शनिवार, 14 दिसंबर 2019

अंत्याक्षरी

समीक्षार्थ 
एक प्रयास प्रदत्त शब्दांतक्षरी पर

[13/12, 8:49 pm] Toshan:

 भूल नहीं इतिहास को,मिलती जिनसे राह।
मिलती जिससे प्रेरणा,सागर भरे अथाह।।

[13/12, 8:53 pm] Toshan:

 उपासना श्री राम की,कर लेता दिन  रैन।
कट जाता शुभ शाम ये,चित को मिलता चैन।।

[13/12, 9:03 pm] Toshan:

 बनकर दानव मत करो,रावण जस अट्हास।
हो सकता है दिन कभी,अपना भी परिहास।।

[13/12, 9:06 pm] Toshan:

 आकर इस संसार में,भटक गया इंसान।
भूला बैठा नेक को,मन रखकर अभिमान।।

[13/12, 9:08 pm] Toshan:

 रोज नई किरणों संग,लेकर आता धूप।
वंदन बारम्बार है, हे दिनपति सुरभूप।।

[13/12, 9:10 pm] Toshan:

 समय बड़ा बलवान है,बदले सबकी चाल।
पल में हँसता आदमी,पल में रोता हाल।।

[13/12, 9:14 pm] Toshan:

 सच्चा रखलो आचरण,बनकर मानव मीत।
देना लेना नित प्रीत को,यही जगत की रीत।।

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