हाइकु 575 का वार्णिक काव्य है जिसमें कट मार्क का विशेष महत्व है।उससे दो बिम्ब की झलक मिलती है। कट मार्क से कारण और फल प्रदर्शित होता है।
उगा भास्कर-
सरोवर में तैरता
हंस का जोड़ा।1।
पराग कण-
मंडराता भँवरा
पुष्प बाग मे।2।
अमा की रात-
टिमटिमाते जुग्नू
धरती पर।3।
नदी बहती-
पावस प्रदेश में
हिरण झूंड।4।
बरखा आई-
लहराता सागर
अम्बर तले।5।
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
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