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मोर गाँव के शीतला
हाय गा मोर सरसो के फूल
शनिवार, 13 मार्च 2021
हरि नाम ल
लोग
गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021
नेंग जोग
रविवार, 24 जनवरी 2021
नेता जी
शनिवार, 16 जनवरी 2021
तैहा दीया देखाये गा
बुधवार, 13 जनवरी 2021
राम नाम
सोमवार, 11 जनवरी 2021
मोर छत्तीसगढ महातारी
मंगलवार, 5 जनवरी 2021
आजा भरे दरबार
रविवार, 3 जनवरी 2021
छत्तीसगढ़िहा युवा
गुरुवार, 10 दिसंबर 2020
सावन के महीना मा
गुरुवार, 19 नवंबर 2020
हाय रे कोरोना चेकप
मंगलवार, 17 नवंबर 2020
हाय रे कोरोना चेकप
सोमवार, 16 नवंबर 2020
हाय रे कोरोना काल(तोषण चुरेन्द्र दिनकर)
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020
शरद की अमृत धार
शरद पूर्णिमा की हार्दिक बधाई व शुभकामनाओं के एक रचना....
*शरद की अमृत धार*
चाँदनी रात में आज चाँद खिलखिलाया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।
शरद की रातें जुगनू की तरह चाँदनी चमकती है।
बूँदे ओस की धरा पर फैली कोहिनूर दमकती है।
देख - देख नजारा गगन से दिनकर भी शर्माया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।1।
शरद की सर्द रातें शीतलता बरसाती मन भीतर।
बगिया मुस्कुराती फूलों की खुश्बू बिखराती ईतर।
नवरसों में मदमाता भँवरा चहूँ दिक में मंडराया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।2।
मधुबन बहकने लगी आज श्याम दर्श जो होना है।
प्रेम बहार सोलह श्रृंगार लिये एक दूजे में खोना है।
राधेकृष्ण की रासलीला स्वयं शिव देखने आया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।3।
सप्त सुरों का राग लिए सतरंगी फाग महीना है।
इंद्रधनुषी रंगों की जैसी दुनिया और कहीं ना है।
शरद की अमृत धार से "दिनकर" आज नहाया है।
लगता है जैसे अंबर धरती से मिलने आया है।4।
©®
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगांव, डौ.लोहारा
बालोद,छत्तीसगढ़
30/10/20
रविवार, 18 अक्टूबर 2020
दाई के नवरात
रविवार, 13 सितंबर 2020
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मंगलवार, 21 जुलाई 2020
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गुरुवार, 2 जुलाई 2020
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