सोमवार, 8 जून 2020
उगा भास्कर
बुधवार, 8 अप्रैल 2020
होली विशेष
मंगलवार, 10 मार्च 2020
होरी हे
बुधवार, 11 दिसंबर 2019
मकड़जाल
बुधवार, 25 अप्रैल 2018
औषधालय
*औषधालय*
कानन आज
बना औषधालय
मिलती दवा.
मिटे जीवन
बिन औषधालय
गाँव वीरान.
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.
मंगलवार, 27 मार्च 2018
काँटें
काँटे
है सुरक्षित
महकता गुलाब
काँटों के मध्य...
कैसे बढ़ता
काँटोें भरी राह पे
अड़चन है...
जग वीरान
काँटों भरा जीवन
सुमन नहीं...
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव
शनिवार, 24 मार्च 2018
दरार
मिटे दरार--
बँधे एक्य सूत्र से
नवरात्रि में.
हुए दरार--
भाई भाई के मध्य
बढ़ती दूरी.
बँटता जग
दरारों के दरम्याँ
समेटो कोई---
कैसे खिलता
गुलाब सीमा पर
बाधा दरार---
रहें मिलके--
भर दें दरार को
प्रेम रेत से.
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगाँव
बुधवार, 21 मार्च 2018
नवरात्रि
नवरात्रि विशेष
मातृ पूजन
नवजोत जलायें
नवरात्रि में....
जय माता की
जयकारा लगायें
शेरावाली की....
तोषण कुमार चुरेन्द्र
शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018
सेवा के मेवा
हाइकु
सुत्र ५/७/५
सेवा के मेवा
मिलही एकदिन
धीरज धर.....
मोर करम
हवय बईमान
देवय धोखा
ददा के हाथ
किरपा बरसय
सकेलो सब...
पइसा ऱुख
पनपे भष्टाचार
मुड़ के पीरा...
पानी लावय
बंगाला के चटनी
बड़ सुहाय...
बिदा बेटी के
ददा बड़ रोवय
दाई सुसके
मोर मोहना
जाबे कहाँ बाँचके
रँगहूँ तोला...
सुग्घर गोठ
छत्तीसगढ़िहा के
लगथे मीठ...
रंग बे मोला
नेवता देवत हों
आजबे तैहा...
मिलके दुनों
रचाबो रंग रास
होरी तिहार...
अपन गोठ
बढ़िहा जमत हे
जोड़ी हमर...
मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018
धूल मिट्टी पत्थर
*💐🙏🏻~ हाइकु मञ्जूषा ~🙏🏻💐*
*(क्र. - 10)*
*दिनांक 21/02/2018*
*दिन - बुधवार*
*हाइकु सृजन का विषय*
*धूल*
*मिट्टी*
*पत्थर*
*विषय संदर्भित हाइकु सृजन काल प्रातः 08.00 से रात्रि 08.00 बजे तक ।*
*संचालक - प्रदीप कुमार दाश "दीपक"*
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
धूल
गोधूली बेला
गाय का आगमन
उड़ते धूल ...
मिट्टी
महके मिट्टी
बरसती बूंदो से
अंकुर बीज...
पत्थर
पूजे जहान
पत्थर की मूरत
आस्था प्रतीक....
तोषण कुमार चुरेन्द्र
रविवार, 18 फ़रवरी 2018
समझदारी
*💐🙏🏻~ हाइकु मञ्जूषा ~🙏🏻💐*
*(क्र. - 09)*
*दिनांक 19/02/2018*
*दिन - सोमवार*
*हाइकु सृजन का विषय*
*कली*
*पुष्प*
*भ्रमर*
*बसन्त*
*विषय संदर्भित हाइकु सृजन काल प्रातः 08.00 से रात्रि 08.00 बजे तक ।*
*विषय प्रदाता - आ. किरण मिश्रा जी*
*संचालक - प्रदीप कुमार दाश "दीपक"*
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
समझदारी
खिलने दे कली को
जग महके....
विकल पुष्प
काँटो के दायरें में
मन द्रवित....
भ्रमर लक्ष
मंडराते करीब
सुता परेशाँ...
बसंत राग
कोयल गाती कैसे?
बनके कैदी....
तोषण कुमार चुरेन्द्र
शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2018
चली बयार
*" हाइकु मंच छत्तीसगढ़ "*
💐💐💐💐💐💐💐
*09 फरवरी आज के हाइकु का विषय :-*
*बसंत*
*बयार*
*रंग*
*सरसों*
*गुलाब*
*चयनित हाइकु*
*01. गुलाब रोया*
*शहीद से लिपट*
*सुपुत्र खोया ।*
*✍🏻स्नेहलता वर्मा*
*02. परसा फूले*
*फागुन रंग खिले*
*वन झाड़ में ।*
*✍🏻नरेश कुमार जगत*
*03.चली बयार*
*लिये फागुन राग*
*जग रंगोली ।*
*✍🏻तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*अतिरिक्त : ----*
*01.रंग-बिरंगे*
*प्रसूनों से सज के*
*प्रकृति झूमे ।*
*✍🏻सविता बरई*
💐💐💐💐💐
*विषय प्रदत्त : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी*
*समीक्षिका : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी*
*हाइकु चयनकर्ता : आ. देवेन्द्र नारायण दास जी*
*संचालक : प्रदीप कुमार दाश "दीपक"*
💐💐💐💐💐💐💐
गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018
माँ की सुरत
माँ की सूरत
आईना बेटियों की
नेक नियत...
तेरी ही छवि
दे माँ नव जीवन
बनूँगी रवि...
बनूँ तूफान
मुश्किलों से मैं लड़ूँ
हारे चट्टान...
बिटिया प्यारी
सीता सावित्री मनु
राज दुलारी...
शिवा की माता
जिंदादिली जीजा की
भाग्य निर्माता...
चलूँ उड़ते
स्वच्छंद अंबर पे
मन झूमते...
तोषण कुमार चुरेन्द्र
ज्ञान प्रदाता
ताँका
ज्ञान प्रदाता
संवारता जीवन
राष्ट्र निर्माता
जगमगाता जग
सुदृढ़ पग - पग
🚶🚶🚶🚶
ताँका
मेरा जीवन
उलझाता समय
है आजीवन
मंगल की तलाश
है जगत उदास
हाइकु
बरसे आग
क्रोधित दिनकर
अजब राग
बहे सरिता
करने उपकार
धरा पुनिता....
सींचती धरा
आलोकित चमन
हो हरा भरा...
हो अग्रसर
चरैवेति कामना
झरना झर...
मिटाती प्यास
अंतरात्मा संतुष्ट
सबकी आस...
भूमि पावन
जन गण हर्षित
मनभावन
जगमगाया
दीप राजिम कुंभ
मन लुभाया...
श्रद्धालु झुमे
पुलकित हृदय
करते जय...
तोषण कुमार चुरेन्द्र
बसंत बयार
" हाइकु मंच छत्तीसगढ़ "
09/02/2018
आज के हाइकु का विषय
💐💐💐
फरवरी माह को ध्यान में रखते हुए ये विषय :-
बसंत//बयार
//रंग//सरसों //गुलाब
विषय प्रदत्त : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी
समीक्षिका : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी
हाइकु चयनकर्ता : आ. देवेन्द्र नारायण दास जी
संचालक : प्रदीप कुमार दाश "दीपक"
को सादर संप्रेषित....
*बसंत*
खिले पलाश
मदमाती बसंत
आम्र मञ्जरी...
*बयार*
चली बयारें
लिये फाल्गुन राग
जग रंगीली...
*रंग*
रंग परब
छटा इंद्रधनुषी
उड़े गुलाल...
*सरसों*
पीली सरसों
हरीतिमा धरा
घानी चुनरी...
*गुलाब*
सुर्ख गुलाब
प्रेम परिचायक
जगाते ख्वाब...
बुधवार, 17 जनवरी 2018
तरु है दादा
१७-१-१७
का हाइकु
तरु है दादा
परिवार का मूल
नेक इरादा
जीवन मेरा
पिता का आशीर्वाद
छाँव का घेरा
मूरत माँ की
ममता का आँचल
तीरथ झाँकी
भातृ का स्नेह
दुलार भउजी की
कंचन मेह
बहन की राखी
स्नेह भरी रसरी
उड़ती पाखी
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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सोमवार, 20 नवंबर 2017
दिन ढलते
आँसू कहते
कब आओगे तुम
दिन ढलते.....
निहारुँ राह
है मन आनंदित
प्रेम की चाह...
हो आगमन
चकवा निहारती
स्वाती की बूँद....
तोषण कुमार चुरेन्द्र
शभकामना
एकता शक्ति
पूरे हो अरमान
शुभकामना
ओस की बूँदे
टिमटिमाते तारे
धरा अम्बर...
कर्म है तेरा
न हो इच्छा फल की
कृपा ईश की...
खेलते बच्चे
धरना में शिक्षक
तम भविष्य
माँ की डाँट
नसीब में भी नही
रुठी किस्मत.. .
माँ की यादें
है अंतरात्मा बसी
भीगी पलकें
तोषण कुमार चुरेन्द्र
रविवार, 19 नवंबर 2017
अपना गाँव
तरु की छाँव
खेलता बचपन
अपना गाँव
मिट्टी चंदन
निखरित मस्तिष्क
कोटि वंदन
बहे सरिता
है धरा पल्लवित
मग पुनिता
कुँजती पिक
लगे मनभावन
देती सीख
कृषक झुमे
लहलहाते धान
माथा चुमे
पुष्प पलाश
देती नव चैतन्य
पूरी तलाश
तोषण कुमार चुरेन्द्र
शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
राम नाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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"पाँच बातें " पाठ - 14 "पाँच बातें " कक्षा - 4 1- हर एक काम इमानदारी से करो ! 2- जो भी तुम्हारा भला करे, उसका कह...
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हरा भरा खलिहान,संस्कृति की पहचान, परब हरियाली का,बड़ा ही निराला है!! महीना है सावन का,जय हो भोलेनाथ की, छोड़छाड़ अमृत को,पिए विष हाला है!...
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लोहारा के तीर मा,सुग्घर साँई ठाँव. किरपा करथे हाथ ले,लेवव जुरमिल नाँव. पानी ले दीया जरे,महिमा अपरम्पार. जय हो साँई नाथ के,करल...