मोला बनाले खोपा के गजरा
हाय मोर आँखी के कजरा
चढ़ती जवानी तोर रानी उमर लागे सोला सतरा
खतरा खतरा....
मोर मनबसिया तै आजा
हिरदय म आके समाजा
चढ़ती जवानी तोर रानी उमर लागे सोला सतरा
खतरा खतरा....
क्रमशः....
तोषण चुरेन्द्र
मोला बनाले खोपा के गजरा
हाय मोर आँखी के कजरा
चढ़ती जवानी तोर रानी उमर लागे सोला सतरा
खतरा खतरा....
मोर मनबसिया तै आजा
हिरदय म आके समाजा
चढ़ती जवानी तोर रानी उमर लागे सोला सतरा
खतरा खतरा....
क्रमशः....
तोषण चुरेन्द्र
रूख़सत पे दोनों की अपनी देखो जमाना खड़ा था।
डोली दर पे उसकी खड़ी थी मेरा ज़नाजा पड़ा था।
वो गैरों की बाँह में हम कब्रगाह में जानें लगे हैं।
देखो कैसे कैसे फर्ज़ अपने हम.. निभाने लगे हैं।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
आगामी रचना
सुनलव महिमा भारी हे
छत्तीसगढ़ महतारी के2
बड़े बिहनिया चिरई चिरगुन
जेकर महिमा गाथे
हाथ जोड़े आसीस खातिर
चरन माथ नवाथे
कोरा म खेले जेखर लइका,
मीठ मीठ गुंज किलकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के....
हरियर लुगरा हरियर पोलखा
हरियर हाँथ मा धान हे
खेती डोली के साज सिंगारे
जोहर ललना किसान हे
हाँथ तुतारी खाँध मा नाँगर
बइला जस संगवारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...
अरपा पैरी महानदी के
लहरा मा सब तर जाथे
पीके पानी निर्मल गंगा
भुंइया हमर हरियाथे
चंपा चमेली महके जिंहा
सुघर सोभा फुलवारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...
सुआ करमा पंथी ददरिया
पंडवानी के राग हवय
थिरके थाप नंगारा के संग
सतरंगी रंग फाग हवय
ऊंच नीच ल जाने नाहीं
भरे भरे रंग पिचकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...
राजीम लोचन शिवरीनारायन
जग म मान बढ़ाए
बइठके जिंहा भाँचा राम
शबरी के बोईर खाए
भगति नवधा पावय जिंहा
रघवर राम उपकारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...
दुरगा दाई के पबरित डेरा
डोंगरगढ़ बमलाई
महामाई अंगारमोती संग
किंजरय बिलई माई
आस पुरोदे तै हो माता
तोषण असन पुजारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...
बीर नरायन गुंडाधुर जस
कतको बीर बलिदानी हे
पार नइ पावन अड़हा लइका
जेखर अमर कहानी हे
रही जियत ले खून म सबो के
फूंक अइसन चिंगारी के
छत्तीसगढ़ महातारी के...
**************
तोषण धनगंइहा
९६१७५८९६६७
लड़की:-
कहाँ लुकागे रे करिया तैहर
खोजँव किंजर किंजर के
लड़का:-
तोर निहोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के
लड़की:-
पथरा गेहे नैना मोरे
आके प्यास बुझादे
हो जावय अंग अंग हरियर
पानी पीरीतिया पियादे
मया के बदरा मोरो जिनगी मा
छावय घूमर घूमर के
तोर आगोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के
लड़का:-
तरसत हावँव महूं गुजरिया
पिया मिलन के आस मा
मोर जिया अब मोर नंइहे
हावय जेन तोर पास मा
भोला ल मनावँव मैहर
घेरी बेरी सुमर सुमर के
तोर आगोरा म नाँचत हावय
मनवा झूमर झूमर के
मैंह तोर दिल के राजा
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
मैंह तोर दिल के रानी
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
रिमझिम फूहार परे
एसो के सावन मा
नाँचत हे मयूरा रानी
हिरदे के आँगन मा
**************
जियरा अगोरत बइठे
आजा मोर बँइहा मा
झूलना झूलाहू तोला
मया के छँइहा मा
**************
हाय रे सतरंगी छैला
नंइ जाने पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो...
**************
तिही मोर दुख के साँथी
झनजा मोरले दूरिहा ना
आजा रे मोर मयारू
पीरीत के कुरिया मा
**************
जुरमिल रहिबो संगे
एक दूसर साँथ मा
राखे रहूँ जिनगी भर
हाँथे ल हाँथ मा
**************
मैंह तोर गीत गोरिया
तैह मोर संगीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो....
**************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
तोर बर पीरीत रे,मोर मन के मीत रे,
तोला मँय अगोरँव,आना तै बजार में।
तोर जस नंइ कोनों,रबो संग संग दुनों,
जोड़ी तोर मोरहावै,करोड़ हजार में।
झन छोड़ मोला जाबे,मोर सही कहाँ पाबे,
फूल मैं गुलाब अँव,गुल गुलजार में।
सावन मा नाचे मोर,हाय रे मयारू चोर,
दिल मोर हासे रोये,तोर ओ खुमार में।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
मैंह तोर दिल के राजा
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
मैंह तोर दिल के रानी
तैह मोर पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो
**************
रिमझिम फूहार परे
एसो के सावन मा
नाँचत हे मयूरा रानी
हिरदे के आँगन मा
**************
जियरा अगोरत बइठे
आजा मोर बँइहा मा
झूलना झूलाहू तोला
मया के छँइहा मा
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हाय रे सतरंगी छैला
नंइ जाने पीरीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो...
**************
तिही मोर दुख के साँथी
झनजा मोरले दूरिहा ना
आजा रे मोर मयारू
पीरीत के कुरिया मा
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जुरमिल रहिबो संगे
एक दूसर साँथ मा
राखे रहूँ जिनगी भर
हाँथे ल हाँथ मा
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मैंह तोर गीत गोरिया
तैह मोर संगीत हो
संग कभू छूटय नहीं
मोर मन के मीत हो....
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तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
पानी गिरत नंइहे मेंचका नरियात हे
बबा ह नाती ल कहनी सुनात हे
सोंचे बइठ चौपाल म का करय किसान
दुख के बादर हटे कब होही नवा बिहान
पानी ल देखत सबके आंखी खीझ गे
तन के पसीना बिन बादर के रीस गे
जावत हे अषाड़ अब पानी रितयागेहे
तरी तरी के घूना म जीवरा भुँजागेहे
भोला ले फरियाद हे एसो के सावन में
सब किसान खुश रहय पानी ल आवन दे
मन हर हरिया जही अब के हरेली में
एक मूठा ऊपरहा लूके बोरा भरबो पैली में
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
मोहनी सुरतिया तोरे ले डारे परान हो
का जादू डारे गोरी सिरतो ईमान हो
हिरदे के भीतरी मा तही ह समाये ना
तोर मुसकाई मोर जिया ललचाये ना
तिरछी नजरिया तोर लागे नयना बान हो
का जादू डारे ओ गोरी गउ सिरतो ईमान हो
****************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
नयना ह त़ोर कटार हे जइसे छुरी के धार हे
अंग अंग भिंझे तोर मया लागे मदरस के झार हे
झुलत रहिथे तोर चेहरा मोर आंखी के कोर मा
तोला बसाएंव मैंहा ओ मोर अंग के पोर पोर मा
झन तै जाबे छोड़के पगली मोला तै मझधार में
अंग अंग भिंझे तोर मया लागे मदरस के झार हे
**************
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
😢दगा म डारे करिया रे💐
-------------------------------
दगा म डारे करिया रे,
काबर हमला, दगा म डारे।
तोर अगोरा म रे करिया,
आँखी सबके तरसत हे।
का होगे रे ,ये करिया ल,
काबर वो नई बरसत हे।।
रुख राई अउ चिरई -चिरगुन,
तोला पूछे रे करिया,
नदिया -नरवा ,डबरा- डबरी,
तोला पूछे रे तरिया।।
दगा म डारे--
तोला देखत दिन पहागे,
बीतगे महीना आषाढ़ के।
अब तक दरशन होवे नई हे,
नरवा -नदियाँ म बाढ़ के।।
दगा म डारे----
सुन रे करिया,जब ते रोबे,
तभे तो दुनियाँ ह हाँसही।
तोर आँसू जब धरती म गिरही,
तभे तो दुनियाँ ह बाँचहि।।
दगा म डारे -----
तोर भरोसा म दुनियाँ हे,
हावय तोर बर बिस्वास रे।
अब तो बरस जा ,रे मोर करिया,
सबके बुझा दे प्यास रे।।
दगा म डारे ---
सुने हावंव तोर अछरा म,
कतको भरे हावय पानी।
तभे तो सब दुनियाँ कहिथे,
करिया तोला औघड़ दानी।।
दगा म डारे---
गरज चमक के ,अब तो करिया,
बरसा जा तेहा पानी।
नाचे, झूमें ये धरती ह,
खुश होवे सब ,जिनगानी।।
दगा म डारे-----
✒रचना
श्रवण कुमार साहू"प्रखर"
राजिम, गरियाबंद,(छ .ग.)
😢दगा म डारे करिया रे💐
-------------------------------
दगा म डारे करिया रे,
काबर हमला, दगा म डारे।
तोर अगोरा म रे करिया,
आँखी सबके तरसत हे।
का होगे रे ,ये करिया ल,
काबर वो नई बरसत हे।।
रुख राई अउ चिरई -चिरगुन,
तोला पूछे रे करिया,
नदिया -नरवा ,डबरा- डबरी,
तोला पूछे रे तरिया।।
दगा म डारे--
तोला देखत दिन पहागे,
बीतगे महीना आषाढ़ के।
अब तक दरशन होवे नई हे,
नरवा -नदियाँ म बाढ़ के।।
दगा म डारे----
सुन रे करिया,जब ते रोबे,
तभे तो दुनियाँ ह हाँसही।
तोर आँसू जब धरती म गिरही,
तभे तो दुनियाँ ह बाँचहि।।
दगा म डारे -----
तोर भरोसा म दुनियाँ हे,
हावय तोर बर बिस्वास रे।
अब तो बरस जा ,रे मोर करिया,
सबके बुझा दे प्यास रे।।
दगा म डारे ---
सुने हावंव तोर अछरा म,
कतको भरे हावय पानी।
तभे तो सब दुनियाँ कहिथे,
करिया तोला औघड़ दानी।।
दगा म डारे---
गरज चमक के ,अब तो करिया,
बरसा जा तेहा पानी।
नाचे, झूमें ये धरती ह,
खुश होवे सब ,जिनगानी।।
दगा म डारे-----
✒रचना
श्रवण कुमार साहू"प्रखर"
राजिम, गरियाबंद,(छ .ग.)
आवत नंइहे जोड़ी मोर होगे बतर के बेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा
खेत किसानी के चेत नंइहे कइसे तैं बिलमाये
नांगर बइला के हाल.नंइहे कोन ऐला समझाये
दिन बादर बरसात के धराय नंइहे पेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा
फूटे परे हे छानी परवा घर हवै बिन हाल के
होगे जइसे मोर जिंनगी बिन पाती जस डाल के
पानी बिन मछरी तड़पे खोजै अपन डेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा
पानी बिन जस धरती तरसै देखत बादर कोती
आजा 'तोषण' घर म तैहा गांव म हीरा मोती
कबले तैहा मारत रहिबे एती तेती के फेरा
कोन जनी अउ कोन मुड़ा डारे हावय डेरा
✒✒✒✒✒
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
बदरा रानी बदरा रानी
लेते आना भर भर पानी
बड़ी राह निहारत बैठे
झूम के नाचे मयुरा रानी
ऋतु सावन तुझे प्यारी
लगे धरती न्यारी न्यारी
सौंधी खुशबू मिट्टी की
है महके क्यारी क्यारी
अब ना तुम लगाओ देर
राह निहारत आंखें टेर
बरस अब कारे बदरा
समय बीते हो गयी ढेर
छाएगी मगन हरियाली
बात बोले कोयल काली
हो जगत सारा खुशहाल
जैसे सारी दुनिया पाली
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
29_06_19
आज मोर जनमदिन
पीपर पाना म लिखंव दिल के बात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
निचट तोर सुरता आथे सांझे बिहान हो
हो जाथे करेजा चानी सिरतो ईमान हो
नैना निहोरत बइठे होही मुलाकात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
चंदा जइसे तोर चेहरा चमके आगास म
चैन नंइहे दिल म गोरी रहिथे उदास म
निंदिया नंइ आवै बइरी होगे रात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
मोहनी खवाके तैहा मनवा ल रिझा डरे
पीरीत के पानी तोरे देहिंया ल भिंझा डरे
सावन बिन अब होही कइसे बरसात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
28_06_2019
आज मोर जनमदिन म एचठन नानकून रचना सादर समीक्षार्थ
पीपर पाना म लिखंव दिल के बात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
निचट तोर सुरता आथे सांझे बिहान हो
हो जाथे करेजा चानी सिरतो ईमान हो
नैना निहोरत बइठे होही मुलाकात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
चंदा जइसे तोर चेहरा चमके आगास म
चैन नंइहे दिल म गोरी रहिथे उदास म
निंदिया नंइ आवै बइरी होगे रात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
मोहनी खवाके तैहा मनवा ल रिझा डरे
पीरीत के पानी तोरे देहिंया ल भिंझा डरे
सावन बिन अब होही कइसे बरसात ना
कइसे कटे दिन मोरे कइसे कटे रात ना
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
28_06_2019
गोरी ओ तोर सुरता मा सावन कस नैना बरसे ना
दुरिहा मा हावस चंदा बरोबर हिरदे तोर बर तरसे ना
मया के रोग लगाके तै मोला ओ बिलमाये
आनी बानी के सपना देखाके कांहा तै भुलाये
भादो महिना के बदरा कस बिन पानी के गरजे ना
दुरिहा,,,,,,,,
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
गोरी ओ तोर सुरता मा सावन कस नैना बरसे ना
दुरिहा मा हावस चंदा बरोबर हिरदे तोर बर तरसे ना
मया के रोग लगाके तै मोला ओ बिलमाये
आनी बानी के सपना देखाके कांहा तै भुलाये
भादो महिना के बदरा कस बिन पानी के गरजे ना
दुरिहा,,,,,,,,
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
ये मोर संगवारी तोर जवाब नंइ हे।
रहिबो संग मिलके कोन्हों खाब नंइहे।
दिही मिसाल सब हमर मितानी के,
कखरो हमर जइसे रूआब नंइहे।
जिथन हमन एक दुसर ल देख के,
राखय कोन जेकर हिसाब नंइहे।
पढ़ही ज़माना अब दुनों के कहानी,
हमर मितानी कस किताब नंइहे।
रहिथन संग दुनों सुख अउ दुख म,
टोर दिही संग कोन्हों शबाब नंइहे।
तोर चेहरा म मन मोर मोहागे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना
फूल दसमत कस तोर रंग दमकत हे
चंदा बरोबर तोर चेहरा चमकत हे
रिगबिग जिंनगी म अंजोर आगे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना
खोपा के गजरा मोर आंखी के काजर
मया तोर बरसे जइसे करिया बादर
जुड़ पुरवइय्या कस छोर लागे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना
थाम मोर बंईहा तोला झूलना झूलाहूं
पीरीत के रंग म रानी तोला मैं रंगाहूं
फगूवा म कोयली के किलोर लागे ना
हिरदे म मया के हिलोर जागे ना
तोषण कुमार चुरेन्द्र
तोर पीरीत के बंधना गोरी कभू झन टूटय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय
मर जाहूं तोर बिना कहत हावंव आज
धर थोरि धीरज राजा दू दिन के बात
सपना म तोर चेहरा रात दिन झूलय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय
देख तोर चेहरा ल चंदा ह लजाए
धन होगे जिनगी तै मोर घर म आए
मया फूल बगिया म फूल मोंगरा फूलय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय
दूनो झन मिलके आ बसाबो मया कुरिया
फूल कस महकत हे हमर घरबुंदिया
हटे दुख बदरा सबो सुख झन रूठय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय
पीरीत के छंईहा म मैं राखिहंव तोला
तीही मोर महादेव तीही शंकर भोला
बिरह के जहर जोही कभू झन घूरय
हावय मोला किरिया छंईय्या संग नंइ छूटय
तोषण कुमार चुरेन्द्र
वाटसप अउ थोथनापोथी
रहिथे धियान तोर कोती
चिंता रहे सब मितान के
का भेजे हवय बिहान के
कोनो गुडमार्निग कहिथे
कतको झन सुते रहिथे
फोटू दिखथे आनी बानी
कते दादा कतको नानी
सही बात के शोर नंइहे
सबके दुख ल कोन कंइहे
का होवय अब संसार में
तोर मोर घर दुवार में
आवन सुख दुख ल बांटन
जंगल झारी लहुआ लाटन
सुमरन कलरव रामके
होवत बिहना सांझ के
//जय श्री राम जय श्री राधे//
तोषण कुमार चुरेन्द्र
एक छोटे से प्रयास समीक्षा सह आशीष की अपेक्षा...
लड़का:-
हिरदे के रानी लगे हावय बानी
तैहा आ जाबे ना
तैहा आ जाबे रानी मैं रहिहंव तरिया पार
तैहा आ जाबे ना
लड़की:-
खोपा के गजरा मोर आंखी के कजरा
मैंहा आ जाहूं ना
मैंहा आ जाहू राजा तै रहिबे तरिया पार
मैंहा आ जाहूं ना
लड़का:-
आमा ह मऊरे, कोयली ह मारे तान
बिना देखे तोला गुंइयां छूट जाही रे परान
तैहा आ जाबे ना
तैहा आ जाबे रानी मैं रहिहंव तरिया पार
तैहा आ जाबे ना
लड़की:-
गएंव रे पनिया,झूलाएंव डेरी हांथ
तोला हावय मोर किरिया,झन छोड़बे मोर सांथ
मैंहा आ जाहूं ना
मैंहा आ जाहूं राजा तै रहिबे तरिया पार
मैंहा आ जाहूं ना
लड़का:-
गरमी के दिन मा, पीयेला कोला ओ
काली आबे की नंइ आबे बतादे मोला ओ
तैहा आ जाबे ना
तैहा आ जाबे रानी मैं रहिहंव तरिया पार
तैहा आ जाबे ना
लड़की:-
राजिम मंदिर हे,सुग्घर तीरिथ
चरदुनिया नंइहे राजा,मोर ये पीरित
मैंहा आ जाहूं ना
मैंहा आ जाहूं राजा तै रहिबे तरिया पार
मैंहा आ जाहूं ना
लड़का:-हिरदे के रानी.....
लड़की:-खोपा के गजरा...
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
४९१७७१
९६१७५८९६६७
तोर डेहरी मा दुर्गा दाई
जमके भराथे मेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
फूल दसमत के चढ़ावंव
आरती तोर उतारंव मंय
टूटहा फूटहा भाखा ले दाई
गुण ल तोर गावंव मंय
पान सुपाड़ी धजा लेके
देवंव नरिहर के भेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
बड़े बड़े रीशि मुनि ल तारे
महूल थोरिक सहार दे दे
ये दुनिया म हवंंव दुखिया
अपनेच मया दुलार दे दे
जग के तैहर गुरूमाता दाई
अपन बनाले तैं चेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
आस पुराए सबके तैहर
मोरों आस पूराबे ओ
तोरेच लइका मैं हंव दाई
मोला झन भूलाबे ओ
अंगुरी धरके रेंगाले संगे
रही जावंव न अक्केला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
पूजा पाठ कुछु नंइ जानव
कोंदा लेड़गा तोषण अंव
बनीभूती सं तोर आशीष ले
सबला पालत पोसत हंव
सुख के बरसा करदे दाई
झन हो दुख के झमेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
९६१७५८९६६७
प्रदत्त शब्द-अनूठा, अनुपम,अनोखा,अजब
आधारित दोहा सादर अभिवादन के साथ संप्रेषित
1.
अनुपम तेरी है दशा , अनुपम तेरी रीत।
बिन तेरे दीदार से , कैसे होगी प्रीत।।
2.
प्रेम अनूठा जानिए , गढ़ता जो इतिहास।
मीरा तुलसी बन चलें , जीवन हो मधुमास।।
3.
अजब - गजब है प्रेम ये, हर लेती है प्राण।
मन को करता वश में , नैनों की ये बाण।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
प्रदत्त शब्द-अनूठा, अनुपम,अनोखा,अजब
आधारित दोहा सादर अभिवादन के साथ संप्रेषित
1.
अनुपम तेरी है दशा , अनुपम तेरी रीत।
बिन तेरे दीदार से , कैसे होगी प्रीत।।
2.
प्रेम अनूठा जानिए , गढ़ता जो इतिहास।
मीरा तुलसी बन चलें , जीवन हो मधुमास।।
3.
अजब - गजब है प्रेम ये, हर लेती है प्राण।
मन को करता वश में , नैनों की ये बाण।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
*बिरह गीत*
मोरले का अइसे गलती होगे भूला दिए मोर प्यार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।
सपना रिहिस तोला रानी बनाके मया के कुरिया बसातेंव।
जिनगी के मोर बगइचा मा मया के फूल खिलातेंव।
नंइ सके अब सकंव रे रानी तोर बिरहा के मार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।
घेरे रहिथे मोला दुख के बादर सुरता तोर रोवाथे।
बरसा बरोबर झरथे रे आंसू बइरी मोला सताथे।
कब तै आबे मोर तीर जोही जोहत रहिथंव तरिया पार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।
बइहा बनाके कहां भूलागेस किंजरंव नंदिया के छोर मा।
झूलत रहिथे तोरेच चेहरा मोर आंखी के कोर मा
तरसे 'तोषण' आजा 'खुशी' तैं पाए बर दीदार ला।
बिन बांती के दिया बरोबर करदेस मोर संसार ला।
रचनाकार
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
पिन ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७
*नवा बरस के नवा सुरूज के नवा सतरंगी किरण के संगे संग तोषण कुमार चुरेन्द्र के डहर ले नवा बरस २०१९ के गाड़ा गाड़ा बधई अउ शुभकामना...*
🍃🍂🍁🌾🌹🥀🌺🌸🌼
*नवा बरस के नवा गोठ।*
*सियान मन कहिथे पोठ।*
*लगथे सुनें मा नानचुन,*
*समझे मा बड़का रोंठ।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*नवा बरस म कुछ नवा होय।*
*गोठियाय म कुछू नंइ होय।*
*मन लगाके करम करव,*
*तब नवा अंजोर कहीं होय।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*चिल्ला चिल्ला के काहत हावय।*
*नवा साल बड़ मनावत हावय।*
*कांटत हावय कुकरा बोकरा,*
*पी पी के बड़ मेछरावत हावय।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*पाछू साल ले कुछू सीख लेवव।*
*सोच बिचार बढ़िहा नीक लेवव।*
*अवईया पीढ़ी सलामत रहय,*
*अईसन जोरदरहा सीख देवव।।*
🌷🌻🌼🌺🥀🌾🍁💐🍃
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
*९६१७५८९६६७*
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*कपट कुटिल की चाल है,पिटता बिरथा ज्ञान।*
*बढ़ता देखे और को,खींचे अलग कमान।।*
*आया देखा साब को,बजा ताल से ताल।*
*तोषण बदले राह अब,देख गैर की चाल।*
*देखा हमने आज भी,व्यापित अवसर वाद।*
*खुद ही करने लग गये,लेकर माइक नाद।।*
करें ऐसा काम कि नई पहचान मिल सके।
सफलता का शिखर नया सोपान मिल सके।
नवनिर्माण के पथ पर सब बढ़ते जाएँ नित,
आने वाले कल को नया जहान मिल सके।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
फूल चुनने की कोशिश में काँटो से लड़ना पड़ेगा।
लड़खड़ाते हुए भी पथरीली राहों पे चलना पड़ेगा।
बनना है अगर जहान में नव कुन्दन सा ऐ तोषण,
दहकती अंगार पर हरदिन हरपल जलना पड़ेगा।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
मया के कारी बदरा छाए,रिमझिम बरसय पानी
होगेंव दिवाना तोर मया म होगे दिल चानी चानी
ते आजा सजनी मोर संग ना
बोली ले झरथे मया के फूलवा,अंग अंग ल महकाथे
सर सर बोहिथे पवन झकोरा,मनवा मोर लहराथे
तोर बिना रे कारी कोयलिया
सुन्ना मोर जिनगानी
होगेंव दिवाना..........
तरसत रहिथंव तोर मया बर,कांही मोला नंइ भावय
तोर बिरह के पीरा रे जोही,रही रही मोला सतावय
तोर बिना जीए नंइ सकंव,लगेहे मोला बानी
होगेंव दिवाना.......
आजा गोरी तोला बलावंव,सुनले मोरो गोहार ला
झन तंँय तरसा मोर जिवरा ल,समझलेबे मोरो प्यार ला
तोर मया के मंँय हँव राजा,मोर मया के तँय रानी
होगेंव दिवाना.......
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
सुरता हा आथे तोर, आरो ले ले मोर।
तोर मया म होगेंव दीवाना, धीरज नँइहे थोर।।
सुरता.....
कोन जनी का रोग हमावय,खवई पियई कछु नँई भावय।
तोर मया के बदरा बैरी,रही रही आँखी म छावय।।
मोर हिरदे के भीतरी, झुले चंदा चेहरा तोर....
सुरता.....
कोयली सही तोर बोली,मन ल मोर भावय ना।
बिना तोला देखे गोरी,रहय नँई तो जावय ना।।
जिनगी मा आके तैहा,करदे जग अंजोर....
सुरता....
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
शुभ बिहान
संगी मत वाला हरव,करलव मत के दान।
सोच समझ नेता चुनव,लाही नवा बिहान।।
कीमत समझव वोट के,बनथे जी सरकार।
जावव दव मतदान सब,होवय झिन बेकार।।
नेता मन के छाँट लव,देवव सबझन वोट।
हक के खातिर मिल चलव,झन लेवव गा नोट।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
*तुलसी बिहाव के ऊपर दोहा तोषण के*
जनम धरे शिव तेज ले,हवय जलन्धर नाँव।
थर-थर काँपय देवता,भागय डरके गाँव।।
बड़भगमानी हे सती,बिन्दा जेकर नाँव।
बरन करय जलन्धर के,सुघ्घर परके पाँव।।
बढ़थे अत्याचार जब,देव करय गोहार।
महादेव भोले करव,दानव के खोहार।।
लड़त लड़त जलन्धर ले,शंखर मानय हार।
जाके हरि के तीर मा,कहय जी समाचार।।
मानय बतिया देव के,हरि होगे तइयार।
बिन्दा के सत भंग बर,चलिस हवय जी द्वार।।
होवय बिन्दा अपबरित,मरय जलन्धर आज।
सतबल ले हे जानलिस,रमारमन के राज।।
होवय शापित जब बिसनु, बनगे सालीग्राम।
होगे बिन्दा अब अमर,धरके तुलसी नाम।।
रचना तोषण के हरे,अमर कथा के सार।
भूलचूक ला दव छमा,करदव मोला पार।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667
*कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप सभी को बधाईयांँ व ढेर सारी शुभकामनाएँ*
*कृष्ण जन्माष्टमी पर तोषण के आठ दोहे*
नमन करूँ नटवर को,है जो चित के चोर!
माखन जिनका भोग प्रिय,मुकुट पंख है मोर!!१!!
पुण्य दिवस है आज ये,करलो मंगल गान!
देने गीता ज्ञान को,जनम लिए भगवान!!२!!
नंदलाल के घर चले,मध्य रात भगवान!
जन्में कारागार में,देवकी वसु महान!!३!!
गिरवर नटवर नाम है,वासु देवकी लाल!
मीरा राधा है प्रेयसी,है काली के काल!!४!!
देख मित्र के पाँव को,बहे नयन से धार!
मुट्ठी चावल तीन के,दिया बड़ा उपहार!!५!!
रथ हाँके बन सारथी,जरा नही अभिमान!
समरभूमि के बीच में, देते गीता ज्ञान!!६!!
आजा मेरे फिर प्रभो,रख दो सबकी लाज!
भारत माता रो रही,द्रवित होकर आज!!७!!
सुख शांति चहुँ ओर हो,बहे प्रेम की धार!
तोषण की अर्जी सुनो,जरा करो उपकार!!८!!
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...