हाय रे कोरोना चेकप
आए रेहेन लोहारा संगी,सर्दी चेक कराय।
खँस्सी के चक्कर मा,बालोद रद्दा नपाय।
भरे मातर तिहार मा,आगेन कोविड सेंटर।
लागय अइसन का पड़ीस,हमला कोरोना हेंटर।
साग भात हा बने मिले,रोटी भाजी अचार।
साफ सफाई मा ढंग निही,सुख सुविधा बेकार।
भरे लिफाफा दिस थेमा,डाक्टर देखे नंइ भाय।
छत्तीसगढ़ सरकार के,कइसन बेवस्था आय।
चेक वेक करे निही ,परछी माढ़े हे मशीन।
आय जाय न हमला कहीं,चपकन काला कतीन।
लाके खोली म धान देहे,यहू का के हे काम।
मरे मरइय्या जान दे,अइसने चलही काम।
आनी बानी गोठ करथे,हमर छत्तीसगढ़ सरकार।
बिन नाहक जियत मरत हे,बने जनता लाचार।
गोठ करबे त गोठ हे,कतिक ला अब गोठियाँव।
सबे ला झिन कोरोना निकालव,अतरी मैं गोहराँव।
दू गज के दूरी अउ,मास्क हावय जरूरी कहिथे।
सुख-दुख घमनी-छँइहा,गरीब किसनहा सहिथे
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
सरपंच(साहित्यकार)
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़