मैंह तोर दिल के राजा
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
मैंह तोर दिल के रानी
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
रिमझिम फूहार परे
एसो के सावन मा
नाँचत हे मयूरा रानी
हिरदे के आँगन मा
**************
जियरा अगोरत बइठे
आजा मोर बँइहा मा
झूलना झूलाहू तोला
मया के छँइहा मा
**************
हाय रे सतरंगी छैला
नंइ जाने पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो...
**************
तिही मोर दुख के साँथी
झनजा मोरले दूरिहा ना
आजा रे मोर मयारू
पीरीत के कुरिया मा
**************
जुरमिल रहिबो संगे
एक दूसर साँथ मा
राखे रहूँ जिनगी भर
हाँथे ल हाँथ मा
**************
मैंह तोर गीत गोरिया
तैह मोर संगीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो....
**************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
गुरुवार, 4 जुलाई 2019
मैंह तोर राजा
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
राम नाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
-
"पाँच बातें " पाठ - 14 "पाँच बातें " कक्षा - 4 1- हर एक काम इमानदारी से करो ! 2- जो भी तुम्हारा भला करे, उसका कह...
-
एक सिपाही सीमा मे डटे हे ।अइसन देवारी तिहार म । त मन म का बिचारत हे। का काहत हे आवव देखन ।कविता के चार लाइन हमर देस के जवान मन बर सादर समर...
-
चंडिका में लघु प्रयत्न मात्रा भार १३-१३ ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ भारत मेरा देश है, अलग यहाँ का वेश है। ऋषि मुनियों की ये धरा...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें