*ईश वंदना*
बम बम बोल बम,
खींचे गांजा एक दम,
अंग में भभूति सोहे,
दूज चंदा माथ में।
खींचे गांजा एक दम,
अंग में भभूति सोहे,
दूज चंदा माथ में।
हिमाले पे डेरा रहे,
गल नाग फेरा रहे,
वामंग बिराजे सती,
गणपति साथ में।
वामंग बिराजे सती,
गणपति साथ में।
हलाहल पीने वाले,
परहित जीने वाले,
नीलकंठ बन गये,
विष लिए हाथ में।
परहित जीने वाले,
नीलकंठ बन गये,
विष लिए हाथ में।
तेरी लीला न्यारी लागे,
जग हितकारी लागे,
मेरी नाव पार करो,
खड़ा मैं हूँ बाट में।
मेरी नाव पार करो,
खड़ा मैं हूँ बाट में।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"
"धनगंइहा"

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