आपसे ही पाया हमने दे रहे हैं आपको
नही कुछ है पास जो दे सके हैं आपको
यादें सिर्फ है पास मेरे उन बीते लम्हो की
आते हैं याद आप याद मैं आऊँ आपको
तोषण कुमार चुरेन्द्र
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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