लोटा भर पानी धरव,चलव शिवा के धाम।
माथ नवावव आज सब,लेवव शंभू नाम।।
लोटा मा पानी धरव,सगा कभू घर आय।
कुरसी मा बइठारके,पूछव पानी चाय।।
चोर मोर लोटा धरय,भागय पल्ला छोड़।
आ जावय जब हाथ मा,देहँव मुड़ ला फोड़।।
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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