मोहनी सुरतिया तोरे ले डारे परान हो
का जादू डारे गोरी सिरतो ईमान हो
हिरदे के भीतरी मा तही ह समाये ना
तोर मुसकाई मोर जिया ललचाये ना
तिरछी नजरिया तोर लागे नयना बान हो
का जादू डारे ओ गोरी गउ सिरतो ईमान हो
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तोषण कुमार चुरेन्द्र
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