समीक्षार्थ
एक प्रयास प्रदत्त शब्दांतक्षरी पर
[13/12, 8:49 pm] Toshan:
भूल नहीं इतिहास को,मिलती जिनसे राह।
मिलती जिससे प्रेरणा,सागर भरे अथाह।।
[13/12, 8:53 pm] Toshan:
उपासना श्री राम की,कर लेता दिन रैन।
कट जाता शुभ शाम ये,चित को मिलता चैन।।
[13/12, 9:03 pm] Toshan:
बनकर दानव मत करो,रावण जस अट्हास।
हो सकता है दिन कभी,अपना भी परिहास।।
[13/12, 9:06 pm] Toshan:
आकर इस संसार में,भटक गया इंसान।
भूला बैठा नेक को,मन रखकर अभिमान।।
[13/12, 9:08 pm] Toshan:
रोज नई किरणों संग,लेकर आता धूप।
वंदन बारम्बार है, हे दिनपति सुरभूप।।
[13/12, 9:10 pm] Toshan:
समय बड़ा बलवान है,बदले सबकी चाल।
पल में हँसता आदमी,पल में रोता हाल।।
[13/12, 9:14 pm] Toshan:
सच्चा रखलो आचरण,बनकर मानव मीत।
देना लेना नित प्रीत को,यही जगत की रीत।।
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