गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

फना

लग गई नजर किसकी,बसंत बहार पर/
गुल नहीं कंटक खिलती,अब गुलजार पर/
बंद करें युद्ध लड़ना,अमन रहे जमीं
कर फना जनम अपना,पुनित संसार  पर

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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