गुरुवार, 30 मार्च 2017

मोहब्बत...

सिला  भी  हमें  अज़ीब मिला  तेरी मोहब्बत का
दागदार नही हम लगाओ न इल्ज़ाम तोहम्मत का
गुनाह किये  जो तुमसे  इकरार कर बैठे "तोषण"
होठों पे आता नहीं अब नाम कभी  मोहब्बत का
तोषण कुमार चुरेन्द्र

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