*आज दिनांक 9/5/20 व 10/5/20 के लोकडाउन करने में सरकार के दोहरे मत को देखते हुए एक छोटी सी रचना*
*कुण्डलिनी*
देख लाकडाऊन असर,रोजगार भरमार।
कृषक जगत के काम को,बंद करे सरकार।
बंद करे सरकार,काम की कैसा माया।
आधे मरते भूख,आध को काम दिलाया।
*कुण्डलियाँ*
कहते सबसे गाँव में,मुखिया अपनी बात।
धरे कभी ना कान में,बड़ी अजब सौगात।
बड़ी अजब सौगात,खरी खोटी दे गाली।
फिर भी मुखिया आज,करे सबकी रखवाली।
मिले आध को काम,आध हैं भूखे रहते।
कृषक हुये नाराज,देख के बतिया कहते।
तोषण कुमार चुरेन्द्र "दिनकर"
युवा सरपंच व साहित्यकार
ग्राम पंचायत धनगांव
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