रोला
बने बने तँय साध,करम के नाँगर धरले।
बोंले बीजा पोठ,धरम के कोठी भरले।
रखले मीठ जुबान,बात ते करले गुरतुर।
शक्कर मिशरी घोर,कभू नइ होवय चुरपुर।
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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