*दोहा गजल*
राग द्वेष सब छोड़कर, जाप करो श्री राम।
आशा पूरन नित करे,बनते बिगड़े काम।
पूरा करते काज को,सदा करे कल्याण,
भगत हुये हनुमान जी, करे भजन निष्काम।1।
राम राम तुलसी जपे,रचा नया इतिहास,
अंतिम अवसर में मिला, प्रभु चरण सुखधाम।2।
हे मानव अब जाग जा,गहरी निद्रा त्याग,
ध्यान करो श्री राम को,अद्भुत मिले विश्राम।3।
धनुष बाण करतल सजे,मुख पर है मुस्कान,
हाथ जोड़ 'दिनकर' खड़ा,शत शत करे प्रणाम।4।
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