सोमवार, 16 मई 2016

लिख


सावन की पहली रिमझिम बरसात लिख।
 होती रहे इश्क़ की बातें वो दिन-रात लिख।

ना रहे कोई इश्क़ भरे जाम से अनछुआ
समाया दिल में सबके हर वो जज्बात लिख।

 पूनम की रात लिख हुई जो बात लिख।
भूला ना पाए कोई ऐसी मुलाकात लिख।

खोकर पा जाऊँ जहाँ मे मुराद अपनी
दिल की कलम से अपनी वो कायनात लिख।

हर पतझड़ मौसम को खूबसूरत मधुमास लिख।
 बेगाना हूँ इस जहाँ में सबकी नजरों से "तोषण"

हर किसी को मेरी दुनिया में खासम खास लिख।
 #आचार्यतोषण#

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