रविवार, 25 जुलाई 2021

राम नाम


राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम।
राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम।
बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा।
करथे बेड़ा पार,बने जी सबके हितवा।
कह तोषण कर जोड़,राम में मन मोर रमय।
मया मोह ले दूर,सबो मिलके राम जपय।


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

सावन

*सावन के पहिली सोमवार मा भोलेनाथ सबला आशीष दे*

*घनाक्षरी*

सावन के महिना मा,पूजा करे नर नारी,
भोले के भजन करे,जग में महान हे।
डमरु बाजे शिव के,तरे सगरो जीव हे,
शिव जी के महिमा ल,जाने ये जहान हे।
डम डम डमरू के,मन मोहे अति प्यारी,
ओम के गुजन होवे,कोयली के तान हे।
आवव भगत सबो,बम बम सब कबो,
कँस के आशीष दीही,भोले भगवान हे।


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

शनिवार, 24 जुलाई 2021

गुरु पूर्णिमा

*समस्त गुरुजनों को नमन करते हुए आप सभी को बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं....*


गुरुपूर्णिमा विशेष

पूर्णिमा गुरु व्यास की,कोटि नवाऊँ माथ।
रहे कृपा तेरी सदा,हरपल मेरे साथ।।

सदा रहे गुरुदेव की ,मेरे सर पर हाथ। 
चलूँ डगर मैं यूँ सदा,लेकर सबको साथ।।

मात पिता के नेह से,बढ़ता निशदिन मान।
कर्म धर्म से ही मिले,दुनिया में पहचान।।

चरण नमन गुरुदेव की,सदा करें दिन रात।
अंग अंग है जब भीगता,करे ज्ञान बरसात।।

गुरु के सुमरन से सदा,बनते बिगड़े काम।
जिनकी करुणा से मिले,नटवर सीताराम।।

मान गुरु आदेश को,दे अंगूठा दान।
एकलव्य तुम धन्य है,जग में हुए महान।।

शिष्य वही ही है भला,माने गुरु की बात।
अंतर्मन में भी सदा,दे दर्शन दिन रात।।

हे मेरे गुरुदेव जी,तुम ही हो करतार।
नमन सदा स्वीकार हो,अर्जी बारम्बार।।

दोहाकार-
तोषण कुमार चुरेन्द्र 
सरपंच
ग्रा.पंचा.धनगाँव, डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

मंगलवार, 13 जुलाई 2021

राम रमैय्या ल गाले

भजन

राम रमैय्या ल गाले 
हिरदै मा तैहा बसाले
आगा बजरंग आ
तै लाज ला हमरो बचाले

लाली चंदन लाली बंदन 
चुपरे हावस तै माथ मा
अंजनी के बेटा बजरंगबाला
रघुवर हे तोर साथ मा,,,,,,
राम रम्मैया,,,,,

चरन परे तोर भक्तन सगरो
पार ल तैहा लगादे
राम भगति मा मन हा लगे गा
अइसन जुक्ति बनादे,,,,,
राम रम्मैया,,,,,

रविवार, 16 मई 2021

मोर बेटा राज दुलारा

*
मोर बेटा राज दुलारा*

चंदा बरन तै चमकत रहिबे
बनके आँखी के तारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

1
धरती दाई बेटा बनके 
रात दिन सेवा बजाबे
कोरा मा लहराही सोना
गीत मया के गाबे
करजा तँय छुट लेबे बेटा 
होही तभे चुकारा
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

2
पढ़ लिखके हुँशियार होबे
जग मा अलख जगाबे
छोट बड़े ला एके जानबे
सुमता दिया जलाबे
तोर हँसई मा झूमे पूरवइय्या
नाचय जग ये सारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

3
दाई ददा के जतन करबे
सरग मा जग बनाबे
सरवन जइसे नाँव बगरही
मान गजब तँय पाबे
कोनों ला झन दुख पहुँचाबे
रहिबे सबके सहारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

कृति:-
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौ.लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

शुक्रवार, 14 मई 2021

आवव मोर गाँव मा

आवव मोर गाँव मा


बालोद जिला के डौंडीलोहारा ब्लाक मा मुख्यालय ले तीन किलोमीटर पश्चिम में बुड़ती डाहर जग परसिध खरखरा मोहदीपाट बाँध के तीर मा  गाँव धनगांव बसे हे। साढ़े चार सौ के छानी वाले गाँव मा कच्चा अउ पक्का घर हे जेहा दू हजार ले जादा जनसंख्या के अबादी मा पसरे हे।गाँव के बीचोबीच खरखरा नहर आठोकाल बारो महिना गंगा बरोबर बोहावत हे।
*धनगांव के नामकरन*

सियानन मन बताथे कि धनगांव के नाँव धनगांव काबर परिस कहिके।पहिली धनगांव मा भगवान अउ गाँव के देवधामी के आशीर्वाद ले अन्नधन के भंडार अड़बड़ राहय ।धन धान्य के कमती नंइ होय।सबोबर धन के पूरती होवत रिहिस हे। तेकर सेती धनगांव नाँव पड़िस।
*बिकटराव बाबा*
गाँव के मड़ियाकट्टा बाट मा गाँव के बांध घलो हे जेखर नाँव धनगांव झरझरा बांध हे।जेकर गाँव के सबले बड़का मानता देवता बिकटराव के धाम हे। बिकटराव बाबा सबके आस ल पुरोवत आज पूरा गाँव ल अपन आशीर्वाद ले समरीध करत आवत हे। गाँव मा आठोकाल बारोमहिना इतवार के दिन इतवारी तिहार मानथे ए दिन पूरा काम धाम बंद रथे।
*शीतला मंदिर*
 सब गाँव मा एकठन शीतला मंदिर हे फेर धनगाँव मा दू ठन शीतला मंदिर हे एकठन गाँव भीतरी अउ एकठन गाँव ले एक किलोमीटर के दूरी मा। जिंहा नवरात मा जोत जँवारा  के माध्यम ले माता जी ला मनाथे।माता ह घलो अपन भगत मनके आस ला पूरा करथे ।ठाकुर देव,सियार देवता भुमियार देवता अउ जम्मो मानता देवता के आशीर्वाद ले गाँव ह सुख समरीध हे।
*हनुमान मंदिर*

गाँव के बीच गली मा सांस्कृतिक कला मंच करा रामभक्त हनुमान के मंदिर हे।जिहा पुजारी बाबा ह गाँव वाला के सहयोग ले पूजा पाठ आज तकले करत आवत हे।गाँव के सुख दुख के बात ,गाँव के सारजनिक बैठका इही मंदिर के सम्हेरा मा करे जाथे।
*शिव मंदिर*

गाँव के बीचो बीच बोहावत खरखरा नहर के पार मा आजू बाजू दूठन शिवमंदिर हे जिंहा हर शिवरात्रि मा पूजा पाठ करके गाँव के जम्मो नर नारी भाई बहिनी मन अपन मनोकामना ला पूरा करथे।
*साँहड़ा देव*

गाँव मा दू ठन गौठान हे।जिंहा लगभग 700 गाय बछरू बइला ह सकलाथे। एखर रकछा करे खातिर गौठान मा साँहड़ादेव बिराजे हे ।राऊत मन जेकर पूजा पाठ करके गौधन ला बढ़ाय बर ।कोनो अलहन के सामना करेबर मत पड़े कहिके मनोकामना करथे।अउ आशीर्वाद लेथे।
*मातर मढ़ई*

देवारी तिहार लक्ष्मी पूजा गोवर्धन पूजा के बिहान भाई दूज के दिन पूरा गाँव भर के मन मिलके मातर मढ़ई मनाथे।गाँव के सब देवता मनके पूजा पाठ करके गौठान मा गाय बछरू ला खिचरी भात खवाथे। एखर आनंद ले बर दूर दराज के गाँव के मनखे मन देखेबर भारी संख्या मा सकलाथे।सब झन ला परसादी घलो बाँटे जाथे।अउ रातकुन सबझन के स्वस्थ मनरंजन बर नाचा के आयोजन घलो करे जाथे।

             ए परकार ले धनगांव के सब नारी लइका सियान जवान मितान मन सुख दुख सहिके एक दूसर ला सहयोग करत गाँव के संस्कृति अउ परंपरा ला मानत हे।
लेख:-
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा 
बालोद छत्तीसगढ़

गुरुवार, 6 मई 2021

मैं मजदूर हँव

*मँय मजदूर हँव*

सर्दी गर्मी बरसात ला सहिथँव।
  खोंदरा बनाके गाँव मा रहिथँव।
      तन ले बड़ पसीना टपकाथँव,
        मजदूर हँव दुनिया ले दूर हँव।

माटी ला सोना बनाथँव।
  पखरा मा पानी ओगराथँव।
    खेत लहराथँव सोनहा बाली,
      गीत मया के मँयहर गाथँव।

छोटे बड़े काम मँय आथँव।
  बासी चटनी गोंदली खाथँव।
     हाथ गोड़ मोर थकय नहीं गा
       सबला खवाके मँय सुरताथँव।


कुकरा बासत नींद खुलथे।
  रूख राई मा चिरई झुलथे।
    सूरज नरायण करे अंजोर
      मोंगरा फूल दसमूर फूलथे।


हमरो करलव सोर भइय्या।
  धरती दाई के हम सेवा बजइय्या।
     उवत बुड़त तोर संगी सजन गा
        कइसे गा हमर देश ला चलइय्या।

मजदूर दिवस के बधाई अउ शुभकामनाएं....

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

वैक्सीन लगाबो

राशन देवत सरकार हा
साग कहाँ ले लाबो...
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

काम धाम चौपट होगे
पइसा घलो सिरागे
कोरोना बइरी के मारे
दिन कइसन हे आगे

धान झरगे बरफ के मारे
तरवा कहाँ ठठाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

बंद दुकान हे जंउहर भइगे
मनखे होगे हलकान
लाकडाऊन ह कब रहही
गउकीन सिरतो ईमान

अपन पीरा ल काकर कर
अब जाके गोहराबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

तउवा तउवा मनखे होगे
दिन हा कइसे पहाही
अच्छा आही कहिथे सब
कोन जनी कब आही

घुना खावत ये चोला ला
जिनगी कइसे पहाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

बर बिहाव हा सिट्ठा परगे
लाडू के मीठ भगागे
नियम कानून देख देखके
दूल्हा के मति हरागे

कहिथे दस झन मनखे 
संग दुल्हिन ला लाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

मास्क लगाले हाथ धोले
डरना निही डराना निही
बिन मतलब तैहर भैया
घर ले बाहरी जाना निही 

काहत हावय तोषण हा
कोविड वैक्सीन लगाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.

गाँव के धुर्रा

धुर्रा माटी गाँव के,कोटि करँव परनाम।
जम्मो बेटी हे सिया,जम्मो बेटा राम।
जम्मो बेटा राम,मान हे राखे जानव।
पूजय चारो धाम,देवता धामी मानव।
कह तोषण कविराज,फूँँक के बड़का तुर्रा।
टीकँव चंदन माथ,गाँव के माटी धुर्रा।


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

मंहगाई

http://dinkarkikalamse.blogspot.com/
खवइय्या के नंइहे कमती 
मंहगा सामान बेचावत हे।
मंहगाई मा देखना समारू
इतरा इतरा के खावत हे।

सागपान घलो मंहगा होगे
तेल फूल के होगे हे रोना।
यहा कइसन दिन हा आगे
सबला होगे हे पदोना।

मंजन होगे पंदरा रुपिया
घुटका हर सात होगे।
बिडी माचीस रुपिया बीस
फूँक फूँक पियय लोगे।

दार नून ह नंगते मंहगा
काला खाना बचाना।
काम धाम के दऊहा निही
बंद होगे आना जाना।

दिनो दिन लाकडाऊन हा
कोलिहा ठगे कस बाढ़त हे।
टीका मास्क लगावत तभो 
कोरोना रोग नंइ माढ़त हे।

हाल कमइय्या हाल खवइय्या
करम ल अपन ठठावत हे।
का करबे समय अलकरहा
ढकेल जिनगी पहावत हे।

बैंक ले पइसा निकलत निही
कइसे करही किसान हा।
बेरा कुबेरा पानी गिरत हे
करा म पिटागे गा धान हा।

अर्जी हे भगवान ले मोरो
अच्छा दिन तँय लादे।
सुख मा चले सबके जिनगी 
नवा अंजोर बगरादे।

तोषण चुरेन्द्र
धनगांव

कोरोना स्लोगन

कोरोना स्लोगन दीवाल लिखने के लिए

संगी सबो  मास्क लगावव ।
कोरोना ला दूरिहा भगावव।

साबुन ले तुम धोवव हाथ।
सेनेटाइजर ल राखव साथ।

घर ले निकलव बाहिर झन।
बने राखव जी तन अउ मन।

गरम पानी के पान करव।
गाँठ बांध के बात धरव।

दू गज दूरी सब अपनावव।
कोरोना ला दुरिहा भगावव।

बहकावा झन तुम आवव।
कोविड वैक्सीन लगावव।

मन में राखव एके बात।
दुरी बनाके हो मुलाकात।

रोग राई के करव ईलाज।
अस्पताल मा तुरते आज।

🖋️तोषण चुरेन्द्र धनगांव
डौंडी लोहारा बालोद छ.ग

बेटी की बेटी हूँ

एक बेटी का एक माँ के लिए अल्फाज
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कहते हैं लोग तेरी परछाई हूँ मैं।
मेरी माँ तू पहले फिर आई हूँ मैं।
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तन का लहू तेरे मुझमें बह रही,
हाथों से  सेकी  रोटी खाई हूँ मैं।
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चलना सिखाया अंगुली पकड़े,
लगादो  मरहम  चोट लाई हूँ मैं।
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ढाल  बनकर  साथ रही हमेशा,
जब  खुद  को  तन्हा पाई हूँ मैं।
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सीना गर्व से  फूल जाता है माँ,
लगता है स्वयं लक्ष्मी बाई हूँ मैं।
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महिषा रक्तबीज हजारों यहां है,
संघारिणी दुर्गा काली माई हूँ मैं।
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बेटी की बेटी हूँ जहान में आके,
हर घर की खुशी पहुनाई हूँ मैं।
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देखो थके नही अब ये "तोषण"
कलम की उसकी रानाई हूँ मैं।
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तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.

शनिवार, 1 मई 2021

राशन पानी

हावा पानी कहाँ ले पाबो

रूख राई डोंगरी पहाड़ी रोवत हे पुरजोर...
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

पेड़ लगावव जिनगी बचावव
धरती दाई के प्यास बुझावव
नदिया नरवा सूख्खा परगे,
अब तो थोरिक चेत लगावव

गली मुहल्ला सुन्ना परगे सुन्ना होगे गा खोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

कोरोना के कहर चलत हे
मनखे तभो ले नइ चेतत हे
सेंफो सेंफो जीव हर करथे,
आक्सीजन ह कम परत हे

कइसन बिपत के छाहे बादर ये घनघोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

मनखे पीछू रूख ल लगावव
जल  जमीन  जंगल बचावव
जल हे तब कल हे गा भैय्या,
यहू बात ल सब ला बतावव

सावन मा बरसही पानी झूमही नाचही मोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

लेखनी


कुण्डलियाँ
लिखती जाए लेखनी,बदले है इतिहास।
योगदान भी आपकी,महके बन मधुमास।
महके बन मधुमास,पवन देखो लहराये।
जले नवीन मशाल,गीत जोशीला गाये।
करते नाज समाज,गगन में तारा दिखती।
देता नव संदेश,कलम जो निशदिन लिखती।।
रचना-
तोषण कुमार चुरेन्द्र

बुधवार, 21 अप्रैल 2021

नीति नियम

पढ़ा लिखा इन्सान कोई जब 
नीति नियम पर प्रश्न उठाये।
कौन भला दुनिया में उसको 
पैर पकड़ कर समझाये।
बेमतलब की बात करे जो 
खाली पीली माथ खपाये।
अपनी पे आ जाये कोई 
उल्लू जैसे आँख दिखाये।


नीति नियम भ्राता ज्ञाता 
सब कोई अपनी हाँके जाने।
गाँव नगर लाक हुआ पूरा  
फिर भी अपनी ही है ताने। 
चलता कोई राह नहीं है 
सच्ची कितनों के समझाने।
मुर्ख बने फिरते हैं जन कोई 
बात नहीं एक न माने।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

शनिवार, 17 अप्रैल 2021

घर घर परत हे रोना

घर घर मा परत हे रोना

पूरगे साल घलो एसो दीदी
भागत नंइहे कोरोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना...

कोन जनी कते जग ले आहे
संग मा अपन आफत लाहे
नान्हे बड़के मनखे नंइ चिन्हे
गली मुहल्ला चँउक चौराहे
फिक्कर मा हावय सरी दुनिया
कइसन हे आहे पदोना...
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना....

घर में राहव सब बढ़िहा राहव
खुद ला बचाके सबला बचावव
जिनगी ला बने राखव रे संगी
कोरोना के वेक्सीन लगावव
मुँह मा मास्क लगालव भइय्या
साबुन मा हाथ ला धोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना....

जिनगी बड़ा अनमोल गावव
सुरक्षा अउ सावधानी अपनावव
कोरोना ला दूर भगाये खातिर
दू गज दूरिहा दूरी बनावव
जग-जग बगरय शोर तोषण
चारो मुड़ा चारो कोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना....

रचनाकार
तोषण कुमार चुरेन्द्र
सरपंच, धनगाँव
डौंडी लोहारा बालोद
छ.ग 491771

सोमवार, 5 अप्रैल 2021

राशनदुकान

*होली तिहार के गाड़ा अकन बधाई अउ शुभकामना*
*कुण्डलियां*

*_चाउँर शक्कर नून हे,अउ मिट्टी के तेल।_*
*_आवव भइया झोकबो,झन हो रेलम पेल।।_*
*_झन हो रेलम पेल,दिही गा सबला भइया।_*
*_आरी पारी आव,झोक वो दीदी मइया।_*
*_देवत हे सरकार,बना के एकठन ठाउर।_*
*_प्रेम भाव ले राँध,मिलत हे सस्ता चाउँर।_*
🖋️🖋️🖋️🖋️
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौंडीलोहारा

रविवार, 28 मार्च 2021

मोर गाँव के शीतला

मोर गाँव के शीतला...

मोर गाँव के शीतला,शीतल हे जुड़ तोर छंइहा
शीतल हे जुड़ तोर छंइहा,शीतल हे जुड़ तोर छंइहा

दया ले तोर दाई ओ,चलत हे मोर जिनगी ह
देवत हे भर-भर ममता,सुनत हे सबके बिनती ल
करत हे तोर सेवा ल,जोरे जोरे सबो बंइहा....
मोर गाँव के शीतला,शीतल हे जुड़ तोर छंइहा....

चरन म जेन हर आथे,नंइ खाली हाथ वो जाथे
जय दाई मात शीतला के,सेवा जस गीत ल गाथे
पवनपुत सेऊक तोरे,अउ लखन राम कन्हैया...
मोर गाँव के शीतला,शीतल हे जुड़ तोर छंइहा....

महादेव ब्रह्मा बिष्णु संग,पूजय तोला ये नर-नारी
हावस तेही सहाई ओ,सबन के हस तै हितकारी
पूजा पाठ कुछु नंइ जानँव,मँय दिनकर मनबइहा...
मोर गाँव के शीतला,शीतल हे जुड़ तोर छंइहा....


तोषण कुमार चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौंडीलोहारा बालोद
छत्तीसगढ़ 491771

हाय गा मोर सरसो के फूल

हाय ओ मोर परसा के फूल,मार डारे हँसाई खुले खुल
हाय गा मोर सरसो के फूल,मोही डारे तोर रेंगना झूले झूल
#########
फागुन महिना गोरी, उड़त हे गुलाल ओ
उड़त हे गुलाल
मिरगीन कस रेंगना तोरे,चेहरा लाल लाल ओ
चेहरा लाल  लाल 
हाय ओ मोर परसा के फूल........
हाय गा मोर सरसो के फूल........
#######
मँय तोर राधा रानी,किसन कन्हैया तँय
किसन कन्हैया
बिरिज मा होली खेलबो,जोरे जोरे बंइहा 
जोरे जोरे बंइहा
हाय गा मोर सरसो के फूल....
हाय मोर परसा के फूल....
#######
पीरीत के रंग मा गोरी,जिनगी ला रंग डारे ओ
जिनगी ला रंग डारे
संग कभू छूटे नाहीं,बंधना बध डारे ओ
बंधना बध डारे
हाय ओ मोर परसा के फूल.....
हाय गा मोर सरसो के फूल.....
######
संगे मा जिबो बइहा,संगी मर जाबोन गा
संगे मर जाबोन
फूल बगिया कस राजा,कुरिया बनाबोन गा
कुरिया बनाबोन
हाय गा मोर सरसो के फूल....
हाय ओ मोर परसा के फूल....
🖋️🖋️🖋️🖋️🖋️🖋️🖋️
गीतकार
तोषण  चुरेन्द्र दिनकर
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद छ.ग.

शनिवार, 13 मार्च 2021

हरि नाम ल

मन म बसाके तैह भजले सिया राम ल...
राम ह बनाही संगी सबके बिगड़े काम ल...

1
तरे अवधपुरी दशरथ कौशिल्या ह
गोड़ के धुर्रा ले उबरे अहिल्या ह
मरा मरा जपय रत्नाकर हरि नाम ल...

2
शबरी दाई संग गिधवा ल तारे
बनके मितान प्रभु बाली ल मारे
पावय मुक्ति देखव पहुंचे हरिधाम ल.....

3
काकभुशुण्डि घलो गुण ल गावय
बइठे गरुड़ जी ह शोर ल लमावय
नारद चुटकी संग जपै सुबे शाम न...

4
ये कलजुग म संगी नाम ह सार हे
भजले तै राम ल तोर बेड़ा पार हे
मिलही आशीष लेवय नहीं दाम ल...


तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.
6267538036

लोग

★ *लोग* ★
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दीपक बनके न सही जलते हैं लोग।
आस्तीं के सांप जैसे डसते हैं लोग।
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मुस्कान अधरों पर रखकर यूँ झूठी,
बेदर्द जहाँ में अपने छलते हैं लोग।
××××××××××××××××××××××××××××
देख-देख हँसती खिलती दुनिया मेरी,
फाँसने को मुझे जाल बुनते हैं लोग।
××××××××××××××××××××××××××××
रहता हूँ घिरा जमाने के रंजो गम से,
राहों पे सदा काँटे बनकर रहते है लोग।
××××××××××××××××××××××××××××
एक था एक ही रहेगा जहाँ में "तोषण,"
मिलकर मेरे ही गाँव में कहते हैं लोग
===========================

तोषण चुरेन्द्र धनगाँव
डौंडी लोहारा बालोद
छ.ग.

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

नेंग जोग

बिहाव मा मड़़वा के आगू चुल्हा अउ सील बनाय के परिपेक्ष मा थोरिक मतिअनुसार जानकारी....

मनखे के जनम ले मरन तक सोला संस्कार होथे।जेमा बिहाव संस्कार भी शामिल हे।वइसे तो बिहाव मा घलो बड़ाकन नेंग होथे जइसे बहु खोजइ ले धरम टीकावन अउ बेटी बिदाई अउ आनी बानी के।त बात होत हे मड़वा के आगू मा चुल्हा अउ सील के। सियान मन कथे कि नोनी अउ बाबू मन के जब बिहाव मढ़ाथे त चुलमाटी लानके यथा स्थान जइसे चुलघर मड़़वा ठऊर आदि जगा म रखे जाथे। नोनी बाबू मन के जब बिहाव होथे त ओमन अपन कँँवारा पन ल छोड़ के घरू (गृहस्थ)जिनगी म कदम रखथे । गृहस्थ ल चलाय बर घर मा चुल्हा के जलना जरूरी हे। अउ चुल्हा कब जलही जब दुनों जुग जोड़ी के मन,तालमेल,आपसी सूझबूझ ,सांठगांठ ह बने रही।रही बात सील के त ओकरो कारण हे कथे सियान मन कि सील ह सबो मसाला ल पीस के एक कर देथे ।अउ साग के सवाद ल बढ़िहा बनाथे। ओइसने ढंग ले।जुग जोड़ी के घर मा सबरदिन सुख के दारभात चुल्हा म चुरत राहय अउ बढ़िहा गुरतुर मसलहा साग पान खाके जिनगी जुग जोड़ी कमावत खावत राहय। मोर मतिअनुसाआर

रविवार, 24 जनवरी 2021

नेता जी

*नेता जी*

जब जब अत्याचार बढ़ा।
तब तब नव उन्वान चढ़ा।
बनकर ढाल जो सुभाष ने,
अरि के  आगे  रौद्र खड़ा।

आजादी की खातिर जिसने,
खून देने का आह्वान किया।
लेकर एक सेना की टुकड़ी,
सीना को बढ़कर तान दिया।

नेता जी नाम अमर हो गया,
नवभारत के नव इतिहास में।
ऋणी रहेगा सदा देश अपना,
ऋतु  तीनों  मधु मधुमास में।

दिनकर  यश गाता मिलकर,
ले तिरंगा देश का स्व हाथ में।
आओ जयकार करे देश की,
हिल मिल कर एक साथ में।

तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौं.लोहारा

शनिवार, 16 जनवरी 2021

तैहा दीया देखाये गा

समीक्षा में
*मुखड़ा*
तैहा दीया देखाये गा तुलसी
रामायण सिरजाई के
तैहा गंगा नँहवाये गा तुलसी
राम भजन ल गाई के..

*अंतरा*
अवघड़ दानी शंकखर भोला
सती ल कथा सुनाये~~~
कँऊवा तरगे गिधवा तरगे
राम के ध्यान लगाये~~~
नारद बीना बजाये गा तुलसी
हरि भजन ल गाई के.......1

*अंतरा*
गोड़ ल धोके केवट तरगे
पुरखा ल पार लगाये~~~
नवधा सुनके शभरी उबरगे
हरि के धाम ल पाये~~~
हनुमत चुटकी बजाये गा तुलसी
भक्ति के धुन ल गाई के....2

*अंतरा*
राम नाम के अमरित धारा
गाँव गली म बोहाये~~~
आवय संगी दीदी भइय्या
मिल जयकारा लगाये~~~
तोषण खुशी मनाये गा तुलसी
हरि भजन ल गाई के.....3

©®
तोषण चुरेन्द्र{दिनकर}
धनगाँव डौंडी लोहारा

बुधवार, 13 जनवरी 2021

राम नाम




*आल्हा छंद*
*राम नाम*

आये हावस जग मा संगी,भजले राम नाम तँय थोर।
नइ भजबे ता बिरथा जाही,बात मानले थोरिक मोर।।
बेटा बेटी काम न आही,धन दौलत नइ जावय साथ।
आही यमराजा लेगेबर,मलते रहिबे तैहर हाथ।।

द्रोणा जइसे गुरु हे चलदिस,चलदिस बाली बलवान।
आही आरी पारी इकदिन,अतका संगी सबके जान।।
कोनों बाँचे रहय नही गा,जाए बर परही शमशान।
जीयत भरले तैहर भइया,राम नाम करले गुणगान।।

जपत जपत रत्नाकर तरगे,राम नाम हे लिखदिस सार।
चढ़जा दीदी चढ़जा भइया,हो जाबे ये भव ले पार।
तोषण दिनकर काहत हावय,गाले तैहा हरि के नाम।
नइ गाबे ता तँय पछताबे,बन जाही सब बिगड़े काम।।

©opy®ight
तोषण चुरेन्द्र 'दिनकर'
सरपंच/साहित्यकार
धनगाँव डौ.लोहारा

सोमवार, 11 जनवरी 2021

मोर छत्तीसगढ महातारी

मोर छत्तीसगढ़ महातारी 
तोर महिमा हावय भारी
धान के कटोरा भावय
भारत माँ के दुलारी....

नदिया नरवा डोंगरी पहाड़ी
कोरा म तोर इतरावय
हरियर हरियर खेती डोली
पुरवइय्या संग लहरावय
अमरइय्या म कुहकत हे
मनमोहनी कोयलिया कारी
मोर छत्तीसगढ़ महातारी 
तोर महिमा हावय भारी....

सुवा करमा पंथी ददरिया
मान ल तोर बढ़ावय
छत्तीसगढ़ मोर छंइहा भुंइया
मया के अचरा ओढ़ावय
तोर कोरा म गुँजत रहिथे
लइका के किलकारी
मोर छत्तीसगढ़ महातारी 
तोर महिमा हावय भारी

हलधर बेटा सुत उठ के
तोरे सेवा बजावय
महिनत करके दिन रतिहा
सोनहा धान उपजावय
खाँध म नाँगर हाथ तुतारी
बइला जेकर संगवारी
मोर छत्तीसगढ़ महातारी 
तोर महिमा हावय भारी

बीर नरायण गैंदसिंह नायक
जस कतरो बलिदानी हे
महातारी तोर रक्षा खातिर
लिखदिस अमर कहानी हे
दिनकर संग म गावत हे
छत्तीसगढ़िहा ओरी पारी
मोर छत्तीसगढ़ महातारी 
तोर महिमा हावय भारी...


तोषण कुमार चुरेन्द्र "दिनकर"
धनगाँव, डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग

मंगलवार, 5 जनवरी 2021

आजा भरे दरबार

बिनती तोर करत हँव रामा आजा भरे दरबार 
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

सरयु नदी मा नहाखोर के अगर कपूर जलावँव
पान फूल अऊ नरिहर धरके दंडा पाँव पखारँव
मोर मुड़ी मा हाथ रखदे करदे मोर उदधार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

केंवट भैय्या के पुरखा तरगे गोड़ धोके सुख पाय
राम लखन माता जानकी गंगा ले पार लगाय
लहरा लेवय गंगा मैय्या बीच भँवर मझधार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

पक्षी राज जटायु ल तारे शबरी के बोईर खावय
भवसागर ले पार करेबर नवधा भगति सुनावय
अमृत असन लागे रामा तोर नवधा के धार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

बैरी बर तै बनथस बैरी दुखिया के मीत मितान
अन्यायी बाली ल रामा खींच के मारे बान
तोर दया ले आज गावत हँव मैं रमायन सार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

©opy®ight
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

रविवार, 3 जनवरी 2021

छत्तीसगढ़िहा युवा

विषय-छत्तीसगढ़ी युवा
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छत्तीसगढ़ के युवा जागव।
सुग्घर भुंइया सिरजावव।।1 

खांध  मा  नांगर धरलव।
धान के कटोरा भरलव।।2

छत्तीसगढ़ के बेटा रतन।
करले एखर बने जतन।।3

जोर  युवा  के  हाथ मा।
सरकार हे तोर साथ मा।।4

जम्मो युवा छत्तीसगढ़ के।
हाथ बढ़ावव  बढ़-बढ़ के।।5

छत्तीसगढ़ के युवा किसान।
जुरमिल करव करम महान।।6

छत्तीसगढ़ी  युवा के जोर हे।
जग मा जेकर करम शोर हे।।7

बेटा छत्तीसगढ़ महातारी के।
फूलवा जइसे  फूलवारी के।।8

शेर जइसे युवा के दहाड़ हे।
कांपे डोंगरी अऊ पहाड़ हे।।9

छत्तीसगढ़िहा युवा तलवार हे।
थरथरावय  जग  संसार हे।।10

दिनकर जइसे युवा दमके।
रात मा चंदा कस चमके।।11


तोषण कुमार चुरेन्द्र " दिनकर"
धनगाँव ,डौंडी लोहारा
जिला बालोद छ.ग.
पिन:-491771
 मो:-9617589667

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...