सोमवार, 20 नवंबर 2017

शभकामना

एकता शक्ति
पूरे हो अरमान
शुभकामना

ओस की बूँदे
टिमटिमाते तारे
धरा अम्बर...

कर्म है तेरा
न हो इच्छा फल की
कृपा ईश की...

खेलते बच्चे
धरना में शिक्षक
तम भविष्य

माँ की डाँट
नसीब में भी नही
रुठी किस्मत.. .

माँ की यादें
है अंतरात्मा बसी
भीगी पलकें

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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