रविवार, 16 मई 2021
मोर बेटा राज दुलारा
गुरुवार, 6 मई 2021
मैं मजदूर हँव
वैक्सीन लगाबो
मंहगाई
कोरोना स्लोगन
रविवार, 24 जनवरी 2021
नेता जी
रविवार, 3 जनवरी 2021
छत्तीसगढ़िहा युवा
गुरुवार, 19 नवंबर 2020
हाय रे कोरोना चेकप
मंगलवार, 17 नवंबर 2020
हाय रे कोरोना चेकप
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020
शरद की अमृत धार
शरद पूर्णिमा की हार्दिक बधाई व शुभकामनाओं के एक रचना....
*शरद की अमृत धार*
चाँदनी रात में आज चाँद खिलखिलाया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।
शरद की रातें जुगनू की तरह चाँदनी चमकती है।
बूँदे ओस की धरा पर फैली कोहिनूर दमकती है।
देख - देख नजारा गगन से दिनकर भी शर्माया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।1।
शरद की सर्द रातें शीतलता बरसाती मन भीतर।
बगिया मुस्कुराती फूलों की खुश्बू बिखराती ईतर।
नवरसों में मदमाता भँवरा चहूँ दिक में मंडराया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।2।
मधुबन बहकने लगी आज श्याम दर्श जो होना है।
प्रेम बहार सोलह श्रृंगार लिये एक दूजे में खोना है।
राधेकृष्ण की रासलीला स्वयं शिव देखने आया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।3।
सप्त सुरों का राग लिए सतरंगी फाग महीना है।
इंद्रधनुषी रंगों की जैसी दुनिया और कहीं ना है।
शरद की अमृत धार से "दिनकर" आज नहाया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।4।
©®
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगांव, डौ.लोहारा
बालोद,छत्तीसगढ़
30/10/20
शनिवार, 25 अप्रैल 2020
बेटी
बुधवार, 8 अप्रैल 2020
बासी चटनी खाले ठनके
मंगलवार, 10 मार्च 2020
एसो होरी तिहार मा
मंगलवार, 21 जनवरी 2020
चुनाव माहोल
गुरुवार, 9 जनवरी 2020
उम्मीदवार के ब्यथा
बुधवार, 11 दिसंबर 2019
माथ नँवाऊँ
मकडज़ाल
शुक्रवार, 8 नवंबर 2019
मधुर साहित्य
रविवार, 20 अक्टूबर 2019
मिट्टी का दीपक
जब तक जलता रहूँगा जग में, ज्योति मिलेगी मुझसे ही।
होता जीवन सब प्रकाशित और अंधेरा मुझसे ही।
साथ मिले जो सबका मुझको,मैं भी साथ निभाऊँगा।
बनकर दीपक बाती संग मैं,तम को भी जीत जाऊँगा।
बन जाए अनमोल ये जीवन,हो जाये जग नाम अमर,
दीपदान कर अपने वतन पे,कर्ज चुका दे इस मिट्टी की।
बनकर ऊर्जा तेरे भाल पर,मिट्टी से तिलक लगाऊँगा।
बनकर दीपक बाती संग मैं,तम को भी जीत जाऊँगा।
मेरे बिन हर आँगन सूना,रौशन हर द्वारे मिलता।
मेरी महत्ता मान लो सब,अपना वजूद जान लो सब,
मुझसे ही होता अरूणोदय,और मुझसे है पुष्प खिलता।
मुझको सब स्वीकार करलो,नित नया सवेरा लाऊँगा।
बनकर दीपक बाती संग मैं,तम को भी जीत जाऊँगा।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा
डौंडी लोहारा
९६१७५८९६६७
मंगलवार, 10 सितंबर 2019
हवाई जहाज बनाऊँगा मैं।
राम नाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
-
"पाँच बातें " पाठ - 14 "पाँच बातें " कक्षा - 4 1- हर एक काम इमानदारी से करो ! 2- जो भी तुम्हारा भला करे, उसका कह...
-
हरा भरा खलिहान,संस्कृति की पहचान, परब हरियाली का,बड़ा ही निराला है!! महीना है सावन का,जय हो भोलेनाथ की, छोड़छाड़ अमृत को,पिए विष हाला है!...
-
लोहारा के तीर मा,सुग्घर साँई ठाँव. किरपा करथे हाथ ले,लेवव जुरमिल नाँव. पानी ले दीया जरे,महिमा अपरम्पार. जय हो साँई नाथ के,करल...

