सोमवार, 27 मार्च 2017

प्रेम मिलन...

काबर तै सपना देखाथस
काबर तै सपना देखाथस
काबर तै जीव ल जलाथस
छाती म मारे गोली ओ संवरेगी जोही....
जिनगी म करदे अंजोर...हो...


सुरता हर तोर रानी जब जब मोला आथे
मन बइहा किंजरत रहिथे हिरदे चानी हो जाथे
कोयली कस तै कुकुवाथस
काबर मोला तरसाथस
मया म भरदे झोली ओ संवरेगी जोही....
जिनगी म करदे अंजोर...हो...
अभी जारी हे.........

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