुधवार, 24 जून 2020

पावस

कलम की सुगंध छंदशाला
विषय:-चित्राभिव्यक्ति
विधा:- कुण्डलियाँ
दिनाँक :-24/06/2020
दिन :-बुधवार

1.
पावस पर्वत में गिरे,मुदित हुआ संसार।
लगती धरणी श्यामला,छाई खुशी अपार।।
छाई खुशी अपार,मगन हो झूमे सारे।
हरा भरा परिवार, वृक्ष भी वारे न्यारे।
दिनकर बैठा मौन,देखकर गहन अमावस।
सकल विश्व में धूम,लौट आई है पावस।

2.
आई है पावस लौट कर,फिर धरती के पास।
हरने धरती की व्यथा,करने जीव उजास।।
करने जीव उजास,गीत है सावन गाते।
भरा भरा है ताल,राग जो झिंगु सुनाते।
भड़क उठी है मेघ ,बहे है नित पुरवाई।
दिनकर देखे मौन,झूम के बरखा आई।

तोषण चुरेन्द्र दिनकर
डौंडी लोहारा बालोद
छत्तीसगढ़

शनिवार, 9 मई 2020

लाकडाऊन

*आज दिनांक 9/5/20 व 10/5/20 के लोकडाउन करने में सरकार के दोहरे मत को देखते हुए एक छोटी सी रचना*

*कुण्डलिनी*

देख लाकडाऊन असर,रोजगार भरमार।
कृषक जगत के काम को,बंद करे सरकार।
बंद करे सरकार,काम की कैसा माया।
आधे मरते भूख,आध को काम दिलाया।


*कुण्डलियाँ*

कहते सबसे गाँव में,मुखिया अपनी बात।
धरे कभी ना कान में,बड़ी अजब सौगात।
बड़ी अजब सौगात,खरी खोटी दे गाली।
फिर भी मुखिया आज,करे सबकी रखवाली।
मिले आध को काम,आध हैं भूखे रहते।
कृषक हुये नाराज,देख के बतिया कहते।


तोषण कुमार चुरेन्द्र "दिनकर"
युवा सरपंच व साहित्यकार
ग्राम पंचायत धनगांव

रविवार, 26 अप्रैल 2020

गलती

गलती मेरी ज्ञात हो,हम भी है हकदार।
रोक टोक हमपे करो,जरा करो उपकार।
जरा करो उपकार,बात तो सच्ची बोलो।
कमी कहाँ पर भार,राज भी अपनी खोलो।
कह दिनकर कर जोड़,बात ही सच्ची फलती।
हमसे मुँह मत मोड़,सभी मिल पकड़े गलती।

-तोषण दिनकर

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

मनरेगा (तोषण कुमार चुरेन्द्र"दिनकर)

*मनरेगा*

मनरेगा   की  योजना,  गाँव-गाँव  में  शोर।
काम  मिले  मजदूर  को, शासन देता जोर।
शासन  देता  जोर, मिले   है  सबको  पैसा।
नहीं  कहीं  अब झोल, समझ ना ऐसा वैसा।
पत्रक   भरकर   माँग, काम को शासन देगा।
मिलकर करना काम,दिवस सौ का मनरेगा।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र "दिनकर"
युवा सरपंच व साहित्यकार
ग्राम पंचायत धनगाँव डौंं.लो. बालोद छ.ग.

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

आनी बानी रंग

छत्तीसगढ़ी कुण्डलियाँ

आनी बानी रंग हे,
           घोर-घोर के घोर।
बइरी मन हर देख के,
           नाचे मुड़ चिभोर।
नाचे मुड़ चिभोर,
           थाप सुनके नंगारा।
दुरिहा इरषा होय,
            रहे गा भाईचारा।
रंगव सातो रंग,
            बचाके संगी पानी।
भजिया गुजिया संग,
            चुरे खइ आनी बानी।

तोषण दिनकर

किरपा

किरपा सबके साथ हो,होवय झिन अभिमान।।
भूल चूक ला दे क्षमा,नइहे थोरिक ग्यान।
नइहे थोरिक ग्यान,करँव तबले मुँहजोरी।
सनके सबके बात,फेर करथँव कमचोरी।
कह तोषण कर जोर,दिखँव जी मँयहर शिलपा।
रखहूँ सब बर मान,बने जी तुँहरो किरपा।।

तोषण धनगंइहा

परिषद

छत्तीसगढ़िहा कुण्डलियाँ

परिषद तबहे जी हमर,बनही हीरा खान।
एक दुसर ल देख के,सीखन अउ सीखान।
सीखन अउ सीखान,समय जी थोरिक देवव।
अड़हा नाविक जान,नाव ला बढ़िहा खेवव।
कह तोषण कर जोर,भाव ले मन मा गदगद।
खिलही डोहरु फूल,चढ़ै गा सीढ़ी  परिषद।

तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा

कोरोना का डर

कुण्डलियाँ में एक प्रयास...

कोरोना का डर...

कोरोना का डर यहाँ,
            फैला चारों ओर।
कैसा है यह वायरस,
            नहीं दवा का शोर।।
नहीं दवा का शोर,
            करें नव उपचार सभी।
चिन्ता का यह फेर,
            कटे जल्दी रोग अभी।
कह तोषण कर जोड़,
            हाथ को प्रतिदिन धोना।
करना सभी विरोध,
            डरे भागे कोरोना।


चौपाल गली चौक को,
            बंद करे सरकार।
पता दवा की है नहीं, 
            जनता है लाचार।।
जनता है लाचार,
            सोचते बैठे सारे।
कोई तो उपचार,
            ढूँढ लो मोदी प्यारे।
कह तोषण कर जोड़,
            भीड़ जाओ महाबली।
दें कोरोना फेंक ,
             झुमें हर चौपाल गली।

कवि तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा
सरपंच, ग्राम पंचायत धनगांव डौं.लोहारा

मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

दिनकर

🙏🙏🙏🙏🙏🙏
आदरणीय संजय कौशिक "विज्ञात" जी और आदरणीया अनिता मंदिलवार "सपना"दीदी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आपने मुझे उपनाम देने के योग्य समझा, इसके लिए बहुत बहुत आभार...💐💐💐

सारे जग के तम हरूँ,मिला बड़ा उपनाम।
धन्य धन्य विज्ञात जी,करूँ सदा हित काम।
करूँ सदा हित काम,साधना साधक जोगी।
रहूँ साहित्य दास,नित्य नव रचना होगी।
कह दिनकर कर जोड़,बनूँ नित सेवक प्यारे।
दो खुशियों के पुष्प,जगत को सौपूँ सारे।।

-तोषण कुमार चुरेन्द्र"दिनकर"

गुरुवार, 26 मार्च 2020

विज्ञात जन्मदिन

परम आदरणीय श्री गुरूदेव संजय कौशिक "विज्ञात" जी जन्मदिन की बधाई व शुभाशया के संग एक कुण्डलियाँ समर्पित...

अपनी वाणी से कभी,करे नहीं आघात।
अतुलनीय जो है सदा,हैं कवि रवि विज्ञात।
हैं कवि रवि विज्ञात,रौशनी भरते मग में।
मिले मान सम्मान, सदा ही कलयुग जग में।
कह तोषण कर जोड़,पड़े माला नित जपनी।
मिले गुरू विज्ञात,वाह रे किस्मत अपनी।

तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा
डौंंडी लोहारा बालोद छ.ग.

मंगलवार, 10 मार्च 2020

होरी हे

छत्तीसगढ़ी कुण्डलियाँ

आनी बानी रंग हे,
           घोर-घोर के घोर।
बइरी मन हर देख के,
           नाचे मुड़ चिभोर।
नाचे मुड़ चिभोर,
           थाप सुनके नंगारा।
दुरिहा इरषा होय,
            रहे गा भाईचारा।
रंगव सातो रंग,
            बचाके संगी पानी।
भजिया गुजिया संग,
            चुरे खइ आनी बानी।

तोषण धनगंइहा

शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

आभार

कोटि कोटि आभार

जनता हो धनगाँव के,देहव मया दुलार।
हिरदे ले काहत हवँव,तुम सबला आभार।।
तुम सबला आभार, चुने जी हावव मुखिया।
रखहूँ सबके मान,रहय जे कौनों दुखिया।।
हँव तोषण सरपंच,बनाहूँ सबके बनता।
सेवा रहिही पोठ,संग जब देवय जनता।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र'धनगंइहा'(कवि)
नवनिर्वाचित सरपंच, ग्राम पंचायत धनगाँव
उपाध्यक्ष, मधुर साहित्य परिषद
डौंडी लोहारा बालोद छ.ग.

मंगलवार, 21 जनवरी 2020

पेट

*कुण्डलियाँ*

_*पेट*_

_*भरता जिसका पेट है,रहे वही है मौन।*_
_*दीन दुखी लाचार को, पुछे भला अब कौन।।*_
_*पुछे भला अब कौन,काम जब बन है जाता।*_
_*स्वार्थ का संसार,कौन है किसको भाता।।*_
_*रहे कहाँ से ध्यान,नहीं मन अब कुछ करता।*_
_*चंगा रहे शरीर,पेट है जब जब भरता।।*_

_*भूखा रहकर कब तलक,कैसे भजन सुनाय।*_
_*मुख से निकले राम जी,दिल से निकले हाय।।*_
_*दिल से निकले हाय,पेट जब भूखो मरता।*_
_*होकर के मजबूर,काम है फिर भी करता।।*_
_*दिन गये है बीत,खाय जो पत्ता सूखा।*_
_*रहकर सब यूँ मौन,सहो जी बनकर भूखा।*_

_*तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा*_

सोमवार, 16 दिसंबर 2019

अंडा

समीक्षा मे...

_*कुण्डलियाँ*_

_*कैसी ये सरकार है,देता हाथ मड़ोड़।*_
_*पोषकता के नाम पर,गजब निकाला तोड़।।*_
_*गजब निकाला तोड़,गुरू  खिलवाते अंडा।*_
_*कह तोषन कर जोड़,नही बरसाओ डंडा।।*_
_*करते नित जो भोग,और होगी मति वैसी।*_
_*रोध करें पुर जोर,नियम है कैसी कैसी।।*_
 
_*तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा*_
_*डौंडी लोहारा बालोद छत्तीसगढ़*_

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...