एकता शक्ति
पूरे हो अरमान
शुभकामना
ओस की बूँदे
टिमटिमाते तारे
धरा अम्बर...
कर्म है तेरा
न हो इच्छा फल की
कृपा ईश की...
खेलते बच्चे
धरना में शिक्षक
तम भविष्य
माँ की डाँट
नसीब में भी नही
रुठी किस्मत.. .
माँ की यादें
है अंतरात्मा बसी
भीगी पलकें
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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