रविवार, 16 मई 2021

मोर बेटा राज दुलारा

*
मोर बेटा राज दुलारा*

चंदा बरन तै चमकत रहिबे
बनके आँखी के तारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

1
धरती दाई बेटा बनके 
रात दिन सेवा बजाबे
कोरा मा लहराही सोना
गीत मया के गाबे
करजा तँय छुट लेबे बेटा 
होही तभे चुकारा
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

2
पढ़ लिखके हुँशियार होबे
जग मा अलख जगाबे
छोट बड़े ला एके जानबे
सुमता दिया जलाबे
तोर हँसई मा झूमे पूरवइय्या
नाचय जग ये सारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

3
दाई ददा के जतन करबे
सरग मा जग बनाबे
सरवन जइसे नाँव बगरही
मान गजब तँय पाबे
कोनों ला झन दुख पहुँचाबे
रहिबे सबके सहारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

कृति:-
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौ.लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

शुक्रवार, 14 मई 2021

आवव मोर गाँव मा

आवव मोर गाँव मा


बालोद जिला के डौंडीलोहारा ब्लाक मा मुख्यालय ले तीन किलोमीटर पश्चिम में बुड़ती डाहर जग परसिध खरखरा मोहदीपाट बाँध के तीर मा  गाँव धनगांव बसे हे। साढ़े चार सौ के छानी वाले गाँव मा कच्चा अउ पक्का घर हे जेहा दू हजार ले जादा जनसंख्या के अबादी मा पसरे हे।गाँव के बीचोबीच खरखरा नहर आठोकाल बारो महिना गंगा बरोबर बोहावत हे।
*धनगांव के नामकरन*

सियानन मन बताथे कि धनगांव के नाँव धनगांव काबर परिस कहिके।पहिली धनगांव मा भगवान अउ गाँव के देवधामी के आशीर्वाद ले अन्नधन के भंडार अड़बड़ राहय ।धन धान्य के कमती नंइ होय।सबोबर धन के पूरती होवत रिहिस हे। तेकर सेती धनगांव नाँव पड़िस।
*बिकटराव बाबा*
गाँव के मड़ियाकट्टा बाट मा गाँव के बांध घलो हे जेखर नाँव धनगांव झरझरा बांध हे।जेकर गाँव के सबले बड़का मानता देवता बिकटराव के धाम हे। बिकटराव बाबा सबके आस ल पुरोवत आज पूरा गाँव ल अपन आशीर्वाद ले समरीध करत आवत हे। गाँव मा आठोकाल बारोमहिना इतवार के दिन इतवारी तिहार मानथे ए दिन पूरा काम धाम बंद रथे।
*शीतला मंदिर*
 सब गाँव मा एकठन शीतला मंदिर हे फेर धनगाँव मा दू ठन शीतला मंदिर हे एकठन गाँव भीतरी अउ एकठन गाँव ले एक किलोमीटर के दूरी मा। जिंहा नवरात मा जोत जँवारा  के माध्यम ले माता जी ला मनाथे।माता ह घलो अपन भगत मनके आस ला पूरा करथे ।ठाकुर देव,सियार देवता भुमियार देवता अउ जम्मो मानता देवता के आशीर्वाद ले गाँव ह सुख समरीध हे।
*हनुमान मंदिर*

गाँव के बीच गली मा सांस्कृतिक कला मंच करा रामभक्त हनुमान के मंदिर हे।जिहा पुजारी बाबा ह गाँव वाला के सहयोग ले पूजा पाठ आज तकले करत आवत हे।गाँव के सुख दुख के बात ,गाँव के सारजनिक बैठका इही मंदिर के सम्हेरा मा करे जाथे।
*शिव मंदिर*

गाँव के बीचो बीच बोहावत खरखरा नहर के पार मा आजू बाजू दूठन शिवमंदिर हे जिंहा हर शिवरात्रि मा पूजा पाठ करके गाँव के जम्मो नर नारी भाई बहिनी मन अपन मनोकामना ला पूरा करथे।
*साँहड़ा देव*

गाँव मा दू ठन गौठान हे।जिंहा लगभग 700 गाय बछरू बइला ह सकलाथे। एखर रकछा करे खातिर गौठान मा साँहड़ादेव बिराजे हे ।राऊत मन जेकर पूजा पाठ करके गौधन ला बढ़ाय बर ।कोनो अलहन के सामना करेबर मत पड़े कहिके मनोकामना करथे।अउ आशीर्वाद लेथे।
*मातर मढ़ई*

देवारी तिहार लक्ष्मी पूजा गोवर्धन पूजा के बिहान भाई दूज के दिन पूरा गाँव भर के मन मिलके मातर मढ़ई मनाथे।गाँव के सब देवता मनके पूजा पाठ करके गौठान मा गाय बछरू ला खिचरी भात खवाथे। एखर आनंद ले बर दूर दराज के गाँव के मनखे मन देखेबर भारी संख्या मा सकलाथे।सब झन ला परसादी घलो बाँटे जाथे।अउ रातकुन सबझन के स्वस्थ मनरंजन बर नाचा के आयोजन घलो करे जाथे।

             ए परकार ले धनगांव के सब नारी लइका सियान जवान मितान मन सुख दुख सहिके एक दूसर ला सहयोग करत गाँव के संस्कृति अउ परंपरा ला मानत हे।
लेख:-
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा 
बालोद छत्तीसगढ़

गुरुवार, 6 मई 2021

मैं मजदूर हँव

*मँय मजदूर हँव*

सर्दी गर्मी बरसात ला सहिथँव।
  खोंदरा बनाके गाँव मा रहिथँव।
      तन ले बड़ पसीना टपकाथँव,
        मजदूर हँव दुनिया ले दूर हँव।

माटी ला सोना बनाथँव।
  पखरा मा पानी ओगराथँव।
    खेत लहराथँव सोनहा बाली,
      गीत मया के मँयहर गाथँव।

छोटे बड़े काम मँय आथँव।
  बासी चटनी गोंदली खाथँव।
     हाथ गोड़ मोर थकय नहीं गा
       सबला खवाके मँय सुरताथँव।


कुकरा बासत नींद खुलथे।
  रूख राई मा चिरई झुलथे।
    सूरज नरायण करे अंजोर
      मोंगरा फूल दसमूर फूलथे।


हमरो करलव सोर भइय्या।
  धरती दाई के हम सेवा बजइय्या।
     उवत बुड़त तोर संगी सजन गा
        कइसे गा हमर देश ला चलइय्या।

मजदूर दिवस के बधाई अउ शुभकामनाएं....

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

वैक्सीन लगाबो

राशन देवत सरकार हा
साग कहाँ ले लाबो...
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

काम धाम चौपट होगे
पइसा घलो सिरागे
कोरोना बइरी के मारे
दिन कइसन हे आगे

धान झरगे बरफ के मारे
तरवा कहाँ ठठाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

बंद दुकान हे जंउहर भइगे
मनखे होगे हलकान
लाकडाऊन ह कब रहही
गउकीन सिरतो ईमान

अपन पीरा ल काकर कर
अब जाके गोहराबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

तउवा तउवा मनखे होगे
दिन हा कइसे पहाही
अच्छा आही कहिथे सब
कोन जनी कब आही

घुना खावत ये चोला ला
जिनगी कइसे पहाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

बर बिहाव हा सिट्ठा परगे
लाडू के मीठ भगागे
नियम कानून देख देखके
दूल्हा के मति हरागे

कहिथे दस झन मनखे 
संग दुल्हिन ला लाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...

मास्क लगाले हाथ धोले
डरना निही डराना निही
बिन मतलब तैहर भैया
घर ले बाहरी जाना निही 

काहत हावय तोषण हा
कोविड वैक्सीन लगाबो
बिना तेल नून मिरी बिना
भात ला कइसे खाबो...


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.

गाँव के धुर्रा

धुर्रा माटी गाँव के,कोटि करँव परनाम।
जम्मो बेटी हे सिया,जम्मो बेटा राम।
जम्मो बेटा राम,मान हे राखे जानव।
पूजय चारो धाम,देवता धामी मानव।
कह तोषण कविराज,फूँँक के बड़का तुर्रा।
टीकँव चंदन माथ,गाँव के माटी धुर्रा।


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

मंहगाई

http://dinkarkikalamse.blogspot.com/
खवइय्या के नंइहे कमती 
मंहगा सामान बेचावत हे।
मंहगाई मा देखना समारू
इतरा इतरा के खावत हे।

सागपान घलो मंहगा होगे
तेल फूल के होगे हे रोना।
यहा कइसन दिन हा आगे
सबला होगे हे पदोना।

मंजन होगे पंदरा रुपिया
घुटका हर सात होगे।
बिडी माचीस रुपिया बीस
फूँक फूँक पियय लोगे।

दार नून ह नंगते मंहगा
काला खाना बचाना।
काम धाम के दऊहा निही
बंद होगे आना जाना।

दिनो दिन लाकडाऊन हा
कोलिहा ठगे कस बाढ़त हे।
टीका मास्क लगावत तभो 
कोरोना रोग नंइ माढ़त हे।

हाल कमइय्या हाल खवइय्या
करम ल अपन ठठावत हे।
का करबे समय अलकरहा
ढकेल जिनगी पहावत हे।

बैंक ले पइसा निकलत निही
कइसे करही किसान हा।
बेरा कुबेरा पानी गिरत हे
करा म पिटागे गा धान हा।

अर्जी हे भगवान ले मोरो
अच्छा दिन तँय लादे।
सुख मा चले सबके जिनगी 
नवा अंजोर बगरादे।

तोषण चुरेन्द्र
धनगांव

कोरोना स्लोगन

कोरोना स्लोगन दीवाल लिखने के लिए

संगी सबो  मास्क लगावव ।
कोरोना ला दूरिहा भगावव।

साबुन ले तुम धोवव हाथ।
सेनेटाइजर ल राखव साथ।

घर ले निकलव बाहिर झन।
बने राखव जी तन अउ मन।

गरम पानी के पान करव।
गाँठ बांध के बात धरव।

दू गज दूरी सब अपनावव।
कोरोना ला दुरिहा भगावव।

बहकावा झन तुम आवव।
कोविड वैक्सीन लगावव।

मन में राखव एके बात।
दुरी बनाके हो मुलाकात।

रोग राई के करव ईलाज।
अस्पताल मा तुरते आज।

🖋️तोषण चुरेन्द्र धनगांव
डौंडी लोहारा बालोद छ.ग

बेटी की बेटी हूँ

एक बेटी का एक माँ के लिए अल्फाज
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कहते हैं लोग तेरी परछाई हूँ मैं।
मेरी माँ तू पहले फिर आई हूँ मैं।
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तन का लहू तेरे मुझमें बह रही,
हाथों से  सेकी  रोटी खाई हूँ मैं।
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चलना सिखाया अंगुली पकड़े,
लगादो  मरहम  चोट लाई हूँ मैं।
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ढाल  बनकर  साथ रही हमेशा,
जब  खुद  को  तन्हा पाई हूँ मैं।
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सीना गर्व से  फूल जाता है माँ,
लगता है स्वयं लक्ष्मी बाई हूँ मैं।
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महिषा रक्तबीज हजारों यहां है,
संघारिणी दुर्गा काली माई हूँ मैं।
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बेटी की बेटी हूँ जहान में आके,
हर घर की खुशी पहुनाई हूँ मैं।
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देखो थके नही अब ये "तोषण"
कलम की उसकी रानाई हूँ मैं।
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तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.

शनिवार, 1 मई 2021

राशन पानी

हावा पानी कहाँ ले पाबो

रूख राई डोंगरी पहाड़ी रोवत हे पुरजोर...
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

पेड़ लगावव जिनगी बचावव
धरती दाई के प्यास बुझावव
नदिया नरवा सूख्खा परगे,
अब तो थोरिक चेत लगावव

गली मुहल्ला सुन्ना परगे सुन्ना होगे गा खोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

कोरोना के कहर चलत हे
मनखे तभो ले नइ चेतत हे
सेंफो सेंफो जीव हर करथे,
आक्सीजन ह कम परत हे

कइसन बिपत के छाहे बादर ये घनघोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

मनखे पीछू रूख ल लगावव
जल  जमीन  जंगल बचावव
जल हे तब कल हे गा भैय्या,
यहू बात ल सब ला बतावव

सावन मा बरसही पानी झूमही नाचही मोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...