शनिवार, 31 अगस्त 2019

ईश वंदना

*ईश वंदना*



बम बम बोल बम,
    खींचे गांजा एक दम,
       अंग में भभूति सोहे,
           दूज चंदा माथ में।

हिमाले पे डेरा रहे,
    गल नाग फेरा रहे,
          वामंग बिराजे सती,
               गणपति साथ में।

हलाहल पीने वाले,
   परहित जीने वाले,
        नीलकंठ बन गये,
            विष लिए हाथ में।

तेरी लीला न्यारी लागे,
    जग हितकारी लागे,
         मेरी नाव पार करो,
              खड़ा मैं हूँ बाट में।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...