शुक्रवार, 31 मार्च 2017

राम राम...

राम राम जी संगीं हो,लेव राम के नांव..
काज बने गा भोर के,महूं परत हंव पांव...

हांथ जोड़ के विनय हे ,धरंव चरन मा सीस..
मोर सदा मन लगे रत,परम पिता जगदीस...

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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राम नाम

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