सोमवार, 16 मई 2016

TOSHAN KI JUBANI

जाहू मै छोड़ जग ला संगी, रही जही मोर कविता।
गंगा जमना कस बोहत रही,बनके अमर सरिता।
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 जिंदगी में कभी गुमां न करना "तोषण"
मिट्टी से बना है मिट्टी में जा मिलेगा।
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                                #आचार्यतोषण

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