विधा:- चौपाई
दिनाँक:-९/४/२०
विषय :-जय हनुमान
मैं तोषण दिनकर हनुमाना।
बन सेवक रघुवर गुण गाना।
मात पिता का हूँ अनुयायी।
राम भजन नित मुझको भायी।
जनम धरूँ मैं भारत धरती।
मात अंजनी राह निहरती।
अरूँ राम सुग्रीव मिलाऊँ।
मातु सिया के पता लगाऊँ।
सौ योजन मैं पार लगाऊँ।
सब देवों को माथ नँवाऊँ।
जाके लंका डंक बजाऊँ।
सोना लंका आग लगाऊँ।
मैं वाटिका अशोक उजारूँ।
जय जय जय श्री राम उचारूँ।
मात सिया को मुँदरी देता।
समाचार सुख दुख की लेता।
प्रभु राघव को हाल सुनाता।
सेतु बंध निर्माण कराता।
राम लखन लंका ले जाकर।
कुल दशकंधर संग मिटाकर।
अवध जानकी माता लाऊँ।
राम राज का ढोल बजाऊँ।
रघुपति राघव राजा गाऊँ।
मैं दिनकर नित माथ नवाऊँ।
-तोषण दिनकर
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