बुधवार, 8 अप्रैल 2020

परिषद

छत्तीसगढ़िहा कुण्डलियाँ

परिषद तबहे जी हमर,बनही हीरा खान।
एक दुसर ल देख के,सीखन अउ सीखान।
सीखन अउ सीखान,समय जी थोरिक देवव।
अड़हा नाविक जान,नाव ला बढ़िहा खेवव।
कह तोषण कर जोर,भाव ले मन मा गदगद।
खिलही डोहरु फूल,चढ़ै गा सीढ़ी  परिषद।

तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा

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