सोमवार, 16 दिसंबर 2019
अंडा
कुमकुम वेणी
वोट
वेणी कुमकुम
माथ पकड़ रोता रहा
*-:तोषन के दोहे पंच:-*
माथ पकड़ रोता रहा, बदरा देख किसान।
हुई मिजाई है नहीं, पड़ा धान खलिहान।।१।।
टिपटिप करती ही रही, देखो आधी रात।
बिन दुल्हा जस है लगे, बिन मौसम बरसात।।२।।
ध्यान नहीं दिन रात की , घड़ी घड़ी आँसू धार।
मन आया तो हँस लिये, ये मेघा कचनार।।३।।
पड़े समय की मार जब, मरते जात किसान।
बिन मौसम बरसात ये, कैसा ये दिनमान।।४।।
मिट्टी में है मिल गई, देखे सपने सार।
जीना मरना क्या कहें, है किसान लाचार।।५।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा
डौंडी लोहारा बालोद छत्तीसगढ़
रविवार, 15 दिसंबर 2019
दान
समय
सबले बढि़हा नगरिहा भैय्या
दान
शनिवार, 14 दिसंबर 2019
शादी के लड्डू तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा
वोट
अंत्याक्षरी
टूटे पंखों को ले करके
शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019
धनगंइहा के दोहे
बुधवार, 11 दिसंबर 2019
माथ नँवाऊँ
गाय
साहित्य
गाय का पालन
पवन प्रभाती
अंतर जाल
मानवता
घनाक्षरी
मकड़जाल
मेरा देश
मकडज़ाल
रविवार, 8 दिसंबर 2019
गीता ज्ञान 2
गीता ज्ञान 1
बुधवार, 27 नवंबर 2019
जहरीली धुआँ
चिमनी
मंगलवार, 26 नवंबर 2019
नदी
रविवार, 24 नवंबर 2019
बाल श्रम
गौरक्षा
शुक्रवार, 22 नवंबर 2019
शिक्षक
गुरुवार, 21 नवंबर 2019
स्वच्छता अभियान
पॉलीथीन
बुधवार, 20 नवंबर 2019
माटी ले बने हँव
माटी ले बने हँव संगी, माटी मा जड़े हँव।
कभू किसान त कभू, जवान बन खड़े हँव।
छल कपट ले तारे बर,सत के दिया बारे बर,
बन के लेखनी लड़े बर तोषण तीर अड़े हँव।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा
सोमवार, 18 नवंबर 2019
खोपा के गजरा
शनिवार, 16 नवंबर 2019
शनिवार, 9 नवंबर 2019
राम राज
_//धनगंइहा के दोहे सप्तक//_
राम राज की कल्पना, आज हुई साकार।
न्याय चक्र के साथ में,नमन करे सरकार।।1।।
मेरे रघुवर राम की,बनेगी सुंदर ठाँव।
दर्शन करने आइये, मिलकर पूरा गाँव।।2।।
हुआ विजय आज जो,हर्षित है संसार।
दिपावली लौटी फिर से,करें राम जयकार।।3।।
दीप जले उजियार घर,भारत वर्ष महान।
होगा नव निर्माण अब,कहते संत सुजान।।4।।
राम राज की बात सुन,हुए नर नार।
जय जय सीताराम के,गुंजे जय जयकार।।5।।
मोदी के सरकार में,कारज हुए अनेक।
शिखर सफलता पग चुमें,चाह एक से एक।।6।।
हिन्दू मुस्लिम एक हो,तोषण का संदेश।
होकर सब एक जुट,सकल मिटाएँ क्लेश।।7।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा
९६१७५८९६६७
All rights reserved@writter Toshan Kumar Churendra
शुक्रवार, 8 नवंबर 2019
मधुर साहित्य
तोर पैरी के रूनझून
राम नाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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"पाँच बातें " पाठ - 14 "पाँच बातें " कक्षा - 4 1- हर एक काम इमानदारी से करो ! 2- जो भी तुम्हारा भला करे, उसका कह...
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एक सिपाही सीमा मे डटे हे ।अइसन देवारी तिहार म । त मन म का बिचारत हे। का काहत हे आवव देखन ।कविता के चार लाइन हमर देस के जवान मन बर सादर समर...
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चंडिका में लघु प्रयत्न मात्रा भार १३-१३ ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ भारत मेरा देश है, अलग यहाँ का वेश है। ऋषि मुनियों की ये धरा...

