कोसिस कर गढ़ना गढ़़ हमु मनला बढ़ा तंहूँ बढ़
########################
करले जोरा जाय के, भजले तैहा राम।
काया माया सब रही, पाले तै विसराम।।
@@@@@@@@@@@@@@@@@
ध्येय सबन के एक हो, पावव सबले ग्यान।
ग्यान बटत हे रोज के,आवव करलव पान ।।
#########################
तोषण कुमार चुरेन्द्र
बुधवार, 26 अप्रैल 2017
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
राम नाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
-
"पाँच बातें " पाठ - 14 "पाँच बातें " कक्षा - 4 1- हर एक काम इमानदारी से करो ! 2- जो भी तुम्हारा भला करे, उसका कह...
-
एक सिपाही सीमा मे डटे हे ।अइसन देवारी तिहार म । त मन म का बिचारत हे। का काहत हे आवव देखन ।कविता के चार लाइन हमर देस के जवान मन बर सादर समर...
-
चंडिका में लघु प्रयत्न मात्रा भार १३-१३ ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ भारत मेरा देश है, अलग यहाँ का वेश है। ऋषि मुनियों की ये धरा...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें