बुधवार, 10 जुलाई 2019

तोर मया के गाँठ हा


तोर मया के गाँठ हा हावय ओ बड़ पोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

सपना आथे रात मा चेहरा झुलथे नैन।
सोवत बइठत का कहँव दिल मा नंइहे चैन।।
लागे रे पीरीतिया गुड़ मा पागे सोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

आथे सुरता तोर जब ढारय नैना नीर।
तोरे सूरत हे छिपे देखव हिरदे चीर।।
राखँव तोला धाँधके बनके सुग्घर कोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

दिल के रानी मोर तँय हावस मोर परान।
बन जा तैहा राधिका मोला बिलवा जान।।
गुलगुल भजिया मोर तै मैहा मिठई रोठ।
गुरतुर मोला लागथे तोर हँसइ अउ गोठ।।

तोषण धनगंइहा
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.
९६१७५८९६६७

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...