करें ऐसा काम कि नई पहचान मिल सके।
सफलता का शिखर नया सोपान मिल सके।
नवनिर्माण के पथ पर सब बढ़ते जाएँ नित,
आने वाले कल को नया जहान मिल सके।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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