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छत्तीसगढ़ी सेवा गीत
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जंवारा देखेके लागे साद मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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कामे आये बिसनु देवा कामे आये शंखर --२
कामे आये शंखर मइय्या--२
कामे आये हनुमाने मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद माय
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गरुड़ म आये बिसनु देवा बइला म शंखर आये--२
बइला म शंखर आये मइय्या-२
उड़त आये हनुमाने मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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का धर आये बिसनु देवा का धर आये शंखर --२
का धर आये शंखर मइय्या--२
का धर आये हनुमाने मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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शंख धर आये बिसनु देवा डमरू धर आये शंखर--२
गदा धर आये हनुमाने हो मइय्या--२
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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जंवारा देखेके लागे साद मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद माय
बोल दुरगा मइय्या की जय
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*रचना* आचार्य तोषण
गांव -धनगांव डौंडीलोहारा
जिला-बालोद छत्तीसगढ़
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चरैवेति की कामना हृदय में बसा कर रखना।
प्राप्ति होगी इक दिन लक्ष्य सजा कर रखना।।
डगमगाने देना ना कभी अपना दृढसंकल्प
नई कल्पनाओं खातिर कलम रजा कर रखना।।
आचार्य तोषण
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धरम ईमान सब नंदात हे
सिधवा के मुड़ी कटात हे
बनगेहे इहाँ भाई हर बैरी
देख हिरदे मोर पिरात है।
%%%%%%%%%%%%%%%%%
हे दाई दुरगा मोर अरजिया एसो कर देबे पुरा ।
झन होय कोनो बैरी दुसमन सपना सबके होवय पूरा।
जंवारा देखेके लागे साद मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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कामे आये बिसनु देवा कामे आये शंखर --२
कामे आये शंखर मइय्या--२
कामे आये हनुमाने मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद माय
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गरुड़ म आये बिसनु देवा बइला म शंखर आये--२
बइला म शंखर आये मइय्या-२
उड़त आये हनुमाने मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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का धर आये बिसनु देवा का धर आये शंखर --२
का धर आये शंखर मइय्या--२
का धर आये हनुमाने मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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शंख धर आये बिसनु देवा डमरू धर आये शंखर--२
गदा धर आये हनुमाने हो मइय्या--२
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
मोर पंडो राजा जंवारा देखेके लागे साद हो माय
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जंवारा देखेके लागे साद मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद हो माय मोर पंडो राजा
जंवारा देखेके लागे साद माय
बोल दुरगा मइय्या की जय
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*रचना* आचार्य तोषण
गांव -धनगांव डौंडीलोहारा
जिला-बालोद छत्तीसगढ़
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चरैवेति की कामना हृदय में बसा कर रखना।
प्राप्ति होगी इक दिन लक्ष्य सजा कर रखना।।
डगमगाने देना ना कभी अपना दृढसंकल्प
नई कल्पनाओं खातिर कलम रजा कर रखना।।
आचार्य तोषण
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धरम ईमान सब नंदात हे
सिधवा के मुड़ी कटात हे
बनगेहे इहाँ भाई हर बैरी
देख हिरदे मोर पिरात है।
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हे दाई दुरगा मोर अरजिया एसो कर देबे पुरा ।
झन होय कोनो बैरी दुसमन सपना सबके होवय पूरा।
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