टुटे दिल सभी को दिखाना नहीं
अपनों से कभी भी छुपाना नही
कोई ठोकर मारे कोई दे सहारा
पर कभी किसी को रुलाना नहीं
हर तरफ उसके प्यार का एहसास करता हूँ मैं
खुशनुमा वो हरपल को मधुमास करता हूँ मैं
कब आ जाये न जाने वो लौटकर मेरी बाहों में
आने वाले हर उन पलों को खासम खास करता हूँ मैं
साथ जो न मिल पाये वो किनारे हैं हम
दूर रहकर भी इक दुजे के सहारे हैं हम
करते रहेंगे यूँ ही अब दीदार दूर से हम
चाँद को बस देखता जैसे सितारे है हम
मिलके आपसे बिछड़ना हमें अच्छा नहीं लगता
यूँ छुपकर गुनाह करना हमें अच्छा नहीं लगता
आ जाएँगे हम किसी दिन दुनियाँ की निगाह में
सोच सोच कर ये पल हमें अच्छा नहीं लगता.
ये मोहब्बत मेरी मुझे बदनाम कर गई.
खुद अपने नाम को गुमनाम कर गई.
चाहते थे हम तुम्हें हर पल खुश देखना,
नसीबा गम ए जुदाई सरेआम कर गई.
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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