"भइय्या बर बहिनी के राखी ह छुटगे
दाई ददा के डेहरी ले दीया ह बुझगे।
मोर भारत माता के अचरा खातिर
मंगल भगत खुदी फांसी म झुलगे।।"
-------------------------------------
चलव संगी चलव जवान, देश के गुन ल गाबो
मोर सोन चिरइय्या भारत के, चरन म मांथ नवाबो
●
आजादी के खातिर कतको,अमर जवान बलिदान होईंन
बहिनी अपन भाई ल खोए,महतारी बेटा बर रोईन
याद करन ऊँखर कुरबानी,अश्रु के धार बोहाबो
सोन चिरइय्या भारत के चरन म मांथ नवाबो
●
भारत माता के आन खातिर, छाती म झेलिन हे गोली
सदा बढ़िन आघू मग म, नित खेलिन खून के होली
अइसन शहीद के सुरता म, दीया अखंड जलाबो
सोन चिरइय्या भारत के चरन म मांथ नवाबो
●
सबझन मिलके रहिबो संगी, एक सूँत मा बंधाके
चलबो कदम ले कदम मिलाके, मया पीरीत ल बसाके
आज खुसी ले झूमव नांचव, आजादी जसन मनाबो
सोन चिरइय्या भारत के चरन म मांथ नवाबो
●
आज पन्दरा अगस्त के दिन, देस अजादी पाईस हे
ये दिन ल हम कइसे भुलाबो, तिरंगा लहराईस हे
आवव सबझन एक जुरिया के, आजाद गीत ल गाबो
सोन चिरइय्या भारत के चरन म मांथ नवाबो
●
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
तोषन धनगंइहा
डौंडीलोहारा बालोद छत्तीसगढ़
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें