बुधवार, 11 दिसंबर 2019

पवन प्रभाती

१०/१२/१९
*सुप्रभातम्*
पवन प्रभाती शुभ घड़ी,चिड़िया करती शोर।
दिनकर का है आगमन,नित प्रतिदिन की भोर।।
नित प्रतिदिन की भोर,नया हो जीवन अपना।
रघुवर का है साथ,सदा ही उनको जपना।।
कह तोषन कविराज,किरण है प्रतिपल आती।
देने नव संदेश,घड़ी शुभ पवन प्रभाती।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

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