रविवार, 25 जुलाई 2021
सावन
रविवार, 7 जून 2020
बीज (तोषण चुरेन्द्र "दिनकर")
रविवार, 12 अप्रैल 2020
प्रकृति की शक्ति
बुधवार, 8 अप्रैल 2020
प्रार्थना
रविवार, 5 अप्रैल 2020
राम राज्य
मंगलवार, 10 मार्च 2020
प्रेम सद्भाव
सोमवार, 13 जनवरी 2020
जाबो मतदान करे
रविवार, 24 नवंबर 2019
बाल श्रम
बुधवार, 7 अगस्त 2019
भैय्या मेरा प्यारा
पिता जैसा क्षमता है, भाई माँ की ममता है।
खुशियाँ जहान की ये,भाई से ही पाई है।
बने कभी हाथी घोड़े,भूलकर दुख सारे,
लिए मुस्कान अपने,गम को छिपाई है।
सारी सुविधाएँ दिए,बहनों पे वार भाई
खाए तूने रुखी सूखी,खीर को खिलाई है।
कृष्ण जैसा रक्षा करे,द्रौपती के चीर भरे,
आँचल को चीरकर,राखी जो बंधाई है।
भैय्या मेरी लाज रखो,जिंदगी आबाद रखो,
आपने कलाई में जो,राखी ये बंधायी है।
लाख आएँ तूफाँ कोई,या कोई बहने रोई,
मुश्किलों में आके भाई,जान जो बचायी है।
दिल को दुखाना नहीं, हमें यूँ रूलाना नहीं,
मुखड़े को देख देख, फूले न समाई है।
जग में है न्यारा भाई,सबसे है प्यारा भाई,
तारा माँ की आँखो का है,दुलारा ये भाई है।
तोषण कुमार चुरेन्द्र"धनगंइहा"
डौंडी लोहारा बालोद
छ.ग. ९६१७५८९६६७
रविवार, 18 दिसंबर 2016
लिये मुसकान होंठों पे
खुली छत पर युँही मिलने आ जाते हो।
करके चोरी दिल की चुपके―चुपके तुम
उड़ते बादल की तरह छुप जाते हो।
आँखों ही आँखों में अपनी करके इशारा
गहराइयों में दिल की उतर जाते हो।
आते नहीं कभी मुलाकात करने 'तोषण'
रातों की तन्हाई में तुम तड़पाते हो
©®
आचार्य तोषण धनगांव९६१७५८९६६७
१६/११/१६
हो जाऊँ जो रूखसत
हो जाऊँ जो रूखसत , इस दुनियाँ से कभी ,
आँसुओं को पलकों में , अपनी भर लेना।
तन्हाई का मंजर हो , याद जो आऊँ मैं कभी ,
अफ़सानों से हमारा , दीदार कर लेना।
था कभी मैं तात यहाँ , झरनों सा रहा कभी ,
बनके नदी मैं बढूँ , ऐसी डगर देना।
हंसाया कभी रूलाया , लगाया इल्जाम कभी ,
हुई जो भूल हमसे , मुआफ़ कर देना।
© ®
आचार्य तोषण
धनगांव डौंडीलोहारा बालोद छ. ग.४९१७७१
चलितभाष ९६१७५८९६६७
शुक्रवार, 26 अगस्त 2016
राखी
जारे परेवना मोर भइय्या करा मोर संदेशा सुनाबे
खड़े हे सीना ताने सीमा में राखी बांध तैह आबे
बन्दुक धरके बइरी मनला ए भुइंया के धुर्रा चटाए
धरले तै मोर गांव के माटी मांथ म तिलक लगाबे
जारे परेवना मोर भइय्या करा मोर संदेशा सुनाबे
खड़े हे सीना ताने सीमा में राखी बांध तैह आबे
खेल रमल म पांडव जब दुरपती ल दांव लगाए
इही राखी के मान रखेबर कान्हा ह बचन निभाए
बन कृष्णा तै सब बहिनी बर संदेश इही पहुँचाबे
जारे परेवना मोर भइय्या करा मोर संदेशा सुनाबे
खड़े हे सीना ताने सीमा में राखी बांध तैह आबे
छत्तीसगढ़हीन के दुलरवा मोर "तोषण" भइय्या
हँसी खुसी तै सेवा बजा महतारी लेवय बलइंया
सदा खुसहाल रखे तोला मइंया के सोर बताबे
जारे परेवना मोर भइय्या करा मोर संदेशा सुनाबे
खड़े हे सीना ताने सीमा में राखी बांध तैह आबे
-आचार्य तोषण
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राम नाम
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हरा भरा खलिहान,संस्कृति की पहचान, परब हरियाली का,बड़ा ही निराला है!! महीना है सावन का,जय हो भोलेनाथ की, छोड़छाड़ अमृत को,पिए विष हाला है!...
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लोहारा के तीर मा,सुग्घर साँई ठाँव. किरपा करथे हाथ ले,लेवव जुरमिल नाँव. पानी ले दीया जरे,महिमा अपरम्पार. जय हो साँई नाथ के,करल...

