बुधवार, 26 अप्रैल 2017

फना...

फना... होने चले हम....उनके प्यार पर
मजाक...ना उड़ाना कभी..इस हार पर
दो साहिलों को...जोड़ा है. हमने तोषण
दूर जो रहे जमाने से कभी मझधार पर
तोषण कुमार चुरेन्द्र

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