समीक्षा मे...
_*कुण्डलियाँ*_
_*कैसी ये सरकार है,देता हाथ मड़ोड़।*_
_*पोषकता के नाम पर,गजब निकाला तोड़।।*_
_*गजब निकाला तोड़,गुरू खिलवाते अंडा।*_
_*कह तोषन कर जोड़,नही बरसाओ डंडा।।*_
_*करते नित जो भोग,और होगी मति वैसी।*_
_*रोध करें पुर जोर,नियम है कैसी कैसी।।*_
_*तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा*_
_*डौंडी लोहारा बालोद छत्तीसगढ़*_
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