सोमवार, 16 मई 2016

लक्ष्य

लक्ष्य साध कर रूकना नही बढते रहना आगे
 ध्रुव प्रहलाद के लक्ष्य आगे हारे खुद भगवान भी।

 लक्ष्य की बुनियाद हो साहब मजबूत हो इतनी
हिला ना पाए तुझे कभी आंधी और तूफान भी।

बाधा चीर पार कर मझधार फंसे नाव की तरह
देखता रह जाए साहस धरती और आसमान भी।

विश्वास का दीपक मन में सदा जलाकर रखना
जल जाए देखकर तुझे राह मे आते शैतान भी।

सूरज बन उजाला बांटते रहना अम्बर पे "तोषण"
फक्र करे तुझपे जहाँ मे इंसानियत और इंसान भी।
                                                     #आचार्यतोषण

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