रंग दे आज बिधाता मोला तीन रंग के रंग मा
देशभक्ति रहय जीयत मरत ले अंग-अंग मा...
केसरिया के रंग मा रंग के
साहस सदा भरे रहय
बइरी मन ला मार गिरावँव
छाती मोर तने रहय
बोलँव भारत माता के जय भुजा डोलय तरंग मा
देशभक्ति रहय जीयत मरत ले अंग-अंग मा...
शांति के संदेस देवंव
सादा रंग मा रंगे रहँव
चलत रहँव सतमारग मा
हरिशचंद जस सते कहँव
झन झपावय कोनों मनखे भ्रष्टचार के सुरंग मा
देशभक्ति रहय जीयत मरत ले अंग-अंग मा....
भारत के सोनहा भुंइया
हरा-भरा खुशहाल रहय
छत्तीसगढ़ के पबरित माटी
धान के कटोरा कहय
सुख समृद्धि पावय सब नाचय गावय उमंग मा
देशभक्ति रहय जीयत मरत ले अंग-अंग मा....
ये तीन रंग के मान बर
कतको बीर बलिदानी हे
जनम जनम ले रही अमर
अइसन एखर कहानी हे
साहस सत समृद्धि खातिर जोस सेना के दबंग मा
देशभक्ति रहय जीयत मरत ले अंग-अंग मा....
तिरंगा हवय हमर संगी हो
सब्बो रंग ले बढ़िहा
मिलके तोषण के संग मा
रंग लव छत्तीसगढ़िहा
आवव नाचव गावव लगावव रंग ले रंग मा
देशभक्ति रहय जीयत मरत ले अंग-अंग मा....
कृति
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
९८२६७००३१९,
९६१७५८९६६७
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें