रविवार, 16 मई 2021

मोर बेटा राज दुलारा

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मोर बेटा राज दुलारा*

चंदा बरन तै चमकत रहिबे
बनके आँखी के तारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

1
धरती दाई बेटा बनके 
रात दिन सेवा बजाबे
कोरा मा लहराही सोना
गीत मया के गाबे
करजा तँय छुट लेबे बेटा 
होही तभे चुकारा
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

2
पढ़ लिखके हुँशियार होबे
जग मा अलख जगाबे
छोट बड़े ला एके जानबे
सुमता दिया जलाबे
तोर हँसई मा झूमे पूरवइय्या
नाचय जग ये सारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

3
दाई ददा के जतन करबे
सरग मा जग बनाबे
सरवन जइसे नाँव बगरही
मान गजब तँय पाबे
कोनों ला झन दुख पहुँचाबे
रहिबे सबके सहारा।
तोर रद्दा मा फूल बगरय 
मोर बेटा राज दुलारा।

कृति:-
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौ.लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

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