चलो संगी जाबो सब
भोले के द्वार हो
चरण मा मिलथे जेखर
सारा संसार हो
सगरो चराचर के
जीव ल बचाये
पान करे घोर हलाहल
नीलकंठ कहाये
मिल जुल देवता करे
जय जयकार हो...
अंग भभूति चुपरे
पहिरे बघवा छाल तै
कालों के काल भोले
जय महाकाल तै
शरन मा तोर आएँव
दे दे दुलार हो....
रीषि मुनि देवता धामी
रात दिन तोला ध्यावे
पूरा करे कामना तै
आशीष तोर पावे
नंइया हे मझधार मोरो
करदे तही पार हो....
तोषन धनगंइहा
डौंडी लोहारा
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