छंद :-उल्लाला/चंद्रमणि
विषय :-कोरोना
दिनाँक:-१०/४/२०
मात्रा १३/१३
प्रत्येक चरण अंत लगु
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कोरोना के डर नहीं, मन के अपने चाल हे।
आय चीन ले घूम के,बनके सँउहत काल हे।
सरदी खँस्सी भेद हे,बात यहू तै जान ले।
दुरिहा दुरिहा बइठके,मुखिया भाखा मान ले।
गरगस्सा सब चानके,ठुकठुक लूके लेगही।
खुसरे राहव भीतरी,लउठी वाला देखही।
नीति नियम ला ध्यान दव,पालन करिहव संघरा।
अभी थोरकन माढ़ लव,पाछू नाचू भंगरा।
बात मान दिनकर कथे,सूझ बूझ ले काम लव।
कोरोना तै भाग जा,मिलके सबझन इहि कहव।
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-तोषण दिनकर
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