सोमवार, 31 दिसंबर 2018

नवा बरस

*नवा बरस के नवा सुरूज के नवा सतरंगी किरण के संगे संग तोषण कुमार चुरेन्द्र के डहर ले नवा बरस २०१९ के गाड़ा गाड़ा बधई अउ शुभकामना...*

🍃🍂🍁🌾🌹🥀🌺🌸🌼
*नवा बरस के नवा गोठ।*
*सियान मन कहिथे पोठ।*
*लगथे सुनें मा नानचुन,*
*समझे मा बड़का रोंठ।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*नवा बरस म कुछ नवा होय।*
*गोठियाय म कुछू नंइ होय।*
*मन लगाके करम करव,*
*तब नवा अंजोर कहीं होय।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*चिल्ला चिल्ला के काहत हावय।*
*नवा साल बड़ मनावत हावय।*
*कांटत हावय कुकरा बोकरा,*
*पी पी के बड़ मेछरावत हावय।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*पाछू साल ले कुछू सीख लेवव।*
*सोच बिचार बढ़िहा नीक लेवव।*
*अवईया पीढ़ी सलामत रहय,*
*अईसन जोरदरहा सीख देवव।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*९६१७५८९६६७*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃

रविवार, 30 दिसंबर 2018

व्यंगात्मक दोहे तोषण के

*कपट कुटिल की चाल है,पिटता बिरथा ज्ञान।*
*बढ़ता देखे और को,खींचे अलग कमान।।*

*आया देखा साब को,बजा ताल से ताल।*
*तोषण बदले राह अब,देख गैर की चाल।*

*देखा हमने आज भी,व्यापित अवसर वाद।*
*खुद ही करने लग गये,लेकर माइक नाद।।*

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

पहचान मिल सके

करें ऐसा काम कि नई पहचान मिल सके।
सफलता का शिखर नया सोपान मिल सके।
नवनिर्माण के पथ पर सब बढ़ते जाएँ नित,
आने वाले कल को नया जहान मिल सके।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

जलना पड़ेगा

फूल चुनने की कोशिश में काँटो से लड़ना पड़ेगा।
लड़खड़ाते हुए भी पथरीली राहों पे चलना पड़ेगा।
बनना है अगर जहान में नव कुन्दन सा ऐ तोषण,
दहकती अंगार पर हरदिन हरपल जलना पड़ेगा।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

सोमवार, 10 दिसंबर 2018

ते आजा सजनी

मया के कारी बदरा छाए,रिमझिम बरसय पानी
होगेंव दिवाना तोर मया म होगे दिल चानी चानी
ते आजा सजनी मोर संग ना

बोली ले झरथे मया के फूलवा,अंग अंग ल महकाथे
सर सर बोहिथे पवन झकोरा,मनवा मोर लहराथे
तोर बिना रे कारी कोयलिया
सुन्ना मोर जिनगानी
होगेंव दिवाना..........

तरसत रहिथंव तोर मया बर,कांही मोला नंइ भावय
तोर बिरह के पीरा रे जोही,रही रही मोला सतावय
तोर बिना जीए नंइ सकंव,लगेहे मोला बानी
होगेंव दिवाना.......

आजा गोरी तोला बलावंव,सुनले मोरो गोहार ला
झन तंँय तरसा मोर जिवरा ल,समझलेबे मोरो प्यार ला
तोर मया के मंँय हँव राजा,मोर मया के तँय रानी
होगेंव दिवाना.......

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

मंगलवार, 27 नवंबर 2018

सुरता

सुरता हा आथे तोर, आरो ले ले मोर।
तोर मया म होगेंव दीवाना, धीरज नँइहे थोर।।
सुरता.....

कोन जनी का रोग हमावय,खवई पियई कछु नँई भावय।
तोर मया के बदरा बैरी,रही रही आँखी म छावय।।
मोर हिरदे के भीतरी, झुले चंदा चेहरा तोर....
सुरता.....

कोयली सही तोर बोली,मन ल मोर भावय ना।
बिना तोला देखे गोरी,रहय नँई तो जावय ना।।
जिनगी मा आके तैहा,करदे जग अंजोर....
सुरता....

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

सोमवार, 19 नवंबर 2018

मतदान

शुभ बिहान

संगी मत वाला हरव,करलव मत के दान।
सोच समझ नेता चुनव,लाही नवा बिहान।।

कीमत समझव वोट के,बनथे जी सरकार।
जावव दव मतदान सब,होवय झिन बेकार।।

नेता मन के छाँट लव,देवव सबझन वोट।
हक के खातिर मिल चलव,झन लेवव गा नोट।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

तुलसी बिहाव

*तुलसी बिहाव के ऊपर दोहा तोषण के*

जनम धरे शिव तेज ले,हवय जलन्धर नाँव।
थर-थर काँपय देवता,भागय डरके गाँव।।

बड़भगमानी हे सती,बिन्दा जेकर नाँव।
बरन करय जलन्धर के,सुघ्घर परके पाँव।।

बढ़थे अत्याचार जब,देव करय गोहार।
महादेव भोले करव,दानव के खोहार।।

लड़त लड़त जलन्धर ले,शंखर मानय हार।
जाके हरि के तीर मा,कहय जी समाचार।।

मानय बतिया देव के,हरि होगे तइयार।
बिन्दा के सत भंग बर,चलिस हवय जी द्वार।।

होवय बिन्दा अपबरित,मरय जलन्धर आज।
सतबल ले हे जानलिस,रमारमन के राज।।

होवय शापित जब बिसनु, बनगे सालीग्राम।
होगे बिन्दा अब अमर,धरके तुलसी नाम।।

रचना तोषण के हरे,अमर कथा के सार।
भूलचूक ला दव छमा,करदव मोला पार।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

रविवार, 2 सितंबर 2018

दोहे तोषण के

*कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप सभी को 
बधाईयांँ व ढेर सारी शुभकामनाएँ*



*कृष्ण जन्माष्टमी पर तोषण के आठ दोहे*

नमन करूँ नटवर को,है जो चित के चोर!
माखन जिनका भोग प्रिय,मुकुट पंख है मोर!!१!!


पुण्य दिवस है आज ये,करलो मंगल गान!
देने गीता ज्ञान को,जनम लिए भगवान!!२!!


नंदलाल के घर चले,मध्य रात भगवान!
जन्में कारागार में,देवकी वसु महान!!३!!

गिरवर नटवर नाम है,वासु देवकी लाल!
मीरा राधा है प्रेयसी,है काली के काल!!४!!


देख मित्र के पाँव को,बहे नयन से धार!
मुट्ठी चावल तीन के,दिया बड़ा उपहार!!५!!


रथ हाँके बन सारथी,जरा नही अभिमान!
समरभूमि के बीच में, देते गीता ज्ञान!!६!!


आजा मेरे फिर प्रभो,रख दो सबकी लाज!
भारत माता रो रही,द्रवित होकर आज!!७!!

सुख शांति चहुँ ओर हो,बहे प्रेम की धार!
तोषण की अर्जी सुनो,जरा करो उपकार!!८!!


तोषण कुमार चुरेन्द्र 
धनगाँव डौंडी लोहारा 
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

दोहे तोषण के

*कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप सभी को बधाईयांँ व ढेर सारी शुभकामनाएँ*

*कृष्ण जन्माष्टमी पर तोषण के आठ दोहे*

नमन करूँ नटवर को,है जो चित के चोर!
माखन जिनका भोग प्रिय,मुकुट पंख है मोर!!१!!

पुण्य दिवस है आज ये,करलो मंगल गान!
देने गीता ज्ञान को,जनम लिए भगवान!!२!!

नंदलाल के घर चले,मध्य रात भगवान!
जन्में कारागार में,देवकी वसु महान!!३!!

गिरवर नटवर नाम है,वासु देवकी लाल!
मीरा राधा है प्रेयसी,है काली के काल!!४!!

देख मित्र के पाँव को,बहे नयन से धार!
मुट्ठी चावल तीन के,दिया बड़ा उपहार!!५!!

रथ हाँके बन सारथी,जरा नही अभिमान!
समरभूमि के बीच में, देते गीता ज्ञान!!६!!

आजा मेरे फिर प्रभो,रख दो सबकी लाज!
भारत माता रो रही,द्रवित होकर आज!!७!!

सुख शांति चहुँ ओर हो,बहे प्रेम की धार!
तोषण की अर्जी सुनो,जरा करो उपकार!!८!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

शनिवार, 25 अगस्त 2018

राखी के तिहार आगे

राखी के तिहार आगे, तिहार आगे राखी के!
अँड़े सीमा म भइय्या सखी ,राखी हे मोर बिन पाखी के!!

गाँव के खेती खार पूछथे मोर बेटा जवान आगे
रुख राई डोंगरी पहाड़ी संग बदरा घलो रुसागे.
खोड़वा होगे तोर बिन भइय्या मोर पाँव बिन बइशाखी के....
अँड़े सीमा म......

गाँव के गउठान पूछतहे कब आबे तँय गाँव म.
झुलना झूलबे कब तँय बेटा लीम पीपर के छाँव म.
आजा माटी के बंदन करले पीरी जुड़ा ले छाती के....
अँड़े सीमा म......

दाई ददा के राजा बेटा मोर दुलरवा भइय्या कहिथँव.
राखी बर आबे भइय्या मोर आस लगाए बइठँव.
निहोरा करत ढर ढर ढरथे आँसू मोर आँखी के....
अँड़े सीमा म......



गुरुवार, 23 अगस्त 2018

छत्तीसगढ़ के बनइय्या नँइहे

छत्तीसगढ़ के बनइय्या नँइहे.
कविता के पढ़इय्या नँइहे.
मोर भारत के स्वाभिमान ल,
अटल कस बढ़इय्या नँइहे.
१.
बनके अनु ले परमानु जइसे,
नवा शक्ति संचार भरिस.
मोर देश के अंग अंग मा,
सुरुज किरन कस अंजोर करिस.
गुड़हा असन बोली भाखा म
बोल गुरतुर गोठयइय्या नँइहे.
मोर भारत के.......
२.
बइरी ला घलोक संगी जानय,
सदा अपन जे गला लगाइस.
अमीरी गरीबी के खँचवा पाटय,
दुखिया मनबर भला कहाइस.
मोर भारत महतारी के झरझर,
ढरत आँसू के पोछइय्या नँइहे.
मोर भारत के.......
३.
बनके भारत के मुखिया जेहा,
भारत माता के सेवा बजाइस.
सबझन के रही वो दुलरवा,
दुनिया मा भारत रतन कहाइस.
कभू राजनेता,कभू कवि बनके,
मन के पीरा बतइय्या नँइहे.
मोर भारत के.......
४.
रोवत हे पूरा भारतवासी,
ढर ढर आँसू बोहावत हे.
लहुट के आबे अउ अटल,
मोर छत्तीसगढ़ गोहरावत हे.
तोर छोड़ अब ये तोषण के,
अउ कोनों पुछइय्या नँइहे.
मोर भारत के......

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

चुपचाप झिन रहा

चुप चाप झिन रहा,कुछु कहीं तहूँ कहा,
मनवा के बतिया ल,खोल तैं जुबान ले,
गोठ मोर सुनले तैं,थोर देख लहुट के,
तन झन छुट जाय,मोर ये परान ले.
दिल मा समाय तैहा,नँइ भूलों तोला मैहा,
तोर हँव दिवाना मैं,अपन तैं मान ले.
कहर बरपा न तैं,मोला तरसा न तैं
मोर मया ल पगली,थोरकुन मान ले.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

अटल रहा है सदा

*मनहरण घनाक्षरी*

*अटल रहा है सदा,दिल में बसा है सदा,*
*अटल रहेंगे सदा,पूरे हिंदुस्तान में.*
*बन के जगनायक,दीनों के ये सहायक,*
*फूल बन महके ये,सारे गुलिस्तान में.*
*देश के चिराग बने,देखो सीना ताने चले,*
*निकले ये शेर सम,भारत की शान में.*
*याद सदा आयेंगे वो,दिल में समायें हैं जो,*
*अटल बिहारी बसे,तन मन प्राण में.*

*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*धनगाँव डौंडी लोहारा*
*छत्तीसगढ़*

मंगलवार, 14 अगस्त 2018

मेरे भारत की पावन धरती

मेरे भारत की पावन धरती
वीरों ने जहाँ जन्म लिया...
जहाँ गोप बनकर विष्णु ने
गीता गंगा का मर्म दिया...

उत्तर में हिमालय चोटी
है भारत का जो ताज रहा..
करते है जिसकी रक्षा नित
सेनाओं पर है नाज रहा...

हर घर में हो उत्साह नव
हर दिन होली दीवाली हो
दिल से दिल के तार मिले
और प्यार कहीं ना खाली हो...

सर्दी गर्मी बरसात सहे
ऐसा दिल में उत्साह रहे
नवऊर्जा वीर जवानों की
नवयौवन के रग-रग में बहे...

भारत माता के चरणों में
अपना जो शीष कटाएगा
सच कहता हूँ दुनिया वालों
दुनिया में पूजा जाएगा...

पहनें कपड़े खायें रोटी
रहने सबकाे मकान मिले
हर बेटा बेटी शिक्षित हो
गुलशन-गुलशन में गुल खिले...

हिन्दू मुस्लिम और सिख ईसाई
भारत की पहचान बने
अनेकता में रहे एकता
ऐसा हिन्दुस्थान बने...

आज पंद्रह अगस्त


आज पंद्रह अगस्त,दिवस है आजादी का,
मिलकर भारतीय,ध्वज फहराएंगे!!
करें याद हम मिल,अपने बलिदानी को,
नतमस्तक होकर,शीष ये नवाएंगे!!
खुशी का ये दिन आया,है सारा जग गा रहा,
तरंग है आजादी का,गीत नया गाएंगे!!
हो वतन मे खुशियाँ,तोषण का अरदास,
स्वच्छ रहे भारत ये,अच्छे दिन लाएंगे!!

रविवार, 12 अगस्त 2018

मेरे भारत की पावन धरती

मेरे भारत की पावन धरती
वीरों ने जहाँ जन्म लिया...
जहाँ गोप बनकर विष्णु ने
गीता गंगा का मर्म दिया...

उत्तर में हिमालय चोटी
है भारत का जो ताज रहा..
करते है जिसकी रक्षा नित
सेनाओं पर है नाज रहा...

हर घर में हो उत्साह नव
हर दिन होली दीवाली हो
दिल से दिल के तार मिले
और प्यार कहीं ना खाली हो...

सर्दी गर्मी बरसात सहे
ऐसा दिल में उत्साह रहे
नवऊर्जा वीर जवानों की
नवयौवन के रग-रग में बहे...

भारत माता के चरणों में
अपना जो शीष कटाएगा
सच कहता हूँ दुनिया वालों
दुनिया में पूजा जाएगा...

पहनें कपड़े खायें रोटी
रहने सबकाे मकान मिले
हर बेटा बेटी शिक्षित हो
गुलशन-गुलशन में गुल खिले...

हिन्दू मुस्लिम और सिख ईसाई
भारत की पहचान बने
अनेकता में रहे एकता
ऐसा हिन्दुस्थान बने...

शुक्रवार, 10 अगस्त 2018

हरा भरा खलिहान

हरा भरा खलिहान,संस्कृति की पहचान,
परब हरियाली का,बड़ा ही निराला है!!
महीना है सावन का,जय हो भोलेनाथ की,
छोड़छाड़ अमृत को,पिए विष हाला है!!
मगन होते किसान,लहराते देख धान,
बनकर हलधर,देश को संभाला है!!
अन्न धन घर द्वार ,अपनों का साथ मिले,
माता पिता साथ रहे,वर्षो हमें पाला है!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़

मत रोक माँ तू मुझे

मत रोक मां तू मुझे, सुन ले पुकार  मेरी,
हिमालय चोटी पर, जयहिंद गाऊँगा।
जयहिंद गाऊँगा जो, सिंह की दहाड़ लिये,
अरियों की छाती पर, ध्वज लहराऊँगा।
ध्वज लहराऊँगा मैं, जन गण गान होगा,
पावन ये धरती की, तिलक लगाऊँगा।
तिलक लगाऊँगा ये, मत रोना माता मेरी,
साथ मैं तिरंगे पर, लिपटा जो आऊँगा।

आओ मिल हम साथी

१.
आओ मिल हम साथी,लेके चले परवाज,
भारत की आन बान,जो अपने हाथ है!!
देश के जवान हम,ये जिंदगी लुटाएँगे,
मातृभूमि की आशीष,किस्मत भी साथ है!!
है पुकारे भारतीय,सिंह ललकार लिये,
ये हमेशा चमकता,हिमालय माथ है!!
तोषण ये कहता है,माँ की जयगान कर,
साथ तेरे देंगे स्वयं,शंभू भोलेनाथ है!!
२.
आज पंद्रह अगस्त,दिवस है आजादी का,
मिलकर भारतीय,ध्वज फहराएंगे!!
करें याद हम मिल,अपने बलिदानी को,
नतमस्तक होकर,शीष ये नवाएंगे!!
खुशी का ये दिन आया,सारा जग है गा रहा,
तरंग है आजादी का,गीत नया गाएंगे!!
हो वतन मे खुशियाँ,तोषण का अरदास,
स्वच्छ रहे भारत ये,अच्छे दिन लाएंगे!!
३.
हरा भरा खलिहान,संस्कृति की पहचान,
परब हरियाली का,बड़ा ही निराला है!!
महीना है सावन का,जय हो भोलेनाथ की,
छोड़छाड़ अमृत को,पिए विष हाला है!!
मगन होते किसान,लहराते देख धान,
बनकर हलधर,देश को संभाला है!!
अन्न धन घर द्वार ,अपनों का साथ मिले,
माता पिता साथ रहे,वर्षो हमें पाला है!!
===========================
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव,डौंडी लोहारा,
छत्तीसगढ़ ९६१७५८९६६७

बुधवार, 8 अगस्त 2018

भारत का स्वाभिमान

समीक्षार्थ
विधा:- मनहरण घनाक्षरी

भारत का स्वाभिमान
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भारत का स्वाभिमान,देव मुनि की संतान.
देश हमारा न्यारा है,प्यारा ये हिन्दुस्थान.
गगनचुंभी पर्वत,दक्षिण हिन्द महान.
गंगा की पावन धारा,करती गुणगान.
वीर शिवा की धरती,बेटा भगत की शान.
माँ खातिर मर मिटे,आजाद बलवान.
मिल कसम लें आज,बढ़े तिरंगे का मान.
त्याग तपस्या की गाथा,गुँजता जयगान.
=========================
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ.

तिरंगा लेके हाथ में

*विधा:-मनहरण घनाक्षरी*

*तिरंगा लेके हाथ में*
=========================
तिरंगा लेके हाथ में,आओ बढ़ाएँ कदम,
मातृभूमि की खातिर,मिटे साथियों हम.
है हिमालय कहता,अरियों के तोड़ें भ्रम,
केसरी की चाल सम,करें प्रहार हम.
भारत अब क्यूँ सहे,ये नापाक वार क्रम,
भरें अब रुधिर में,जोश अक्षय दम.
नाज करे दुनिया ये,साज जय सरगम,
तोषण कहे आज से,हो वन्दे मातरम्.
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तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़

शनिवार, 28 जुलाई 2018

नारी शक्ति देश की

*नारी शक्ति देश की*

नारी शक्ति देश की,जाग जाग जाग
बुरी शक्तियों को अब,दाग दाग दाग

द्रोपती सीता जैसी,बन जाओ दुर्गा काली।
आज ये दिखा सबको, कितनी है शक्तिशाली।

बैरियों के मुख निकले भाग भाग भाग......!

जीजा जैसी ज्ञान दे,लक्ष्मी सा प्राण दे।
अनुसुइया की धरती पर, सतित्व का मान दे।

मधुबन राधा गाये,फाग फाग फाग.......!

कलयुग की नारी हो,दुष्ट को संघारी हो।
आये जो समक्ष तेरे,सबको ललकारी हो।

छोड़ अनुराग दिखा,राग राग राग......!

ममता तेरी प्यारी है,जग से भी न्यारी है।
इस धरा की गोद में,राम को उतारी है।

जिसकी सेवा में लगे,नाग नाग नाग.....!

दिया तुने हमें भगत,और वीर आजाद को।
डिगा सके न शत्रु,तेरे इन फौलाद को।

लेकर बंदुक गोली,दाग दाग दाग.....!

एक तेरी जय हो,ऐसा कोई समय हो।
सबका तुझे मान मिले,सबका प्रणय हो।

ले चिंगारी धधके,आग आग आग.....!

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो:-९६१७५८९६६७
http://arhkepagakalagi.blogspot.com

शुक्रवार, 27 जुलाई 2018

हाथ ले मशाल तू

*युवाओं की रगो में जोश भरती कविता तोषण कुमार चुरेन्द्र की कलम से भारत माता की अंतरात्मा से निकली वाणी*


*हाथ ले मशाल तू*

*उठ मेरे लाल तू,बनके महाकाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।*

संकटों की राह पर,
दम्भ भरले बाँह पर।
भीड़ तू चट्टान से,
जय कर तू आह पर।

*ध्वज तिरंग सम्हाल तू,रूप ले विकराल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।१।।*

अस्मत लुटे नहीं,
किस्मत मिटे नहीं।
हो विचार क्रांति का,
हिम्मत डिगे नहीं।

*बनके भूचाल तू,हो प्रलयंकाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।२।।*

दुश्मनों का चैन लूट,
होकर सब एकजूट।
कर दे तू शंखनाद,
दुश्मनों के छक्के छूट।

*बनके लाल बाल पाल तू,दिखा जरा कमाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,बाथ ले मशाल तू।।३।।*

केसरी दहाड़ बन,
हिमालय पहाड़ बन।
काश्मीर की घाटी में,
फौजी की हुंकार बन।

*खींच दुश्मनों के खाल तू,कर दे धरा लाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।४।।*

पापियों की हार हो,
दुष्टों का संघार हो।
एक तेरी जय गुँजे,
हाथ जो तलवार हो।

*कर दे धमाल तू,हो जाये कमाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे,हाथ ले मशाल तू।।५।।*

रगो में रवान भर,
जोश को जवान कर।
ले कलम तू हाथ में,
देश को महान कर।

*जोहर का लाल तू,खूँ में भर ऊबाल तू।*
*घन तिमिर को चीर दे, हाथ ले मशाल तू।।६।।*

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़, ४९१७७१
मो:-९६१७५८९६६७

मंगलवार, 17 जुलाई 2018

होगे मन बइमान रे

होगे मन बइमान रे भइय्या, होगे मन बइमान रे.
जेती जाथँव तेती देखथँव, मइनखे हे शइतान रे. भइय्या होगे मन बइमान

कहूँ बेटी के लुटत हे इज्जत,कोनो दारु पीके मारत हे.
चोर ढोर के संगत करे,जिनगी ल नइ सँवारत हे.
बइठे खेलत हावय जुआ,का कोलकी मइदान रे
होगे मन बइमान रे भइय्या, होगे मन बइमान रे.

ददा दाई के कमई म फुदरे,नटेर के आँखी देखावत हे.
छोटे बड़े के लिहाज न थोरको,सरम ल बेंच के खावत हे.
सोंच सोंच के तोषण काँपे,कइसे होही कलियान रे
होगे मन बइमान रे भइय्या, होगे मन बइमान रे.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

मंगलवार, 10 जुलाई 2018

जय जोहार

============={•}==============
*होवत बिहना झोक ले,.....मोरो जय जोहार!*
*राम नाम के संग में....,मिलही खुशी अपार!!*
============={•}==============
*सुग्घर जिनगी हे मिले,....करले तँय उदधार!*
*जपले तँय हरि नाम ला,तब मिलही भंडार!!*
============={•}==============

रविवार, 8 जुलाई 2018

राम कथा

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विषय दर्श कामना
=============
हे!
मेरे
राघव
दर्शन दो
तरसे नैन
जीवन बुढ़ापा
कहते दशरथ !!
=============
विषय राम जनम
=============
श्री
राम
जनम
हितकारी
जग पावन
मगन दशरथ
कौशिल्या महतारी
=============
विषय सीता स्वयंबर
=============
लो
राम
लखन
विश्वामित्र
सिया बिहाने
लगा स्वयंबर
जयकार राम की!!
==============
विषय राम बनवास
==============
है
आज्ञा
राघव
चले वन
भ्राता सपत्नि
दशरथ दुखी
नगर पुर वासी !!
=============
विषय सीताहरण
=============
श्री
हीन
रावण
चल पड़ा
सिया हरने
मारीच हिरण
पीछा करते राम !!
=============
ोषण कुमार चुरेन्द्र

शनिवार, 7 जुलाई 2018

गाले गाले गाले गाले

गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

मुट्ठी बाँध के आये जगत में, हाथ पसारे जाबे.
भटकत रहिबे मोह माया म, पाछू फेर पछताबे.
गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

गाईन मीरा तुलसी कबीरा, प्रभु दरस ल पाईन.
अंतस म सियाराम बसाके, जिनगी धन्य बनाईन.
गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

चारेच दिन के सुग्घर मेला, आखिर ये माटी के ढेला
झन फंसे र चटक चाँद म, दू दिन के हे झमेला.
गाले...गाले... गाले... गाले
गाले गाले गाले सियाराम के भजन ला२

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र

कहती मेरी कविता

बहती धरणी के वक्षस्थल से,गंगनीर की सरिता है.
ध्यान लगाकर सुन लो,कहती मेरी कविता है.

उत्तर में है कश्मीर की घाटी,भारत का है जो ताज रहा.
अरियों की गुस्ताखी देखो,आँख है खोले ताक रहा.
पाक होकर इस जहान में,सदा रही पतिता है.
ध्यान लगाकर सुन लो........

मिट गये कितनों मिटाने वाले,भारत माँ की शान को.
लाल बाल सुखदेव राजगुरू,मिल जो बचाये आन को.

आ जाते हैं जो काम देश के,मर कर भी वह जीता है.

ध्यान लगाकर सुन लो........

सब दिल में हो भाईचारा,चमन चमन में शांति हो.
बनेगा भारत विश्व गुरू जब,कहीं न कोई क्रांति हो.
हर घर लगे मंदिर मस्जिद़,रहे कुरान और गीता है.
ध्यान गाकर सुन लो........

मिली जिंदगी है हमको साथी,प्रेम सुमन को बाँटो तुम.
दिल के तार मिले हर दिल तक,बंधन को न काटो तुम.

जग में पसरे सारे हलाहल,शंकर सम तोषण पीता है.

ध्यान लगाकर सुन लो........

©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
८/७/१८/८/३०

शुक्रवार, 6 जुलाई 2018

हम वो शम्मा हैं

हम वो शम्मा हैं जो सावन में आग लगा देंगे.
भँवरा है हम वो जो बागों में गुल खिला देंगे.
बनकर तूफान जो हम टकराएँगे इस कदर,
पत्थर जो आये सामने उसको भी हिला देंगे.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

बुधवार, 27 जून 2018

धनगाँव के बजार मा

आ जाबे मोर रानी तैंहा,,, धनगाँव के बजार मा.
गुपचुप खावाहूँ तोला रे गोरी--२ लेहूँ सोला सिंगार ना.

करे मुखारी जामुन डारा,,, पानी ल धरे कटोरा मा.
पथरा होगे मोर आँखी हा,,,बही ओ तोर अगोरा मा.
तोर मया होगेंव दिवाना,,,किजरँव खारे खार मा.
आ जाबे मोर रानी तैंहा,,,,.....

कोयली कूहुके आमा के डारा,,,मोर मँजूर मन नाचय ओ.
पड़की परेवना मारय ताना,,,संगी जँहुरिया हाँसय ओ.
चारो कोती तोरेच चेहरा,,,घूमत रहिथे घर दुवार मा.
आ जाबे मोर रानी तैंहा,,,

घरे बनाय छाये ल खपरा,,,कँऊवा बइठे छानी मा.
मन मोहागे तोर पाछू,,,जादू भरे तोर बानी मा.
सूतत उठत तोरेच सुरता,,,का अँजोरी अँधियार मा
आ जाबे मोर रानी तैहा,,,

©®
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*२७/६/१८/७/४०पू.*

गुरुवार, 21 जून 2018

दोहे तोषण के

गलती मेरी देख के,करना मुझको माफ!
जितने मन में मैल है,हो जाए सब साफ!!

देख सखी बरसात में,पवन मचाए शोर!
नाचत मयुरा देख के,मनवा उठे हिलोर!!

जब सावन आषाढ़ मे,मेढक शोर मचाय!
होकर दिल मजबूर ये,चाहत गीत सुनाय!!

सावन में सब है हरा,झूमता खेती खार!
होती हरियाली परब,मगन भए संसार!!

फूँक फूँक रखलो  कदम,मन में रखलो बात!
लेकर दीपक सब चलो,कट जाएगी रात!!

चल चल साथी साथ तू,ले मशाल जो हाथ,
करता सबपे है दया,मेरे दीनानाथ!!

मेरा तेरा कुछ नहीं, सब माया बाजार!
है दो दिन की जिंदगी,सबसे करलो प्यार!!

इस कलयुग संसार में,केवल हो विश्वास!
धरम करम होगा सदा,है तोषण को आस!!

आता जाता कुछ है नहीं,कैसे लिखता छंद!
पढ़ा लिखा ज्यादा नहीं, हूँ मैं जी मतिमंद!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र
९६१७५८९६६७

बुधवार, 23 मई 2018

दोहे तोषण के

दोहे तोषण के...

अनुभव तो होगा कभी,वो ममता वो प्यार.
जिनसे जीवन में मिला,स्नेह प्रेम संसार.!!१!!

जीवन ये अनमोल है,यूँ कुड़े मे न रोल.
पाप पुण्य के खेल में,बिरथा बाजा ढोल.!!२!!

मेरी नइया धार में, हाथ नहीं पतवार.
होता साथी जो यहाँ,सबको करता पार.!!३!!

रोटी कपड़ा औ मकाँ,देता सबका साथ.
मंजिल होगा पास में,लो हाथों में हाथ.!!४!!

मौसम गरमी का यहाँ,तपती जलती धूप.
ठंडा पानी सब पियो,पल पल निखरे रूप.!!५!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र

एहसास

एहसास होगा कभी,वो ममता वो प्यार.
जिनसे जीवन में मिला,स्नेह प्रेम संसार.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

सोमवार, 21 मई 2018

दोस्ती

दोस्ती में आपकी कुर्बान हो जाऊँगा.
आपके लिए बाईबल कुरान हो जाऊँगा.
हजारों खुशियाँ हो जिंदगी मे आपकी,
फूलों से सजा हुआ गुलदान हो जाऊँगा

तोषण कुमार चुरेन्द्र

मंगलवार, 15 मई 2018

माँ

दिया तुमने जनम मुझे ये तेरा एहसान है.
माँ तेरे कदमों में ही मेरा सारा जहान है.
कर्म धर्म मेरा कितना भी अच्छा हो माँ
पूरी कायनात में माँ एक तू ही महान है

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

जीवन

फूलों की खुशबूओं सी महकता रहे जीवन
पक्षियों की कलरव सी चहकता रहे जीवन
सदा रहे कायनात तेरी खुशियों से भरी हुई
दीपक की ज्योति सी दमकता रहे जीवन

तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

गुरुवार, 10 मई 2018

सरस्वती वंदना

सरस्वती माँ की चरणों में सदा बहती ज्ञान की धारा
आओ मिल सब डुबकी लगायें यह सौभाग्य हमारा

जब तक जीवन सीखते जायें इसका नहीं किनारा
बालकपन से वृद्धावस्था होता नहीं है गँवारा
ज्ञान की ज्योति होती जहाँ पर होता नहीं अँधियारा.....

हम अबोध अज्ञानी जग के हमको है कुछ आता नहीं
तेरी जैसी इस जहान में और दूजा कोई माता नहीं
शरण पड़े है मिलकर दर पे दे दो हमको सहारा......

पाकर कृपा तेरी माता हम तो धन्य हो जायेंगे
दिये ज्ञान जो तुमने दाती जग में उन्हें लुटायेंगे
ज्ञानवान विद्वान सभी हो भारत समृद्ध सारा......

तोषण कुमार चुरेन्द्र
arhkepagakalagi.blogspot.com

सोमवार, 7 मई 2018

डीलेड

दो हजार उन्नीस तक, डीलेड करें पास!
लिख पढ़ लेना भाइयों,जीवन होगा खास!!

तोषण कुमार चुरेन्द्र
९६१७५८९६६७

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arhkepagakalagi.blogspot.com

बुधवार, 25 अप्रैल 2018

साँई धाम


लोहारा के तीर मा,सुग्घर साँई ठाँव.
किरपा करथे हाथ ले,लेवव जुरमिल नाँव.

पानी ले दीया जरे,महिमा अपरम्पार.
जय हो साँई नाथ के,करलव जी जयकार.

सबके मालिक एक हे,सबझन ला समझाय.
सरधा सबुरी हाँथ में,गठरी लेहु बँधाय..

लइका जायसवाल के,साँई धाम बनाय.
मिलके सब परिवार हा,झूमके परब मनाय.

संगी तोषण आज जी,मन मन हे हरसाय.
मोर जनम अब धन्य हे,साँई दरसन पाय.

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

औषधालय

*औषधालय*

कानन आज
बना औषधालय
मिलती दवा.

मिटे जीवन
बिन औषधालय
गाँव वीरान.

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

सोमवार, 2 अप्रैल 2018

भट्ठी में

घुमेबर चलदेंव मेंह एकदिन गउ दारु भट्ठी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी अउ चपटी म

देखेव जाके जब अनर बनर
पियत बइठे सब जतर कतर
चांटत रहे नुन पीये के हे धुन
चाबवत चना ल कटर कटर

चलायके नंइहे सकति फेर चड़के जावै फटफट्टी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी अउ चपटी म

सुआरी लइका के मोह नंइहे
दानापानी के थोर संसो नंइहे
लगेहे लत इंहां पियकड़ु के
कोनों चाहे अब कहीं कइहे

पीयेबर पइसा निही त पइसा भिड़ाय चोरकट्टी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी अउ चपटी म

हर पियकड़ु जेब म अधार धरथे
पइसा नी रही जोगड़ कोनो करथे
संगवारी खोजथे पियकड़ु अपन
जीते जीयत पीही पीते पीयत मरथे

अलप समय पियइया ल जात देखेव मरघट्टी म
का मोहनी डराय रथे बाटल अदधी चपटी म

तोषण कुमार चुरेन्द्र

उड़ती फिरूँ

समीक्षार्थ

ताँका

उड़ती  फिरूँ
  उन्मुक्त  गगन  में
    बनके  पंछी
      चले  मन  पुरवाई
        करता  अगुवाई..

तोषण कुमार चुरेन्द्र

उड़ती फिरूँ

समीक्षार्थ

ताँका

उड़ती  फिरूँ
  उमुक्त  गगन  में
    बनके  पंछी
      चले  मन  पुरवाई
        करता  अगुवाई..

तोषण कुमार चुरेन्द्र

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...