*मँय मजदूर हँव*
सर्दी गर्मी बरसात ला सहिथँव।
खोंदरा बनाके गाँव मा रहिथँव।
तन ले बड़ पसीना टपकाथँव,
मजदूर हँव दुनिया ले दूर हँव।
माटी ला सोना बनाथँव।
पखरा मा पानी ओगराथँव।
खेत लहराथँव सोनहा बाली,
गीत मया के मँयहर गाथँव।
छोटे बड़े काम मँय आथँव।
बासी चटनी गोंदली खाथँव।
हाथ गोड़ मोर थकय नहीं गा
सबला खवाके मँय सुरताथँव।
कुकरा बासत नींद खुलथे।
रूख राई मा चिरई झुलथे।
सूरज नरायण करे अंजोर
मोंगरा फूल दसमूर फूलथे।
हमरो करलव सोर भइय्या।
धरती दाई के हम सेवा बजइय्या।
उवत बुड़त तोर संगी सजन गा
कइसे गा हमर देश ला चलइय्या।
मजदूर दिवस के बधाई अउ शुभकामनाएं....
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
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