माँगत माँगत बीतगे,मोर सुबे ले शाम।
वोट मिले मोला कहीं,कर लेहूँ आराम।।
कर लेहूँ आराम,पाँव बड़ मोर पिरागे।
खसकत हावे नोट,मोर पनही घलो घिसागे।।
मिलही कतका वोट,गुनँव मैं जागत जागत।
रेगँव खोरे खोर,वोट मै माँगत माँगत।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा
डौंडी लोहारा बालोद छत्तीसगढ़
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