शुक्रवार, 30 अगस्त 2019

सरगम



सरगम तेरी पायल की मेरे मन की बोल
गीत मिलन की छेड़ दे हिया के पट खोल


छम छम वन में नाचती देखते ही बादल मोर
सावन की पुरवाई बाँधे तुझ संग प्रीत की डोर
आजा बसंत बहार में ले कोयल की बोल....


मेरे मन की गजगामिनी मैं हूँ तेरा चितचोर
मिल जाए एक झलक देखूँ तुझे जो भोर
मेरे हिय के प्रेम को प्रेम तुला से अब तोल....


तोषण कुमार चुरेन्द्र
'धनगंइहा'

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