बुधवार, 31 जुलाई 2019

धनगाँव पुरान


धरती दाई तोर मैं,
माथ नवावँव आज।
तोर दया परताप ले,
बाँचय मोरो लाज।।१।।

मोर गाँव धनगाँव के,
कतका करिहँव गोठ।
अगुवा भंडारी हवय,
गुरतुर बोली पोठ।।२।।

बीच गली हनुमान के,
अड़बड़ शोभा पाय।
कतको संकट हे रहय,
चुटकी मा सिरजाय।।३।।

शीतल रुप हे शीतला,
शीतलता पहुँचाय।
पाके छँइहा मातु के,
सब झन हे हरसाय।।४।।

बिकटराव बाबा हमर,
देवता बड़का जान।
नर नारी सब देत हे,
दुनिया भरके मान।।५।।

शिव शंकर के ठाँव हे,
गाँव नहर के तीर।
करके पूजा पाठ सब,
अपन मिटावय पीर।।६।।

देवता हावय साँहड़ा,
गजब बढ़ावय मान।
जेकर किरपा ले सुनव,
गोधन बढ़थे जान।।७।।

करथे रक्षा गाँव के,
देवता कथे सियार।
कोनो अलहन नइ रहय,
सुख पुरवक संसार।।८।।

आ जाबे बुधवार के,
रहिथे गाँव बजार।
किसम किसम के तै बिसा,
हरिहर हे तरकार।।९।।

पहिली ले हे आठवीं,
हावय जी इसकूल।
जाके सब लइका पढ़े,
करय नहीं जी भूल।।१०।।

मातर मड़ई मा घलो,
रहिथे जी बड़ धूम।
खाके बीड़ा पान तै,
जोर लगा के घूम।।११।।

रहिथन संगी साथ मा,
सबके आथन काम।
सुम्मत ले गाड़ी चले,
बगरे जग मे नाम।।१२।।

तोषन कहिथे हे सखा,
राखव मीठ जबान।
होही हमरो गाँव हा,
जग में कभू महान।।१३।।

तोषन धनगंइहा

सावन


सावन है मन मोहना,
        बरसे मेघ फुहार।
वन में नाचे मोरनी,
        देखो पंख पसार।।

शिव शंकर के धाम को,
         चलते भक्त हजार।
हँसते गाते झूमते,
         करते जय जय कार।।

हरा भरा खलिहान अब,
         दिखते चारो ओर।
झूमते गाते पेड़ हैं,
         नदिया करते शोर।

आते बादल देख के,
          होते मगन किसान।
धरती बदले काँचली,
          हरित दिखे है धान।।

तोषन धनगंइहा

करमा


का:-डोंगरी के तीर मा आबे
करमा के धून ला गाबे
माँदर बजाहूँ करमा ताल मा
करमा नँचाहूँ एसो साल मा

की:-हाय रे मोर छैला बाबू
करे तै दिल ला काबू
माँदर बजादे करमा ताल मा
करमा नँचादे एसो साल मा

का:-आमा के रूखवा
कोयली हा छेड़े तान
देखँव रे तोला
मैं साँझ अउ बिहान

मोर आँखी के काजर
घूमें रे मनवा बादर
माँदर बजाहूँ करमा ताल मा
करमा नँचाहूँ एसो साल मा

की:-भादो के महिना
फूले ला साँवा गा
पातर कनिहा मा
ढिले ला दाँवा गा

सुरता हा तोर आथे
रतिहा मोला जगाथे
माँदर बजादे करमा ताल मा
करमा नँचादे एसो साल मा

का:-चले पुरवइय्या
सावन महिना
बान चलाये
दुनो ये नँयना

देखे बर तोला रे
तरसथे चोला रे
माँदर बजाहूँ करमा ताल मा
करमा नँचाहूँ एसो साल मा

की:-चंदा अँजोरी के
निरमल रात
करबे अगोरा
हे दू दिन के बात

लागे हे पीरीत रे
मोर मन मीत रे
माँदर बजादे करमा ताल मा
करमा नँचादे एसो साल मा

©®
तोषन धनगंइहा
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद

सोमवार, 29 जुलाई 2019

आचार्य जी


आचार्य जी....

कितना सम्मानजनक शब्द है,किंतु शब्दार्थ अथाह ।जिसे समझ पाना हर किसी के लिए संभव नही है। जिन्हे इनकी समझ है वह स्वयं ब्रह्म से कम नही है। कोई भी व्यक्ति आचार्य तभी हो सकता है जब वह सही और गलत का अंतर स्पष्ट करते हुए भैय्या बहनों के अंतकरण में अपनी अमिट छाप छोड़ सके। जो अपने कर्मो के द्वारा अपने पूर्वजों ,महापुरूषों से प्रेरणा पाकर अपने अनुशरणकर्ताओं का पथप्रदर्शक बनकर संबल व प्रोत्साहित करे। आचार्य को मन ,शरीर,बुद्धि ,नैतिक व आध्यत्म दृष्टि से परिपक्व होने की आवाश्यकता है जो राष्ट्र के निर्माण में सहयोगी बन सके।जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी से घड़ा बनाने के लिए अनेक कठिनाईयों का सामना करते हुए उसका निर्माण करता है ठीक वैसे ही आचार्य भी अपने भैय्या बहनों के सर्वागिण विकास के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयोग नवाचार आदि प्रतिपादित करता है। श्री रामचरित्र मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसी दास जी ने अपनी धर्मपत्नी से प्रेरित होकर महान ग्रंथ की रचना की।जो आज हम सबके लिए प्रेरणादायी है।अगर हम अपने आने वाली पीढ़ी, समाज, राष्ट्र और विश्व व भैय्या बहनों का कल्याण करना चाहते हैं प्रेरणा बनना चाहते हैं   तो हमें अपने दुर्गुणो का त्यागकर एक अच्छे आचरण करने वाला आचार्य बनना होगा।

गुरुवार, 25 जुलाई 2019

दोहालरी


नाम: तोषण कुमार चुरेन्द्र

साहित्यिक उपनाम: तोषन धनगंइहा

मोबाइल नं: ९६१७५८९६६७

ईमेल: yoyokumartoshan@gmail.com

पता: ग्राम धनगाँव, पोष्ट ,थाना व तहसील -डौंडी लोहारा, जिला - बालोद (छ.ग.)
पिन ४९१७७१

मुख्यालय: सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय डौंडी लोहारा

सूरज बाँटे रौशनी, खुद ही जल कर रोज।
देता प्रतिपल चेतना, करता प्रतिदिन खोज॥

करलें रक्षा हम सभी, बनकर माली आज।
महकेंगी बेटी तभी, करेंगी जग में राज॥

मत समझो लाचार अब, बेटी तनुज समान।
भरती अब हुंकार है, लेकर हाथ कमान॥

कच्ची मिट्टी सा अभी, दिजे मुझे आकार।
भल मानुष मैं बन सकूँ, बचे न शेष विकार॥

महिना सावन में सखी, मयूर प्यासा रोय।
हरले धरणी पीर को, दे संदेशा कोय॥

बसन्त आती जान के, कोयल छेडे़ तान।
सर्दी गर्मी सम लगे, ऋतु की है पहचान॥

मिट्टी की मटकी भली, रखती भीतर ठंड।
शीतल जल ही बाँटती, गर्मी भले प्रचंड॥

परहित जीवन जो जिये, परहित करते काज।
उनकी होती जय सदा, दुनिया करती नाज॥

तरुवर झुकते हैं सदा, देते सबको सीख।
बनकर दानी ही रहो, कभी न मांगों भीख॥

झरझर नदिया बह रही, मीठा जल दे दान।
करती रहती हित सदा, करे न कभी गुमान॥

इन्द्रधनुष के रंग से, जगमग है संसार।
सप्त सुरों की धुन बजी, बजते राग अपार॥

प्रेम अनूठा जानिए, गढ़ता जो इतिहास।
मीरा तुलसी बन गए, मिले जहाँ मधुमास॥

अजब-गजब है प्रेम ये, हर लेता है प्राण।
मन को जब वश में करे, नैन चलाएं बाण॥

अनुभव तो होगा कभी, वो ममता वो प्यार।
जिनसे जीवन में मिले, स्नेह प्रेम संसार॥

जीवन ये अनमोल है, यूँ न कुड़े में रोल।
पाप पुण्य के खेल में, बिरथा बाजा ढोल॥

मेरी नइया धार में, हाथ नहीं पतवार।
होता साथी जो यहाँ, सबको करता पार॥

रोटी कपड़ा औ मकाँ, देता सबका साथ।
मंजिल होगी पास में, लो हाथों में हाथ॥

फल यूँ ही मिलता नहीं, देखो सब इतिहास।
कर्म बिना कुछ भी नहीं, आता है खुद पास॥

बँसुरी बनती बेंत से, मधुर सुनाती तान।
कोयल भी काली भली, देती मुख मुस्कान॥

सीख नदी से चाल तू, बढ़ना सीना तान।
चट्टानी बाधा सभी, हो जाती आसान॥

गुरुवार, 18 जुलाई 2019

बाबा शिव शंखर के धाम


*बाबा शिव शंखर के धाम...*

(लड़का)
चल ना जाबो दुनो झन मंगलू के दाई
बाबा शिव शंखर के धाम

(लड़की)
चल ना जाबो दुनो झन बुधिया के बाबू
बाबा शिव शंखर के धाम...

(संयुक्त)
बेलपाना अउ धथरा चढ़ाके बना लेबो बिगड़े काम....

(लड़का)
सावन महिना भोले बाबा के मन ला गजब सुहाथे ना
हाथ मा डमरू तिरशुल साजे सबके मन ला भाथे ना
चल ना जाबो दुनो झन मंगलू के दाई
बाबा शिव शंखर के धाम

(लड़की)
गंगा के पानी धरे कंवरिया अवघड़िया ल मनावय
बोल बम बोल बम बोल के नारा जयकारा ल लगावय
चल ना जाबो दुनो झन बुधिया के बाबू
बाबा शिव शंखर के धाम

(लड़का)
उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम बाबा के हावय धाम
चल रे कंवरिया शिव के गुजरिया करले कोटि प्रणाम
चल ना जाबो दुनो झन मंगलू के दाई
बाबा शिव शंखर के धाम

(लड़की)
पारबती दाई तोरे सुवारी पूजय बनके पुजारी
मोरो तँय बेड़ा पार करदे आए हँव मँय दुखियारी
आगेन आगेन दुनो झन बुधिया के बाबू
बाबा शिव शंखर के धाम

(संयुक्त)
पागेन पागेन दुनो झन मंगलू के दाई/बुधिया के बाबू
बाबा शिव शंखर के नाम

तोषण धनगंइहा
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद
http://acharya toshan.blogspot.com

बुधवार, 10 जुलाई 2019

हावय तोला किरिया


लड़की:-
हावय तोला किरिया राजा जाबे झन छोड़ के

लड़का:-
हावय मोला किरिया रानी जावँव नहीं छोड़ के
सगरी पीरितिया के वादा ल तोड़ के

लड़का:-
तोर पीरीत ह गोरी जिंनगी के अधार हो
कम झन होवय बइरी तोर मोर प्यार हो

लड़की
साजे रहिहँव तोला मैहा कजरा बनाके
खोपा के अपन छंइया गजरा बनाके
राखे रहिहँव तोला मैहा हिरदे मा संजोर के....

लड़का:-
मया के घरोंदा हावय हमर घर दुवार ह
सुख दुख मा रहिबो संगे  साजे संसार ह

लड़की
तिही मोर हितवा साजन तिही भगवान हो
तोरे सेवा मा बीते सांझे बिहान हो
चंदा ह कइसे रही बिना अंजोर के.....

तोषण धनगंइहा
9617589667

तोर मया के गाँठ हा


तोर मया के गाँठ हा हावय ओ बड़ पोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

सपना आथे रात मा चेहरा झुलथे नैन।
सोवत बइठत का कहँव दिल मा नंइहे चैन।।
लागे रे पीरीतिया गुड़ मा पागे सोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

आथे सुरता तोर जब ढारय नैना नीर।
तोरे सूरत हे छिपे देखव हिरदे चीर।।
राखँव तोला धाँधके बनके सुग्घर कोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

दिल के रानी मोर तँय हावस मोर परान।
बन जा तैहा राधिका मोला बिलवा जान।।
गुलगुल भजिया मोर तै मैहा मिठई रोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

तोषण धनगंइहा
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.
९६१७५८९६६७

रविवार, 7 जुलाई 2019

कहाँ लुकागे करिया


लड़की:-
कहाँ लुकागे रे करिया तैहर
खोजँव किंजर किंजर के

लड़का:-
तोर निहोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के

लड़की:-
पथरा गेहे नैना मोरे
आके प्यास बुझादे
हो जावय अंग अंग हरियर
पानी पीरीतिया पियादे
मया के बदरा मोरो जिनगी मा
छावय घूमर घूमर के
तोर आगोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के

लड़का:-
तरसत हावँव महूं गुजरिया
पिया मिलन के आस मा
मोर जिया अब मोर नंइहे
हावय जेन तोर पास मा
भोला ल मनावँव मैहर
घेरी बेरी सुमर सुमर के
तोर आगोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के

मोला बनाले खोपा के गजरा

मोला बनाले खोपा के गजरा
हाय मोर आँखी के कजरा
चढ़ती जवानी तोर रानी उमर लागे सोला सतरा
खतरा खतरा....

मोर मनबसिया तै आजा
हिरदय म आके समाजा
चढ़ती जवानी तोर रानी उमर लागे सोला सतरा
खतरा खतरा....

क्रमशः....

तोषण चुरेन्द्र

रूख़सत

रूख़सत पे दोनों की अपनी देखो जमाना खड़ा था।
डोली दर पे उसकी खड़ी थी मेरा ज़नाजा पड़ा था।

वो  गैरों की  बाँह में  हम कब्रगाह में  जानें लगे हैं।
देखो  कैसे कैसे  फर्ज़ अपने  हम..  निभाने लगे हैं।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

सुनलव महिमा


आगामी रचना

सुनलव महिमा भारी हे
छत्तीसगढ़ महतारी के2

बड़े बिहनिया चिरई चिरगुन
जेकर महिमा गाथे
हाथ जोड़े आसीस खातिर
चरन माथ नवाथे
कोरा खेले जेखर लइका,
मीठ मीठ गुंज किलकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के....

हरियर लुगरा हरियर पोलखा
हरियर हाँथ मा धान हे
खेती डोली के साज सिंगारे
जोहर ललना किसान हे
हाँथ तुतारी खाँध मा नाँगर
बइला जस संगवारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

अरपा पैरी महानदी के
लहरा मा सब तर जाथे
पीके पानी निर्मल गंगा
भुंइया हमर हरियाथे
चंपा चमेली महके जिंहा
सुघर सोभा फुलवारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

सुआ करमा पंथी ददरिया
पंडवानी के राग हवय
थिरके थाप नंगारा के संग
सतरंगी रंग फाग हवय
ऊंच नीच ल जाने नाहीं
भरे भरे रंग पिचकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

राजीम लोचन शिवरीनारायन
जग म मान बढ़ाए
बइठके जिंहा भाँचा राम
शबरी के बोईर खाए
भगति नवधा पावय जिंहा
रघवर राम उपकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

दुरगा दाई के पबरित डेरा
डोंगरगढ़ बमलाई
महामाई अंगारमोती संग
किंजरय बिलई माई
आस पुरोदे तै हो माता
तोषण असन पुजारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

बीर नरायन गुंडाधुर जस
कतको बीर बलिदानी हे
पार नइ पावन अड़हा लइका
जेखर अमर कहानी हे
रही जियत ले खून म सबो के
फूंक अइसन चिंगारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...

**************
तोषण धनगंइहा
९६१७५८९६६७

कहाँ लुकागे करिया

लड़की:-
कहाँ लुकागे रे करिया तैहर
खोजँव किंजर किंजर के

लड़का:-
तोर निहोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के

लड़की:-
पथरा गेहे नैना मोरे
आके प्यास बुझादे
हो जावय अंग अंग हरियर
पानी पीरीतिया पियादे
मया के बदरा मोरो जिनगी मा
छावय घूमर घूमर के
तोर आगोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के

लड़का:-
तरसत हावँव महूं गुजरिया
पिया मिलन के आस मा
मोर जिया अब मोर नंइहे
हावय जेन तोर पास मा
भोला ल मनावँव मैहर
घेरी बेरी सुमर सुमर के
तोर आगोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के

गुरुवार, 4 जुलाई 2019

मैंह तोर राजा

मैंह तोर दिल के राजा
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
मैंह तोर दिल के रानी
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
रिमझिम फूहार परे
एसो के सावन मा
नाँचत हे मयूरा रानी
हिरदे के आँगन मा
**************
जियरा अगोरत बइठे
आजा मोर बँइहा मा
झूलना झूलाहू तोला
मया के छँइहा मा
**************
हाय रे सतरंगी छैला
नंइ जाने पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो...
**************
तिही मोर दुख के साँथी
झनजा मोरले दूरिहा ना
आजा रे मोर मयारू
पीरीत के कुरिया मा
**************
जुरमिल रहिबो संगे
एक दूसर साँथ मा
राखे रहूँ जिनगी भर
हाँथे ल हाँथ मा
**************
मैंह तोर गीत गोरिया
तै मोर संगीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो....
**************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

पीरीत

तोर बर पीरीत रे,मोर मन के मीत रे,
तोला मँय अगोरँव,आना तै बजार में।
तोर जस नंइ कोनों,रबो संग संग दुनों,
जोड़ी तोर मोरहावै,करोड़ हजार में।
झन छोड़ मोला जाबे,मोर सही कहाँ पाबे,
फूल मैं गुलाब अँव,गुल गुलजार में।
सावन मा नाचे मोर,हाय रे मयारू चोर,
दिल मोर हासे रोये,तोर ओ खुमार में।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

मैंह तोर राजा


मैंह तोर दिल के राजा
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
मैंह तोर दिल के रानी
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
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रिमझिम फूहार परे
एसो के सावन मा
नाँचत हे मयूरा रानी
हिरदे के आँगन मा
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जियरा अगोरत बइठे
आजा मोर बँइहा मा
झूलना झूलाहू तोला
मया के छँइहा मा
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हाय रे सतरंगी छैला
नंइ जाने पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो...
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तिही मोर दुख के साँथी
झनजा मोरले दूरिहा ना
आजा रे मोर मयारू
पीरीत के कुरिया मा
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जुरमिल रहिबो संगे
एक दूसर साँथ मा
राखे रहूँ जिनगी भर
हाँथे ल हाँथ मा
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मैंह तोर गीत गोरिया
तै मोर संगीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो....
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तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

पानी गिरत नंइहे

पानी गिरत नंइहे मेंचका नरियात हे
बबा ह नाती ल कहनी सुनात हे

सोंचे बइठ चौपाल म का करय किसान
दुख के बादर हटे कब होही नवा बिहान

पानी ल देखत सबके आंखी खीझ गे
तन के पसीना बिन बादर के रीस गे

जावत हे अषाड़ अब पानी रितयागेहे
तरी तरी के घूना म जीवरा भुँजागेहे

भोला ले फरियाद हे एसो के सावन में
सब किसान खुश रहय पानी ल आवन दे

मन हर हरिया जही अब के हरेली में
एक मूठा ऊपरहा लूके बोरा भरबो पैली में

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667


बुधवार, 3 जुलाई 2019

मोहनी सुरतिया

मोहनी सुरतिया तोरे ले डारे परान हो
का जादू डारे गोरी सिरतो ईमान हो
हिरदे के भीतरी मा तही ह समाये ना
तोर मुसकाई मोर जिया ललचाये ना
तिरछी नजरिया तोर लागे नयना बान हो
का जादू डारे ओ गोरी गउ सिरतो ईमान हो
****************
तोषण कुमार चुरेन्द्र

नयना ह तोर

नयना ह त़ोर कटार हे जइसे छुरी के धार हे
अंग अंग भिंझे तोर मया लागे मदरस के झार हे

झुलत रहिथे तोर चेहरा मोर आंखी के कोर मा
तोला बसाएंव मैंहा ओ मोर अंग के पोर पोर मा
झन तै जाबे छोड़के पगली मोला तै मझधार में
अंग अंग भिंझे तोर मया लागे मदरस के झार हे

**************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...